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डीपीआरओ दफ्तर में हंगामा
Updated Fri, 26 Oct 2018 12:35 AM IST
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कन्नौज। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यो के अनुमोदन के लिए डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे ग्राम पंचायत अधिकारी व जिला परियोजना प्रबंधक के बीच गुरुवार को कहासुनी हो गई। जब तक अन्य कर्मचारी बीच बचाव कराने पहुंचते तक तक दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। ग्राम पंचायत अधिकारी ने परियोजना प्रबंधक पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगाया। वहीं, इस संबंध में पूछे जाने पर डीपीआरओ ने कहाकि उनकी गैर मौजूदगी में विवाद हुआ। हालांकि दोनों पक्षों को शांत करा दिया है।
गुरुवार को डीपीआरओ दफ्तर में दोपहर के समय प्राकलन का अनुमोदन लेने के लिए छिबरामऊ के ग्राम पंचायत अधिकारी मृदुल दुबे पहुंचे। इस बीच परियोजना प्रबंधक शलभ अग्निहोत्री से बातचीत के दौरान ही कहासुनी होने लगी। गुस्से में मृदुल दुबे ने डीपीआरओ की टेबल पर साथ लाए कागज भी फाड़कर फेंक दिए। मामला गरमाता देख दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों ने बीच में पड़कर दोनों को शांत कराया। उधर, ग्राम पंचायत अधिकारी मृदुल दुबे ने इस मामले की लिखित शिकायत सीडीओ एसके सिंह से की है।
इसमें उसने आरोप लगाया कि प्राकलन के अनुमोदन के नाम पर परियोजना प्रबंधक शलभ अग्निहोत्री छह हजार रुपये रिशवत मांग रहे थे। उसने जब प्राकलन पास कराने की बात कही तो कागज फाड़कर फेंक दिए। वहीं इस मामले डीपीआरओ जितेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि दोपहर में वह जिलाधिकारी की बैठक में गए थे। यह सारा विवाद उनकी गैर मौजूदगी में हुआ है। दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया है।
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गुरुवार को डीपीआरओ दफ्तर में दोपहर के समय प्राकलन का अनुमोदन लेने के लिए छिबरामऊ के ग्राम पंचायत अधिकारी मृदुल दुबे पहुंचे। इस बीच परियोजना प्रबंधक शलभ अग्निहोत्री से बातचीत के दौरान ही कहासुनी होने लगी। गुस्से में मृदुल दुबे ने डीपीआरओ की टेबल पर साथ लाए कागज भी फाड़कर फेंक दिए। मामला गरमाता देख दफ्तर में मौजूद कर्मचारियों ने बीच में पड़कर दोनों को शांत कराया। उधर, ग्राम पंचायत अधिकारी मृदुल दुबे ने इस मामले की लिखित शिकायत सीडीओ एसके सिंह से की है।
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इसमें उसने आरोप लगाया कि प्राकलन के अनुमोदन के नाम पर परियोजना प्रबंधक शलभ अग्निहोत्री छह हजार रुपये रिशवत मांग रहे थे। उसने जब प्राकलन पास कराने की बात कही तो कागज फाड़कर फेंक दिए। वहीं इस मामले डीपीआरओ जितेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि दोपहर में वह जिलाधिकारी की बैठक में गए थे। यह सारा विवाद उनकी गैर मौजूदगी में हुआ है। दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया है।
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