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ऐसे साइबर क्रिमिनल्स से बचकर रहें
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 11 Dec 2016 07:54 PM IST
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छात्रा के खाते से उड़ाए 76 हजार रुपये
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अपनी बेहतरीन चालाकी से आपकी आंखों में धूल झोंककर साइबर क्रिमिनल्स आपके एटीएम कार्ड का नंबर और पासवर्ड पूछते हैं और पलक झपकते आपके हजारों-लाखों रुपये बैंक से साफ कर देते हैं। हैरानी की बात ये है कि इनको पकड़ना पुलिस के लिये सबसे बड़ी चुनौती है। रविवार को कानपुर के बर्रा में ऐसी ही साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है।
बर्रा में साइबर ठगों ने छात्रा प्रज्ञा सचान के खाते से 76 हजार रुपये पार कर दिए। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद छात्रा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। बर्रा-2 निवासी साइकिल स्टोर संचालक सुधीर सचान की बेटी प्रज्ञा एसएससी की तैयारी कर रही है। उसके खाते में 76 हजार रुपये थे। सुधीर ने बताया कि बेटी के मोबाइल पर मैसेज आने के बाद ठगी का पता चला। ठगों ने 24 घंटे में पांच बार ऑनलाइन शॉपिंग, मोबाइल रिचार्ज कराया।
ये हैं साइबर क्राइम से बचने के उपाय
अपने इंटरनेट की बैंकिंग और बैंकिंग लेन-देन का इस्तेमाल कभी भी सार्वजनिक स्थान जैसे कि साइबर कैफे, ऑफिस, पार्क, सार्वजनिक मीटिंग और किसी भीड़-भाड़ी वाले स्थान पर न करें। किसी भी प्रकार के बैंकिंग लेन-देन के लिए आप अपने पर्सनल कम्प्यूटर या लैपटॉप का ही इस्तेमाल करें। जब कभी भी आप अपने इंटरनेट बैंकिंग या किसी भी जरुरी अकाउंट में लॉगिन करें, तो काम खत्म कर अपने अकाउंट को लॉगआउट करना न भूलें और जब आप लॉगिन कर रहें, हो तब इस बात पर जरूर धयान दें कि पासवर्ड टाइप करने के बाद कम्प्यूटर द्वारा पूछे जा रहे ऑप्शन रिमेब्बर पासवर्ड या कीप लॉगिन में क्लिक न करें।
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बर्रा में साइबर ठगों ने छात्रा प्रज्ञा सचान के खाते से 76 हजार रुपये पार कर दिए। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद छात्रा ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। बर्रा-2 निवासी साइकिल स्टोर संचालक सुधीर सचान की बेटी प्रज्ञा एसएससी की तैयारी कर रही है। उसके खाते में 76 हजार रुपये थे। सुधीर ने बताया कि बेटी के मोबाइल पर मैसेज आने के बाद ठगी का पता चला। ठगों ने 24 घंटे में पांच बार ऑनलाइन शॉपिंग, मोबाइल रिचार्ज कराया।
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ये हैं साइबर क्राइम से बचने के उपाय
अपने इंटरनेट की बैंकिंग और बैंकिंग लेन-देन का इस्तेमाल कभी भी सार्वजनिक स्थान जैसे कि साइबर कैफे, ऑफिस, पार्क, सार्वजनिक मीटिंग और किसी भीड़-भाड़ी वाले स्थान पर न करें। किसी भी प्रकार के बैंकिंग लेन-देन के लिए आप अपने पर्सनल कम्प्यूटर या लैपटॉप का ही इस्तेमाल करें। जब कभी भी आप अपने इंटरनेट बैंकिंग या किसी भी जरुरी अकाउंट में लॉगिन करें, तो काम खत्म कर अपने अकाउंट को लॉगआउट करना न भूलें और जब आप लॉगिन कर रहें, हो तब इस बात पर जरूर धयान दें कि पासवर्ड टाइप करने के बाद कम्प्यूटर द्वारा पूछे जा रहे ऑप्शन रिमेब्बर पासवर्ड या कीप लॉगिन में क्लिक न करें।
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