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जेल में कैदी की मौत के मामले में दो हेडवार्डन निलंबित

Updated Sun, 04 Jun 2017 12:35 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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फर्रुखाबाद। केेंद्रीय कारागार में सजा काट रहे बंदी के फांसी के फंदे पर लटके मिलने के मामले में जेल अधीक्षक ने दो हेड वार्डन को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा मामले की ज्यूडिशियल जांच भी कराई जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को पत्र लिखा है।
जेल में कैदी लुंजी जाटव की हुई मौत के मामले में शनिवार की देर शाम जेल अधीक्षक वेदप्रकाश त्रिपाठी ने हेड वार्डन दिलीप कुमार यादव और देवेंद्र कुमार नागवसी को प्रथम दृष्टया लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया। जेल अधीक्षक ने बताया कि इस कैदी की देखरेख और उस पर नजर रखने की जिम्मेदारी इन लोगों की थी। इसके बाद भी इन लोगाें ने लापरवाही बरती। इस लिए इनको निलंबित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इन लोगों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई। इस पूरे प्रकरण की जांच कन्नौज के जिला जेल अधीक्षक को सौंपी गई है। इसके अलावा जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उधर, डीएम ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की ज्यूडीशियल जांच का फैसला लिया है। कानपुर नगर की कोतवाली बिल्हौर के उत्तरीपुरा निवासी लुंजी पुत्र राधेश्याम केंद्रीय कारागार में डकैती के मुकदमे में सजा काट रहा था। उसके एक हाथ में पैरालिसिस (लकवा) की शिकायत थी। उसका शव निर्माणाधीन बैरक के पिलर पर अंगौछे के फंदे पर लटका हुआ मिला। एक हाथ में पैरालिसिस होने के कारण कई प्रकार की चर्चाएं होने लगीं। इसे लेकर जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने मजिस्ट्रेट जांच के स्थान पर ज्यूडिशियल जांच करवाने का निर्णय लिया। इसके लिए डीएम ने सीजेएम को पत्र भेज दिया है।

होली के बाद मिलने आई थी कैदी की बहन
सेंट्रल जेल के कैदी की हुई मौत के मामले में शनिवार को डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। मृतक की बहन भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। अपने इकलौते भाई का शव को देखकर उसका रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
कानपुर नगर जिले की कोतवाली बिल्हौर के उत्तरीपुरा गांव निवासी लुंजी जाटव (43) पुत्र राधेश्याम फतेहगढ़ के सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। शुक्रवार की दोपहर उसका शव निर्माणधीन बैंरक में फांसी के फंदे पर लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया। जेल प्रशासन ने इसकी सूचना मृतक के घरवालों को दी। सूचना मिलने पर मृतक की बहन रामेश्वरी देवी पत्नी बाबूराम जाटव अपने पति के साथ शुक्रवार की रात यहां पहुंची। शनिवार को कैदी के शव का डॉक्टर सुमित कुमार और डॉक्टर दीपक कटारिया के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कैदी की मौत फांसी लगाने से श्वांस नली के अवरुद्ध होने से हुई। उधर, मृत कैदी की बहन ने बताया कि होली त्योहार के 15 दिन बाद वह अपने भाई से मिलने के लिए आई थी। उस समय उसने हर महीने आकर मिलने की बात कही थी। उसने बताया कि भाई अपनी जमानत की बात कह रहा था। रामेश्वरी देवी ने बताया कि वह और उसका पति मेहनत मजदूरी कर जैसे तैसे अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। उसके पास पैसे न हो पाने के कारण वह अपने भाई से नहीं मिल सकी थी। उसका कहना था कि उसके मां बाप की काफी पहले मौत हो चुकी है। उसकी एक छोटी बहन सुशीला थी। उसकी भी मौत हो चुकी है। उसके घर पर अब कोई नहीं बचा।

कन्नौज जेल अधीक्षक को सौंपी गई मामले की विभागीय जांच
डीएम ने भी ज्यूडीशियल जांच को सीजेएम को लिखा पत्र

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