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जान हथेली पर लेकर पढ़ाई: कानपुर में 70 साल पुराने जर्जर भवन में पढ़ते हैं 80 बच्चे

Wed, 27 Jul 2022 07:12 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 27 Jul 2022 07:12 AM IST
सार

कानपुर में 70 साल पुराना स्कूल कई वर्षाें से जर्जर हालात में संचालित हो रहा है। कक्षा 6 से 10 तक के स्कूल में करीब 80 बच्चे आते हैं। एक कमरे में चटाई डालकर बच्चों को बैठाया जाता है।  बारिश में बैठना और मुश्किल है, कारण छत से पानी टपकता है।

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80 children study in 70 years old dilapidated building in Kanpur
70 साल पुराना स्कूल - फोटो : ओपी वाधवानी

विस्तार

कानपुर में जीपीजी विद्यालय जूही में कदम रखने के लिए हिम्मत जुटानी होगी। पूरी तरह से जर्जर हो चुकी इमारत में पढ़ने के लिए छात्र जान हथेली पर लेकर आते हैं। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह जानने के बावजूद विद्यालय के प्रधानाचार्य और ना ही प्रबंधक शिक्षा विभाग के आदेश को मानने के लिए तैयार है।

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70 साल पुराना स्कूल कई वर्षाें से इसी तरह से जर्जर हालात में संचालित हो रहा है। कक्षा 6 से 10 तक के स्कूल में करीब 80 बच्चे आते हैं। एक कमरे में चटाई डालकर बच्चों को बैठाया जाता है।  बारिश में बैठना और मुश्किल है, कारण छत से पानी टपकता है। प्रधानाचार्य जितेन सिंह गौतम ने बताया डीआईओएस को लिखित जानकारी दी जा चुकी है।
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जबकि डीआईओएस सतीश तिवारी ने कहा कि प्रधानाचार्य को लिखित रूप से स्कूल दूसरे स्कूल में करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बावजूद ना प्रधानाचार्य ना ही प्रबंधक इस पर अमल कर रहे हैं। स्कूल में कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य औऱ प्रबंधक की होगी।

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