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अंगूठा लगाओ, अटेंडेंस दर्ज कराओ

Sun, 17 May 2015 02:32 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Sun, 17 May 2015 02:32 AM IST
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biometric attendance in besic school
बेसिक शिक्षा परिषद में छात्र संख्या में हेरफेर करने वाले स्कूलों पर अब केंद्र सरकार शिकंजा कसने की तैयारी में है। शैक्षिक सत्र 2016-17  से परिषदीय स्कूलों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस शुरू हो जाएगी। यानी टीचर्स और स्टूडेंट्स की उपस्थिति अंगूठा लगाकर दर्ज होगी।
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सबसे पहले प्रदेश में यह प्रक्रिया कानपुर और कन्नौज जनपद के स्कूलों में लागू होगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए 50 लाख रुपये का बजट पास भी कर दिया है। छात्र संख्या में हेरफेर, प्रवेश में गड़बड़ी और एक बच्चे का कई जगह दाखिला होने की शिकायतें केंद्र सरकार के पास पहुंची थीं।
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इसके अलावा टीचर्स भी मनमाने समय पर स्कूल बंद कर फर्जी साइन बनाकर निकल लेते थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों के निरीक्षण में कई बार ये बातें सामने आईं। कभी कोई टीचर लेट मिलता तो कभी छात्रों की संख्या में सुबह और लंच के समय में अंतर मिलता।
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इसे देखते हुए सरकार ने स्कूलों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीन लगाने की तैयारी की है। पहले चरण में पूरे देश के लगभग 36 राज्य के दो जिलों के स्कूलों में यह मशीन लगाई जाएगी। कानपुर जनपद के लगभग 2300 स्कूलों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीन के लिए 50 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है।

बीएसए राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि स्कूलों के निरीक्षण में कई बार टीचर नदारद मिलते हैं, जब पूछा जाता तो कहते है कि थोड़ी देर पहले ही निकले थे। बायोमैट्रिक मशीन लगने से इन पर नियंत्रण रहेगा।  इसके अलावा कई बार बच्चे भी क्लास बंक करके गुल हो जाते थे।

यह व्यवस्था लागू होेने से इसमें कमी आएगी। मानव संसाधन मंत्रालय (शिक्षा अधिकार अधिनियम) वरिष्ठ सलाहकार अवनीश त्रिपाठी ने बताया कि यूपी में कानपुर और कन्नौज दो जिलों का चयन किया गया हैं।  इसका बजट भी पास हो गया है।


बेसिक शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों की रिपोर्ट भेज दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर मशीनें लगाई जाएगी। शैक्षिक सत्र 2016-17 से इसकी शुरुआत होगी। बायोमैट्रिक मशीन लगने से दो फायदे होंगे। एक तो टीचर्स के आने जाने का समय निश्चित होगा।  दूसरा बच्चों की वास्तविक संख्या का पता चलेगा। सुबह और लंच के बाद अटेंडेंस लगानी होगी।  
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