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3246 वादों का किया गया निस्तारण
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:40 AM IST
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कानपुर देहात। मोटर दुर्घटना क्षति पूर्ति, राजस्व, बैंक रिकवरी, घरेलू हिंसा, व्यावहारिक वाद सहित अन्य मामलों की लोक अदालत में सुनवाई हुई। इसके बाद मामलों की स्थिति को देखते हुए वादों का निस्तारण भी किया गया। इस दौरान जनपद की विभिन्न तहसीलों में कुल 3246 मामलों का निस्तारण हुआ।
शनिवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत जनपद की सभी तहसीलों में लोक अदालत का आयोजन किया गया। वहीं, दीवानी न्यायालय परिसर माती में जिला जज सुभाष चन्द की अध्यक्षता में लोक अदालत में राजस्व, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति, राजस्व, बैंक रिकवरी, घरेलू हिंसा, व्यावहारिक वाद के मामले सुने गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एकता वर्मा ने बताया कि जनपद की सभी तहसीलों में कुल 3246 वादों का निस्तारण किया गया। जबकि जनपद में मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति के 28 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें एक करोड़ पांच लाख 93 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। जबकि बैंक रिकवरी के 1314 वाद लगाए गए थे, जिसमें कुल 567 वादों का निस्तारण किया गया और 2 करोड़ 31 लाख 45 हजार 317 रुपये की वसूली की गई। वहीं, अन्य प्रकृति के कुल 87 वादों का निस्तारण किया गया। इस तरह मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, पारिवारिक, घरेलू हिंसा, व्यावहारिक वाद, उत्तराधिकार वाद, राजस्व वाद सहित कुल 5669 वाद निस्तारण के लिए लगाए गए थे, जिसमें 3246 वादों का निस्तारण किया गया।
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शनिवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत जनपद की सभी तहसीलों में लोक अदालत का आयोजन किया गया। वहीं, दीवानी न्यायालय परिसर माती में जिला जज सुभाष चन्द की अध्यक्षता में लोक अदालत में राजस्व, मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति, राजस्व, बैंक रिकवरी, घरेलू हिंसा, व्यावहारिक वाद के मामले सुने गए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एकता वर्मा ने बताया कि जनपद की सभी तहसीलों में कुल 3246 वादों का निस्तारण किया गया। जबकि जनपद में मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति के 28 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें एक करोड़ पांच लाख 93 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति दिलाई गई। जबकि बैंक रिकवरी के 1314 वाद लगाए गए थे, जिसमें कुल 567 वादों का निस्तारण किया गया और 2 करोड़ 31 लाख 45 हजार 317 रुपये की वसूली की गई। वहीं, अन्य प्रकृति के कुल 87 वादों का निस्तारण किया गया। इस तरह मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, पारिवारिक, घरेलू हिंसा, व्यावहारिक वाद, उत्तराधिकार वाद, राजस्व वाद सहित कुल 5669 वाद निस्तारण के लिए लगाए गए थे, जिसमें 3246 वादों का निस्तारण किया गया।
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