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विकास भवन से छह अफसर व 18 कर्मी नदारद मिले
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विकास भवन के कोविड कंट्रोल रूम में अफसरों को निर्देश देते डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह व मौजूद सीडी?
- फोटो : AKBARPUR
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कानपुर देहात। डीएम के औचक निरीक्षण में विकास भवन के दफ्तरों में अफसर व कर्मचारियों के उपस्थित रहने की मंगलवार को पोल खुल गई। छह जिलास्तरीय अधिकारी व 18 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। डीएम ने सभी का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार की सुबह सवा दस बजे विकास भवन पहुंचे डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सबसे पहले समाज कल्याण विभाग कार्यालय का निरीक्षण किया। समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार, कनिष्ठ सहायक रमेश चंद्र दीक्षित नदारद मिले। वहां मौजूद कर्मचारियों ने झींझक भ्रमण पर जाने की बात कही। भ्रमण पंजिका में दर्ज नहीं किया गया। डीएम ने कड़ी चेतावनी दी। इसके बाद डीपीआरओ कार्यालय में स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक शैलेंद्र श्रीवास्तव, विमल कुमार, प्रदीप कुमार, सुरेंद्र कुमार व कंप्यूटर ऑपरेटर निखिल कुमार अनुपस्थित मिले। डीएम ने डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह से नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण करने पर जिला कृषि अधिकारी सुमित पटेल, प्रशासनिक अधिकारी अमर सिंह पाल, वरिष्ठ सहायक निमहत सुल्ताना, सर्वेश प्रताप सिंह, विमलेश कुमार शुक्ला, कनिष्ठ सहायक मोहित मिश्रा, दीपा त्रिवेदी, वाहन चालक गुलाब सिंह, चतुर्थ श्रेणी विनोद कुमार व आलोक कुमार नदारद मिले। डीएम ने भविष्य में अनुपस्थित मिलने पर निलंबन की चेतावनी दी। आरईडी (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) विभाग कार्यालय मेें अधिशाषी अभियंता वीके मिश्रा अनुपस्थित पाए गए। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ सहायक उमानाथ भी कार्यालय से नदारद मिले। डीएम ने सभी अनुपस्थित अफसर व कर्मचारियों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ सौम्या पांडेय, डीडीओ गोरखनाथ भट्ट, जिला सूचना अधिकारी नरेंद्र मोहन, पीडी दिनेश कुमार यादव, आदि मौजूद रहे।
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हस्ताक्षर के बाद नदारद हो गए अफसर व बाबू
कानपुर देहात। विकास भवन में निरीक्षण के दौरान डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालय पहुंचे। उन्हें जिला दिव्यांगजन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह व वरिष्ठ सहायक उमानाथ के उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर मिले, लेकिन वह दफ्तर से नदारद मिले। मौजूद कर्मियों ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकारी व बाबू डेरापुर गए हैं। डीएम ने जानकारी ली तो मामला संदिग्ध मिला। उन्होंने कार्रवाई की बात कही है।
फरियादी करते घंटो इंतजार
कानपुर देहात। विकास भवन समेत अन्य सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों व कर्मचारियों का नदारद रहने का प्रमुख कारण कानपुर नगर प्रेम है। सुबह देरी से और शाम को जाने की जल्दबाजी दूरदराज से आने वाले फरियादियों पर भारी पड़ती है। इसके चलते उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। पूर्व में सीडीओ रहे केके गुप्ता ने अफसर व कर्मियों की समय पर उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगवाई थी, लेकिन उनके जाते करीब चार साल पहले मशीन उखाड़कर फेंक दी गई।
एडीएम को अनुपस्थित मिले कलक्ट्रेट कर्मी
कानपुर देहात। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा ने कलक्ट्रेट के विभिन्न विभागीय कार्यालयों का निरीक्षण किया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी व खनन कार्यालय में खनन अधिकारी अनुपस्थित मिले। सबसे पहले एडीएम ने कलक्ट्रेट के संयुक्त कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां चार कर्मी बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद थे। डूडा कार्यालय में दो कर्मी अनुपस्थित मिले। एडीएम ने कोषागार, निर्वाचन, सूचना विभाग आदि कार्यालयों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण आख्या आवश्यक कार्रवाई के लिए डीएम को भेजी जा रही है। (संवाद)
