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वरासत दर्ज करो अभियान शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर देहात
Updated Mon, 09 Feb 2015 01:05 AM IST
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शासन के निर्देश पर वरासत दर्ज करो अभियान की शुरुआत कर दी गई है। इसके लिए
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जिले में विभिन्न चरणों में 31 मार्च तक वरासत संबंधी प्रक्रिया पूर्ण कर
प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने होंगे।
जिला प्रशासन पूरी प्रक्रिया की क्रास चेकिंग करके निगरानी भी करेगा। तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारियों ने बैठक करके लेखपालों और अधीनस्थों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
रविवार को अकबरपुर तहसील में वरासत संबंधी कार्य को लेकर उपजिलाधिकारी हरिहर राम, तहसीलदार ओपी शुक्ला ने बैठक कर कार्य योजना प्रस्तुत की।
उपजिलाधिकारी हरिहर राम ने बताया कि वरासत दर्ज करने की प्रक्रिया 8 फरवरी से शुरू कर दी गई है। यह 31 मार्च तक चलेगी। प्रतिदिन 7 से 8 ग्रामों का वरासत दर्ज करो प्रक्रिया सत्यापन कर पूरी कराई जाएगी। 24 व 28 फरवरी तथा 14 व 31 मार्च को वरासत संबंधी रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी।
एसडीएम सदर हरिहर राम ने बताया कि वरासत दर्ज करने में ऐसे काश्तकार जो गांव में निवास नहीं कर रहे तथा निर्धारित गांव में उपस्थित नहीं हुए, पहुंचने में असमर्थ रहे। उनके लिए अकबरपुर माती रोड स्थित जन सुविधा केंद्र जय दुर्गा प्रिंटर्स पर प्रार्थना पत्र देना होगा।
प्रार्थना पत्र प्राप्त होते सात दिनों में वरासत संबंधी मामले का निस्तारण कराया जाएगा। तहसीलदार स्वयं इस मामले को अपनी निगरानी में पूरा कराएंगे।
दर्ज हुई विरासतों से संबंधित खतौनी काश्तकार को कैंप लगाकर निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। लेखपाल या जनसुविधा केंद्र के माध्यम से काश्तकार संशोधित खतौनी निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। मृतक का उत्तराधिकार वाद संबंधी मामला तहसील से संपर्ककर निस्तारित किया जाएगा।
जिला प्रशासन पूरी प्रक्रिया की क्रास चेकिंग करके निगरानी भी करेगा। तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारियों ने बैठक करके लेखपालों और अधीनस्थों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
रविवार को अकबरपुर तहसील में वरासत संबंधी कार्य को लेकर उपजिलाधिकारी हरिहर राम, तहसीलदार ओपी शुक्ला ने बैठक कर कार्य योजना प्रस्तुत की।
उपजिलाधिकारी हरिहर राम ने बताया कि वरासत दर्ज करने की प्रक्रिया 8 फरवरी से शुरू कर दी गई है। यह 31 मार्च तक चलेगी। प्रतिदिन 7 से 8 ग्रामों का वरासत दर्ज करो प्रक्रिया सत्यापन कर पूरी कराई जाएगी। 24 व 28 फरवरी तथा 14 व 31 मार्च को वरासत संबंधी रिपोर्ट प्रकाशित की जाएगी।
एसडीएम सदर हरिहर राम ने बताया कि वरासत दर्ज करने में ऐसे काश्तकार जो गांव में निवास नहीं कर रहे तथा निर्धारित गांव में उपस्थित नहीं हुए, पहुंचने में असमर्थ रहे। उनके लिए अकबरपुर माती रोड स्थित जन सुविधा केंद्र जय दुर्गा प्रिंटर्स पर प्रार्थना पत्र देना होगा।
प्रार्थना पत्र प्राप्त होते सात दिनों में वरासत संबंधी मामले का निस्तारण कराया जाएगा। तहसीलदार स्वयं इस मामले को अपनी निगरानी में पूरा कराएंगे।
दर्ज हुई विरासतों से संबंधित खतौनी काश्तकार को कैंप लगाकर निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। लेखपाल या जनसुविधा केंद्र के माध्यम से काश्तकार संशोधित खतौनी निशुल्क प्राप्त कर सकते हैं। मृतक का उत्तराधिकार वाद संबंधी मामला तहसील से संपर्ककर निस्तारित किया जाएगा।