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ये अमावस्या लाएगी आपके जीवन में बदलाव, जरा सी चूक दुर्भाग्य को देगी न्योता
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 13 Jul 2018 09:25 AM IST
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आषाढ़ मास की अमावस्या इस बार 13 जुलाई को पड़ रही है। इस दिन विधि-विधान से किया गया पूजन अक्षय पुण्य देता है। वहीं अंजाने में की गयी गलती दुर्भाग्य को न्योता देती है। एेसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि अमावस्या पर क्या करें और क्या नहीं।
यह कार्य देगा शुभ फल
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- हर अमावस्या को घर में एक छोटा सा आहुति प्रयोग करें। एेसा करने से घर धन-धान्य से भर जाएगा।
- जरूरत मंदों को दान अवश्य दें। एेसा करने से मन चाहे फल की प्राप्ति होगी।
- उड़द की छिलके वाली दाल, काला कपड़ा, तला हुआ पदार्थ एवं दूध गरीबों में दान करें, एेसा करने से शनि की कुदृष्टि व पितृदोष से छुटकारा मिल जाएगा।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- भूलकर भी न करें ये कार्य...
- जरूरत मंदों को दान अवश्य दें। एेसा करने से मन चाहे फल की प्राप्ति होगी।
- उड़द की छिलके वाली दाल, काला कपड़ा, तला हुआ पदार्थ एवं दूध गरीबों में दान करें, एेसा करने से शनि की कुदृष्टि व पितृदोष से छुटकारा मिल जाएगा।
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भूलकर भी न करें ये कार्य
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- अमावस्या के दिन जो वृक्ष, लता आदि को काटता है अथवा उनका एक पत्ता भी तोड़ता है, उसे ब्रह्महत्या का पाप लगता है।
- किसी भी भिक्षुक को घर से खाली हाथ न जाने दें।
- अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।
आगे की स्लाइड में पढ़ें- पूजन विधि...
- किसी भी भिक्षुक को घर से खाली हाथ न जाने दें।
- अमावस्या के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।
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पूजन विधि
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गौ चंदन या कण्डे को किसी बर्तन में डालकर हवनकुंड बना लें। उसमें सात वस्तुओं के मिश्रण काले तिल, जौं, चावल, गाय का घी, चंदन पाउडर, गुड़, देशी कपूर, कण्डा से हवन सामग्री सामग्री तैयार करें। घर के सभी सदस्य एकत्रित होकर आहुति मंत्र जपते हुए 11 बार आहुति दें।
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आहुति मंत्र
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- ऊं कुल देवताभ्यो नमः
- ऊं ग्राम देवताभ्यो नमः
- ऊं ग्रह देवताभ्यो नमः
- ऊं लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः
- ऊं विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः
- ऊं ग्राम देवताभ्यो नमः
- ऊं ग्रह देवताभ्यो नमः
- ऊं लक्ष्मीपति देवताभ्यो नमः
- ऊं विघ्नविनाशक देवताभ्यो नमः