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मंगलवार की सुबह सवा दस बजे विकास भवन पहुंचे डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने सबसे पहले समाज कल्याण विभाग कार्यालय का निरीक्षण किया। समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार, कनिष्ठ सहायक रमेश चंद्र दीक्षित नदारद मिले। वहां मौजूद कर्मचारियों ने झींझक भ्रमण पर जाने की बात कही। भ्रमण पंजिका में दर्ज नहीं किया गया। डीएम ने कड़ी चेतावनी दी। इसके बाद डीपीआरओ कार्यालय में स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक शैलेंद्र श्रीवास्तव, विमल कुमार, प्रदीप कुमार, सुरेंद्र कुमार व कंप्यूटर ऑपरेटर निखिल कुमार अनुपस्थित मिले। डीएम ने डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह से नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
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जिला कृषि अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण करने पर जिला कृषि अधिकारी सुमित पटेल, प्रशासनिक अधिकारी अमर सिंह पाल, वरिष्ठ सहायक निमहत सुल्ताना, सर्वेश प्रताप सिंह, विमलेश कुमार शुक्ला, कनिष्ठ सहायक मोहित मिश्रा, दीपा त्रिवेदी, वाहन चालक गुलाब सिंह, चतुर्थ श्रेणी विनोद कुमार व आलोक कुमार नदारद मिले। डीएम ने भविष्य में अनुपस्थित मिलने पर निलंबन की चेतावनी दी। आरईडी (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) विभाग कार्यालय मेें अधिशाषी अभियंता वीके मिश्रा अनुपस्थित पाए गए। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ सहायक उमानाथ भी कार्यालय से नदारद मिले। डीएम ने सभी अनुपस्थित अफसर व कर्मचारियों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीडीओ सौम्या पांडेय, डीडीओ गोरखनाथ भट्ट, जिला सूचना अधिकारी नरेंद्र मोहन, पीडी दिनेश कुमार यादव, आदि मौजूद रहे।
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हस्ताक्षर के बाद नदारद हो गए अफसर व बाबू
कानपुर देहात। विकास भवन में निरीक्षण के दौरान डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण कार्यालय पहुंचे। उन्हें जिला दिव्यांगजन अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह व वरिष्ठ सहायक उमानाथ के उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर मिले, लेकिन वह दफ्तर से नदारद मिले। मौजूद कर्मियों ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकारी व बाबू डेरापुर गए हैं। डीएम ने जानकारी ली तो मामला संदिग्ध मिला। उन्होंने कार्रवाई की बात कही है।
फरियादी करते घंटो इंतजार
कानपुर देहात। विकास भवन समेत अन्य सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों व कर्मचारियों का नदारद रहने का प्रमुख कारण कानपुर नगर प्रेम है। सुबह देरी से और शाम को जाने की जल्दबाजी दूरदराज से आने वाले फरियादियों पर भारी पड़ती है। इसके चलते उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। पूर्व में सीडीओ रहे केके गुप्ता ने अफसर व कर्मियों की समय पर उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगवाई थी, लेकिन उनके जाते करीब चार साल पहले मशीन उखाड़कर फेंक दी गई।
एडीएम को अनुपस्थित मिले कलक्ट्रेट कर्मी
कानपुर देहात। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को एडीएम प्रशासन पंकज वर्मा ने कलक्ट्रेट के विभिन्न विभागीय कार्यालयों का निरीक्षण किया। जिला खाद्य विपणन अधिकारी व खनन कार्यालय में खनन अधिकारी अनुपस्थित मिले। सबसे पहले एडीएम ने कलक्ट्रेट के संयुक्त कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां चार कर्मी बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद थे। डूडा कार्यालय में दो कर्मी अनुपस्थित मिले। एडीएम ने कोषागार, निर्वाचन, सूचना विभाग आदि कार्यालयों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण आख्या आवश्यक कार्रवाई के लिए डीएम को भेजी जा रही है। (संवाद)