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यूपी: अपनी मौत को न टाल सका पर यात्रियों पर मंडराए काल को फटकने न दिया, बचा ली 56 की जान
Mon, 17 Aug 2020 10:50 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 17 Aug 2020 10:50 PM IST
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बस ड्राइवर ने बचाई 56 यात्रियों की जान
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर सोमवार की रात एक रोडवेज बस चालक अपनी मौत रोक नहीं सका लेकिन उसने सूझबूझ का परिचय देते हुए 56 यात्रियों की जान बचा ली। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर ग्राम सलेमपुर के नहर के पास शाहगंज डिपो की बस जौनपुर से दिल्ली की ओर जा रही थी।
बस में कुल 56 सवारियां थीं। अचानक बस चालक संतराज निवासी आजमगढ़ को खून की उल्टियां होने लगीं। आगे बैठी सवारियां घबरा गईं। उसी वक्त चालक ने खुद पर नियंत्रण रखते हुए बस की गति धीमी की और किनारे कर बस को रोक दिया।
इसके बाद वह तुरंत अपना गेट खोलकर खिड़की से नीचे कूद गया। थोड़ी देर बाद खून की उल्टियां और होने लगीं। बेहोशी की हालत में वह जमीन पर गिर पड़ा। सूचना पर पहुंची यूपीडा वाहन व एनसीसी पेट्रोलिंग टीम ने एंबुलेंस से चालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सौरिख भेजा। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सभी यात्री यही कहते रहे कि ड्राइवर ने अपनी जान दे दी लेकिन हम सब की जान बचा ली।
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बस में कुल 56 सवारियां थीं। अचानक बस चालक संतराज निवासी आजमगढ़ को खून की उल्टियां होने लगीं। आगे बैठी सवारियां घबरा गईं। उसी वक्त चालक ने खुद पर नियंत्रण रखते हुए बस की गति धीमी की और किनारे कर बस को रोक दिया।
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इसके बाद वह तुरंत अपना गेट खोलकर खिड़की से नीचे कूद गया। थोड़ी देर बाद खून की उल्टियां और होने लगीं। बेहोशी की हालत में वह जमीन पर गिर पड़ा। सूचना पर पहुंची यूपीडा वाहन व एनसीसी पेट्रोलिंग टीम ने एंबुलेंस से चालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सौरिख भेजा। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सभी यात्री यही कहते रहे कि ड्राइवर ने अपनी जान दे दी लेकिन हम सब की जान बचा ली।
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