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बहू को जलाकर मारने में मां-बेटों को उम्रकैद

Wed, 24 Feb 2016 01:30 AM IST
अमर उजाला, ब्यूरो
अमर उजाला, ब्यूरो Updated Wed, 24 Feb 2016 01:30 AM IST
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Mother and son will live in prison whole life
जिला एवं सत्र न्यायालय की एडीजे-10 विष्णु चंद्र वैश्य की अदालत ने मंगलवार को बहू को जलाकर मारने वाली सास और उसके चार बेटों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। सभी पर 11,500-11,500 रुपये का जुर्माना भी ठोका गया है।
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सभी चकेरी थानाक्षेत्र के वाजिदपुर के रहने वाले हैं। सजा सुनाने में मृत्यु से पहले मजिस्ट्रेट को दिया गया रामदेवी का बयान महत्वपूर्ण रहा है। सरकारी अधिवक्ता राजेश्वर तिवारी ने बताया कि चकेरी थाना क्षेत्र के वाजिदपुर निवासी दिनेश कुमार का अपनी मां और भाइयोें से जमीन-जायदाद का विवाद था।
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22 फरवरी 2009 को शाम 4:30 बजे विवाद हुआ और दिनेश कुमार थाने जाने की बात कहकर घर से निकल गया। इसके बाद दिनेश की मां मेंहदा, भाई बृजेश, संतोष, विनोद और संजय ने उसकी पत्नी रामदेवी को दबोच लिया। मिट्टी का तेल डाला और आग लगा दी।
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इसके बाद रामदेवी को उर्सला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। चकेरी पुलिस ने मामला दर्ज किया और तत्कालीन एसडीएम सदर समीर वर्मा ने आग से झुलसी रामदेवी का बयान दर्ज किया। रामदेवी ने बयान देकर कहा था कि देवर संजय और बूजेश ने शरीर पर मिट्टी का तेल डाला था।

विनोद और संतोष ने कहा माचिस जलाकर आग लगा दो देख लेंगे। फिर सास मेंहदा ने माचिस जलाकर आग लगा दी। बयान देने के बाद 2 मार्च 2009 को रामदेवी की उर्सला में ही मृत्यु हो गई थी। इसी मामले में अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया।

ट्रिपल मर्डर में आजीवन  कारावास
ट्रिपल मर्डर में जज फरीदुल हक की अदालत ने मंगलवार को आलमपुर गाजियाबाद के राजेंद्र ठाकुर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में महामाया नगर हाथरस के राज कुमार उर्फ बिल्ला को बरी कर दिया गया है। 

सरकारी अधिवक्ता सरला गुप्ता ने बताया कि 7 जनवरी 2005 को रेनूकूट के हिंडाल्को कंपनी से एक बड़ा ट्रक अल्युमिनियम की 11 शीटें लादकर निकला था। इसकी कीमत 20 लाख रुपये थी। ट्रक में दो ड्राइवर (बाल गोविंद और राजेंद्र सिंह) और क्लीनर राम मनोरथ (तीनों सुल्तानपुर) के निवासी थे।


कानपुर नगर के महाराजपुर थानाक्षेत्र के जज साहब ढाबा पर ट्रक रुका था। इसके बाद दोनों ड्राइवर और क्लीनर लापता हो गए थे। इस पर ट्रक कंपनी के मालिक मनीष धींगरा ने कंपनी के कर्मचारी राम औतार शर्मा और सोहन लाल वर्मा को ड्राइवरों की तलाश के लिए भेजा था।

10 और 11 फरवरी के बीच महाराजपुर थानाक्षेत्र में तीनों के शव मिले थे।
इस घटना की रिपोर्ट ट्रक मालिक ने महाराजपुर में खिलाई गई थी। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद राजेंद्र ठाकुर को उम्रकैद और जुर्माना की सजा सुनाई।
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