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जीएसटी: किताबें न मिलने से छात्र परेशान
Updated Thu, 13 Jul 2017 11:59 PM IST
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चित्रकूट। कापी-किताब की दुकानों पर भी जीएसटी का असर देखने को मिल रहा है। माल न आने से छात्र-छात्राओं को जरूरी किताबें नहीं मिल पा रही हैं। जिससे छात्र परेशान हैं। किताबों व कापियों के दाम भी बढ़ गए हैं।
जुलाई माह में स्कूल, कॉलेज खुलते ही किताब-कापी की दुकानों में खरीददारी के लिए लोगों की लाइन लगने लगी है। मगर जीएसटी के कारण दुकानदार पुराना माल ही बेच रहे हैं। जिससे कई दुकानों में किताबें खत्म हो गई हैं और छात्र परेशान हैं।
शहर के दुकानदार राजेश गुप्ता, मोहित अग्रवाल, सुरेश आदि ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद से नया माल नहीं मिल पा रहा है। संपर्क करने पर बताया जाता है कि अभी नया माल नहीं आया है। इंटर के छात्र अरुण कुमार ने बताया कि दो दिन से वह विज्ञान की किताब खरीदने के लिए दुकानों का चक्कर काट रहे हैं।
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छात्रा मीना गुप्ता ने बताया कि राजनीति शास्त्र की किताब नहीं मिल रही है। वहीं पिछले साल की तुलना में इस बार कापियां महंगी मिल रही हैं।
-दुकानों लग रही भीड़, पुराने माल से दुकानदार चला रहे काम
अमर उजाला ब्यूरो
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जुलाई माह में स्कूल, कॉलेज खुलते ही किताब-कापी की दुकानों में खरीददारी के लिए लोगों की लाइन लगने लगी है। मगर जीएसटी के कारण दुकानदार पुराना माल ही बेच रहे हैं। जिससे कई दुकानों में किताबें खत्म हो गई हैं और छात्र परेशान हैं।
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शहर के दुकानदार राजेश गुप्ता, मोहित अग्रवाल, सुरेश आदि ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद से नया माल नहीं मिल पा रहा है। संपर्क करने पर बताया जाता है कि अभी नया माल नहीं आया है। इंटर के छात्र अरुण कुमार ने बताया कि दो दिन से वह विज्ञान की किताब खरीदने के लिए दुकानों का चक्कर काट रहे हैं।
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छात्रा मीना गुप्ता ने बताया कि राजनीति शास्त्र की किताब नहीं मिल रही है। वहीं पिछले साल की तुलना में इस बार कापियां महंगी मिल रही हैं।
-दुकानों लग रही भीड़, पुराने माल से दुकानदार चला रहे काम
अमर उजाला ब्यूरो