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कानपुर: गंभीर सर्पदंश से महिला की हालत बिगड़ी, जीएसवीएम के डॉक्टरों ने चार दिन में बचाई जान

Thu, 10 Sep 2026 02:37 PM IST
प्रसून शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,कानपुर Published by: प्रसून शुक्ला Updated Thu, 10 Sep 2026 02:37 PM IST
सार

Kanpur News: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में गंभीर सर्पदंश से पीड़ित 30 वर्षीय महिला का सफल उपचार किया गया। सांप के काटने के बाद हालत बिगड़ने पर महिला को जीवनरक्षक उपचार देना पड़ा।

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30-Year-Old Woman Recovers After Severe Snakebite at GSVM Medical College
जीएसवीएम में चार दिन इलाज के बाद बची जान - फोटो : amar ujala

विस्तार

करीब चार दिनों तक गहन उपचार और निगरानी के बाद उसकी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। अब वह स्वयं सांस ले रही है और हालत स्थिर बताई जा रही है। महिला सखी को बाएं हाथ में सांप के काटने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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उपचार के दौरान उसकी हालत बिगड़ने लगी। उसे होश में कमी, दोनों पलकों के गिरने के साथ चारों हाथ-पैरों में कमजोरी और लकवे जैसे लक्षण विकसित हो गए। इसके बाद सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकों ने तत्काल सांस की नली डालकर श्वसन सहायता शुरू की।

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न्यूरोटॉक्सिक सर्पदंश की आशंका में दिया एंटी-स्नेक वेनम

मरीज के लक्षणों और गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने न्यूरोटॉक्सिक सर्पदंश की आशंका जताई। इसके बाद उसे आवश्यक एंटी-स्नेक वेनम दिया गया। साथ ही लगातार निगरानी और अन्य जरूरी सहायक उपचार जारी रखा गया।

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करीब चार दिनों के गहन उपचार के बाद महिला की न्यूरोलॉजिकल और श्वसन संबंधी स्थिति में लगातार सुधार हुआ। हालत बेहतर होने पर सांस की नली सफलतापूर्वक निकाल दी गई। इसके बाद महिला ने बिना श्वसन सहायता के खुद सांस लेना शुरू कर दिया।  वर्तमान में महिला की हालत स्थिर है। संतोषजनक स्वास्थ्य लाभ के बाद उसे 11 सितंबर 2026 को अस्पताल से छुट्टी देने की योजना है। मरीज का उपचार मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. एसके गौतम के मार्गदर्शन में किया गया। उपचार में जूनियर चिकित्सक दल के डॉ. लक्षय, डॉ. रोहित और डॉ. प्रतीक की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सर्पदंश में समय पर अस्पताल पहुंचना जरूरी

चिकित्सकों के अनुसार गंभीर सर्पदंश के मामलों में समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। एंटी-स्नेक वेनम का उचित इस्तेमाल, वायुमार्ग का तत्काल प्रबंधन और जरूरत पड़ने पर श्वसन सहायता मरीज की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

चिकित्सकों ने आमजन से अपील की कि सर्पदंश होने पर मरीज को बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाएं। झाड़-फूंक अथवा किसी अन्य अप्रमाणित उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना चाहिए।

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