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संदीप के चार और साथियों पर एफआईआर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 09 May 2015 01:53 AM IST
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पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान की भांजी ऋचा शुक्ला से मारपीट और हत्या के प्रयास के मामले में ऋचा के बयान लेने के बाद गंगाघाट पुलिस ने संदीप के चार और साथियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर गंभीर धाराओं को बढ़ाया है। उधर पुलिस की विवेचना में कई और लोगों के नाम आए हैं, जो इस कांड में परोक्ष और अपरोक्ष तरीके से शामिल रहे हैं। इनके बारे में पड़ताल शुरू हो गई है। इतना ही नहीं पुलिस आरोपी उद्योगपति संदीप शुक्ला के मददगारों और संरक्षणदाताओं पर भी शिकंजा कस रही है।
घटना से लेकर गिरफ्तारी के दिन तक की संदीप शुक्ला के मोबाइल की कॉल डिटेल पुलिस खंगाल रही है। एसएसपी शलभ माथुर ने संदीप शुक्ला के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने को एसपी उन्नाव महेंद्र सिंह को पत्र भेजा है।
गंगाघाट थाने से मामले की विवेचना कर रहे चौकी इंचार्ज जेएन सिंह ने बताया कि ऋचा से उन्होेंने बयान लिए थे जिसमें पीड़िता ने कानपुर निवासी राकेश, सुखदेव शुक्ला व मिश्रा कालोनी शुक्लागंज निवासी कथित पत्रकार अमित त्रिवेदी, झोलाछाप प्रमोद मिश्रा के घटना में लिप्त होने की बात कही थी।
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अब उन्होंने इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर धारा-307,498 ए, 328 एवं घरेलू हिंसा अधिनियम की धाराएं और बढ़ाई हैं। पूर्व में पीड़िता के मामा चेतन चौहान की टेलीफोनिक तहरीर के आधार पर संदीप शुक्ला व उसके सहयोगी, परिजन एवं कर्मचारियों के खिलाफ धारा- 147, 323, 342 व 506 में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचक के अनुसार मिश्रा कालोनी स्थित तथाकथित पत्रकार अमित त्रिवेदी के घर और झोलाछाप प्रमोद मिश्रा के निवास पर दबिश मारी लेकिन सभी फरार हैं। कानपुर में सुखदेव व राकेश के यहां भी गंगाघाट पुलिस ने दबिश मारी पर कोई पकड़ में नहीं आया।
दूसरी ओर संदीप शुक्ला समेत आठ लोगों पर लगे हत्या के प्रयास और उत्पीड़न के दर्ज मामले की विवेचना नजीराबाद थाने के एसआई विनोद कुमार कर रहे हैं। विवेचक ने गुरुवार को ऋचा के सीआरपीसी की धारा 161 केतहत बयान दर्ज किए। ऋचा ने बयान के दौरान नामजद अभियुक्तों के अलावा भी कुछ और लोगों के नाम बताए हैं।
ऋचा का कहना है कि संदीप के साथ उनके कुछ और रिश्तेदारों और करीबियों ने घटना में पति की मदद की है। ऋचा ने जो नाम बताए हैं, उनमें एक नेता भी शामिल है। इन सभी नामों को विवेचना में आईओ ने शामिल किया है।
एसएसपी का कहना है कि वारदात में संदीप की परोक्ष और अपरोक्ष तरीके से मदद करने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा। संदीप के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। संदीप शुक्ला को कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी भी शुरु हो गई है।
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घटना से लेकर गिरफ्तारी के दिन तक की संदीप शुक्ला के मोबाइल की कॉल डिटेल पुलिस खंगाल रही है। एसएसपी शलभ माथुर ने संदीप शुक्ला के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने को एसपी उन्नाव महेंद्र सिंह को पत्र भेजा है।
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गंगाघाट थाने से मामले की विवेचना कर रहे चौकी इंचार्ज जेएन सिंह ने बताया कि ऋचा से उन्होेंने बयान लिए थे जिसमें पीड़िता ने कानपुर निवासी राकेश, सुखदेव शुक्ला व मिश्रा कालोनी शुक्लागंज निवासी कथित पत्रकार अमित त्रिवेदी, झोलाछाप प्रमोद मिश्रा के घटना में लिप्त होने की बात कही थी।
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अब उन्होंने इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर धारा-307,498 ए, 328 एवं घरेलू हिंसा अधिनियम की धाराएं और बढ़ाई हैं। पूर्व में पीड़िता के मामा चेतन चौहान की टेलीफोनिक तहरीर के आधार पर संदीप शुक्ला व उसके सहयोगी, परिजन एवं कर्मचारियों के खिलाफ धारा- 147, 323, 342 व 506 में मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचक के अनुसार मिश्रा कालोनी स्थित तथाकथित पत्रकार अमित त्रिवेदी के घर और झोलाछाप प्रमोद मिश्रा के निवास पर दबिश मारी लेकिन सभी फरार हैं। कानपुर में सुखदेव व राकेश के यहां भी गंगाघाट पुलिस ने दबिश मारी पर कोई पकड़ में नहीं आया।
दूसरी ओर संदीप शुक्ला समेत आठ लोगों पर लगे हत्या के प्रयास और उत्पीड़न के दर्ज मामले की विवेचना नजीराबाद थाने के एसआई विनोद कुमार कर रहे हैं। विवेचक ने गुरुवार को ऋचा के सीआरपीसी की धारा 161 केतहत बयान दर्ज किए। ऋचा ने बयान के दौरान नामजद अभियुक्तों के अलावा भी कुछ और लोगों के नाम बताए हैं।
ऋचा का कहना है कि संदीप के साथ उनके कुछ और रिश्तेदारों और करीबियों ने घटना में पति की मदद की है। ऋचा ने जो नाम बताए हैं, उनमें एक नेता भी शामिल है। इन सभी नामों को विवेचना में आईओ ने शामिल किया है।
एसएसपी का कहना है कि वारदात में संदीप की परोक्ष और अपरोक्ष तरीके से मदद करने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा। संदीप के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। संदीप शुक्ला को कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी भी शुरु हो गई है।