{"_id":"5f7aa0ad7bf6ef14313354b4","slug":"girl-hurt-by-hathras-incident-created-a-heart-wrenching-painting","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Hathras Case: हाथरस की घटना से आहत छात्रा ने बनाई दिल को झकझोरने वाली पेंटिंग, समाज को आईना दिखाने की एक कोशिश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
Hathras Case: हाथरस की घटना से आहत छात्रा ने बनाई दिल को झकझोरने वाली पेंटिंग, समाज को आईना दिखाने की एक कोशिश
Mon, 05 Oct 2020 12:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 05 Oct 2020 12:00 PM IST
विज्ञापन
छात्रा ने बनाई दिल को झकझोरने वाली पेंटिंग
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Hathras News: एक बार मोमबत्ती की जगह दुष्कर्मी को जलाकर देखो शायद दुष्कर्म की घटनाएं कम हो जाए हर बार बेटियां ही जले जरूरी तो नहीं। हर एक की सोच बदलेगी तभी जमाना बदलेगा। वर्ना हर रोज किसी पीड़िता का नाम अखबारों में निकलेगा। उक्त उद्गार एक पेंटिंग के जरिये व्यक्त करते हुए मल्हौसी गांव निवासी वैष्णवी गुप्ता ने हाथरस की घटना से आहत होकर पोस्टर के माध्यम से व्यक्त किए है।
वैष्णवी ने लगभग आधा दर्जन पोस्टर बाजार के मुख्य चौराहे पर लगाकर समाज को एक संदेश दिया है। यूपी के हाथरस में एक दलित लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने हर किसी झकझोर दिया है। जगह-जगह लोग मोमबत्ती जलाकर कैंडल मार्च निकालते हुए बलात्कारी को कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग कर रहे है।
विज्ञापन
वैष्णवी ने लगभग आधा दर्जन पोस्टर बाजार के मुख्य चौराहे पर लगाकर समाज को एक संदेश दिया है। यूपी के हाथरस में एक दलित लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने हर किसी झकझोर दिया है। जगह-जगह लोग मोमबत्ती जलाकर कैंडल मार्च निकालते हुए बलात्कारी को कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग कर रहे है।
विज्ञापन
हाथरस की घटना को लेकर शहरों, कस्बों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी शासन व प्रशासन का विरोध किया जा रहा है। मल्हौसी गांव निवासी बीटीसी की छात्रा वैष्णवी गुप्ता पुत्री स्व. राकेश गुप्ता ने समाज को आईना दिखाते हुए जागरूकता पोस्टर कस्बे के मुख्य बाजार में लगाए हैं, जिनकी क्षेत्रीय दुकानदारों व राहगीरों ने सराहना की।
पोस्टर के माध्यम से छात्रा ने आम जनमानस को जागरूक करते हुए लिखा कि बलात्कार कभी छोटे कपड़ों की वजह से नहीं, बल्कि छोटी सोच की वजह से होता है। दृश्य तब तक अश्लील नहीं हो सकता जब तक दृष्टि अश्लील न हो। कस्बा निवासी समाजसेवी डॉ. प्रेमचंद कुशवाहा ने बताया कि बेटी का बनाया हुआ पोस्टर जिसमें एक बेटी तिरंगे में लिपटी हुई है तथा दरिंदे कपड़े रूपी तिरंगे को नोच रहे है।
वहीं पर कुछ लोगों की भीड़ भी लगी हुई है। यह दृश्य वाकई दिल को झकझोरने वाला है। अब भारत की बेटियों की अस्मिता सुरक्षित नहीं है। दृश्य के अनुसार अब दरिंदे बेटियों के साथ खिलवाड़ करते रहते है और लोग तमाशबीन बने रहते है। अब समय बदल गया है। लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। नहीं तो इसी प्रकार अब बेटियों की अस्मिता लुटती रहेगी।
पोस्टर के माध्यम से छात्रा ने आम जनमानस को जागरूक करते हुए लिखा कि बलात्कार कभी छोटे कपड़ों की वजह से नहीं, बल्कि छोटी सोच की वजह से होता है। दृश्य तब तक अश्लील नहीं हो सकता जब तक दृष्टि अश्लील न हो। कस्बा निवासी समाजसेवी डॉ. प्रेमचंद कुशवाहा ने बताया कि बेटी का बनाया हुआ पोस्टर जिसमें एक बेटी तिरंगे में लिपटी हुई है तथा दरिंदे कपड़े रूपी तिरंगे को नोच रहे है।
वहीं पर कुछ लोगों की भीड़ भी लगी हुई है। यह दृश्य वाकई दिल को झकझोरने वाला है। अब भारत की बेटियों की अस्मिता सुरक्षित नहीं है। दृश्य के अनुसार अब दरिंदे बेटियों के साथ खिलवाड़ करते रहते है और लोग तमाशबीन बने रहते है। अब समय बदल गया है। लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। नहीं तो इसी प्रकार अब बेटियों की अस्मिता लुटती रहेगी।