{"_id":"5cd1baefbdec22072925566f","slug":"all-india-3rd-topper-abhishree-become-ias-officer","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आईएएस बनकर शोहदों को सबक सिखाना चाहती हैं देश में तीसरी रैंक पाने वाली अभिश्री स्वरूप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईएएस बनकर शोहदों को सबक सिखाना चाहती हैं देश में तीसरी रैंक पाने वाली अभिश्री स्वरूप
Tue, 07 May 2019 10:59 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 07 May 2019 10:59 PM IST
विज्ञापन
माता-पिता के साथ अभिश्री
- फोटो : अमर उजाला
आईसीएसई 12 वीं में शहर की अभिश्री स्वरूप ने भी लोहा मनवाया है। उन्होंने ह्यूमैनिटीज वर्ग से 99.50 फीसदी अंक हासिल कर देश में तीसरी रैंक हासिल की है। वह शहर की सेकेंड टॉपर भी हैं।अभिश्री कैंट स्थित सेठ आनंद राम जयपुरिया स्कूल की छात्रा हैं।
अब वह आईएएस की तैयारी करेंगी। स्वरूप नगर निवासी अभिश्री के पिता डॉ. अजय स्वरूप डीएवी डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर हैं। मां डॉ. अर्चना स्वरूप एएनडी कालेज में प्रोफेसर हैं। बड़ा भाई देवांश चेन्नई से इंजीनियरिंग कर रहा है।
विज्ञापन
अब वह आईएएस की तैयारी करेंगी। स्वरूप नगर निवासी अभिश्री के पिता डॉ. अजय स्वरूप डीएवी डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर हैं। मां डॉ. अर्चना स्वरूप एएनडी कालेज में प्रोफेसर हैं। बड़ा भाई देवांश चेन्नई से इंजीनियरिंग कर रहा है।
विज्ञापन
Trending Videos
पिता डीएवी कालेज और मां एएनडी में प्रोफेसर, मां ने किया मोटिवेट
अभिश्री स्वरूप
अभिश्री मनाती हैं कि शहर में सबसे बड़ी समस्या शोहदों की है। कई ऐसे प्वाइंट हैं जहां से लड़कियों, महिलाओं का निकलना मुश्किल है। आईएएस बनकर इसे रोकेंगीं। वहीं दूसरी समस्या गंदगी की है। वह अपनी सफलता का श्रेय मां को देती हैं।
सोशल मीडिया से हर रोज सिर्फ कुछ देर का ही वास्ता रखा। वह कहती हैं कि जो भी आपने दिनभर पढ़ा, उनका नोट्स बनाकर रात में एक बार जरूर रिवाइज करें। पढ़ाई का कोई समय नहीं है। जब मौका मिले पढ़ लें।
सोशल मीडिया से हर रोज सिर्फ कुछ देर का ही वास्ता रखा। वह कहती हैं कि जो भी आपने दिनभर पढ़ा, उनका नोट्स बनाकर रात में एक बार जरूर रिवाइज करें। पढ़ाई का कोई समय नहीं है। जब मौका मिले पढ़ लें।