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पपीते में ‘घुसेड़ा मोबाइल’, मंजन के ‘डिब्बे में गांजा’, आगे की दास्तान कर देगी हैरान
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 15 Dec 2016 12:51 AM IST
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पपीते में मोबाइल रखकर बंदी से मिलने वाले को दबोचा
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पपीते में मोबाइल घुसेड़कर और मंजन के डिब्बे में गांजा भरके इटावा जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी से मिलने पहुंचे उसके साथी को बंदी रक्षकों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इस चौकसी से जेल के अंदर मोबाइल जाने की ‘स्टाइल’ अब सबको पता लग गई है।
औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव पचा का पुरवा निवासी राजेंद्र सिंह पुत्र राम नारायण हत्या के एक मामले में इटावा जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। बुधवार को उसका साला संतोष कुमार पुत्र अमर सिंह निवासी चमरौआ थाना दिबियापुर उससे मिलने आया। संतोष ने पपीता खरीदा और उसमें एक मोबाइल छुपाकर रख लिया। उसने दंत मंजन की डिब्बी में गांजा भर लिया। जेल में गेट पर जब बंदी रक्षकों ने उसकी तलाशी ली तो उन्हें कुछ शक हुआ। जब बंदी रक्षकों ने पपीते को काटकर देखा तो उसमें मोबाइल निकला। बंदी रक्षकों ने इसकी जानकारी जेल अधीक्षक उमेश सिंह व जेलर मुकेश कटियार को दी। दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और उसके सामान की चेकिंग की। दंत मंजन की डिब्बी में गांजा मिलने पर जानकारी सिविल लाइन थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और संतोष को हिरासत में ले लिया। जेलर मुकेश कटियार की तहरीर पर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। जेल अधीक्षक उमेश सिंह ने बताया कि बंदी रक्षकों की सतर्कता ने मोबाइल ले जाने वाले संतोष को पकड़ा जा सका।
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औरैया जिले के दिबियापुर थाना क्षेत्र के गांव पचा का पुरवा निवासी राजेंद्र सिंह पुत्र राम नारायण हत्या के एक मामले में इटावा जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। बुधवार को उसका साला संतोष कुमार पुत्र अमर सिंह निवासी चमरौआ थाना दिबियापुर उससे मिलने आया। संतोष ने पपीता खरीदा और उसमें एक मोबाइल छुपाकर रख लिया। उसने दंत मंजन की डिब्बी में गांजा भर लिया। जेल में गेट पर जब बंदी रक्षकों ने उसकी तलाशी ली तो उन्हें कुछ शक हुआ। जब बंदी रक्षकों ने पपीते को काटकर देखा तो उसमें मोबाइल निकला। बंदी रक्षकों ने इसकी जानकारी जेल अधीक्षक उमेश सिंह व जेलर मुकेश कटियार को दी। दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और उसके सामान की चेकिंग की। दंत मंजन की डिब्बी में गांजा मिलने पर जानकारी सिविल लाइन थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और संतोष को हिरासत में ले लिया। जेलर मुकेश कटियार की तहरीर पर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। जेल अधीक्षक उमेश सिंह ने बताया कि बंदी रक्षकों की सतर्कता ने मोबाइल ले जाने वाले संतोष को पकड़ा जा सका।
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