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आग लगने से दंपती की मौत का मामला: पिता ने भी तोड़ा दम, चारों बच्चे हुए अनाथ, खुदकुशी या हादसा, नहीं खुला रहस्य
Wed, 01 May 2024 08:48 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 01 May 2024 08:48 PM IST
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अनाथ हुए चार बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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चित्रकूट जिले में सदर कोतवाली क्षेत्र के सिद्धपुर गांव के घर में आग से झुलसे दंपती में पति की बुधवार की सुबह मौत हो गई। पत्नी की मौत मंगलवार को ही हो चुकी है। इस घटना को लेकर खुदकुशी या फिर आग लगने से मौत की बात का संदेह बरकरार है। मां-बाप की मौत के बाद से चार बच्चे अनाथ हो गए हैं।
मुख्यालय से सटे सिद्धपुर गांव में मंगलवार की दोपहर अचानक घर में आग लग गई थी। इससे घर के अंदर सो रहे टेंपो चालक शिवशरण (40) और उनकी पत्नी उर्मिला (35) गंभीर रूप से झुलस गए थे। जिला अस्पताल से डाॅक्टरों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। रास्ते में उर्मिला की मौत हो गई थी। पति शिवशंकर की बुधवार को सवेरे प्रयागराज में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दोनो शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
शिवशरण टेंपो चलाने के अलावा बटाई पर खेत लेकर खेती करता था। दो पुत्र, दो पुत्रियां हैं। मूल निवासी लमेहटा गांव है। वह इकलौता पुत्र था। माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद वह सिद्धपुर में ननिहाल में आकर बस गया। अब उनके नाबालिग बच्चों की परवरिश की चिंता अन्य परिजनों को सता रही है।
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अब चारों बच्चे हो गए अनाथ
लमेहटा गांव निवासी शिवशरण माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हो गया था। इसके बाद ननिहाल सिद्धपुर आकर बस गया था। अब उसकी दो पुत्रियां दिव्यांशी, शिवांगी और दो पुत्र आयुष व पियुष भी अनाथ हो गए। चारों का रो रोकर बुरा हाल है। मौसी कर्वी निवासी उर्मिला ने बताया कि परिजन ही चारों बच्चों का लालन पालन करेंगे।
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मुख्यालय से सटे सिद्धपुर गांव में मंगलवार की दोपहर अचानक घर में आग लग गई थी। इससे घर के अंदर सो रहे टेंपो चालक शिवशरण (40) और उनकी पत्नी उर्मिला (35) गंभीर रूप से झुलस गए थे। जिला अस्पताल से डाॅक्टरों ने प्रयागराज रेफर कर दिया। रास्ते में उर्मिला की मौत हो गई थी। पति शिवशंकर की बुधवार को सवेरे प्रयागराज में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने दोनो शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
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शिवशरण टेंपो चलाने के अलावा बटाई पर खेत लेकर खेती करता था। दो पुत्र, दो पुत्रियां हैं। मूल निवासी लमेहटा गांव है। वह इकलौता पुत्र था। माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बाद वह सिद्धपुर में ननिहाल में आकर बस गया। अब उनके नाबालिग बच्चों की परवरिश की चिंता अन्य परिजनों को सता रही है।
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अब चारों बच्चे हो गए अनाथ
लमेहटा गांव निवासी शिवशरण माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हो गया था। इसके बाद ननिहाल सिद्धपुर आकर बस गया था। अब उसकी दो पुत्रियां दिव्यांशी, शिवांगी और दो पुत्र आयुष व पियुष भी अनाथ हो गए। चारों का रो रोकर बुरा हाल है। मौसी कर्वी निवासी उर्मिला ने बताया कि परिजन ही चारों बच्चों का लालन पालन करेंगे।