फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Weeping of manure, 25 percent sowing of potatoes

खाद का रोना, 25 फीसदी हुआ आलू का बोना

Sun, 31 Oct 2021 12:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 31 Oct 2021 12:30 AM IST
विज्ञापन
Weeping of manure, 25 percent sowing of potatoes
मानीमऊ में आलू बुवाई करते किसान। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। बेमौसम बरसात ने किसानों को तबाह कर दिया है। खेताें में बोई फसल बर्बाद हो गई। भरपाई के लिए किसानों ने अब दोबारा आलू की बुवाई शुरू की है। खाद के संकट से काम ठप हो गया। जल्द खाद न मिली तो फसल प्रभावित होना तय है। वहीं जिला उद्यान विभाग के अनुसार जिले में दोबारा 25 फीसदी तक आलू की बुवाई हुई है। तमाम किसान खाद का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन

जिले में करीब दो लाख किसान 50 हजार 250 हेक्टेयर में आलू की बुवाई करते हैं। 12 लाख छह हजार मीट्रिक टन पैदावार मिलती है। इस बार बेमौसम बारिश के चलते 40 फीसदी आलू की फसल बर्बाद हो गई। अब किसानों ने दोबारा बुवाई शुरू की है। डीएपी और यूरिया की किल्लत के चलते बुवाई प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन

शासन ने इस साल डीएपी वितरण का लक्ष्य 26 हजार मीट्रिक टन रखा है। अभी तक महज 10 हजार मीट्रिक टन आपूर्ति हुई है। यूरिया का लक्ष्य 64 हजार 400 मीट्रिक टन है। अभी तक करीब 25 हजार मीट्रिक टन ही वितरण हो सका। किसानों का कहना है कि बारिश से पहले 40 फीसदी आलू की बुवाई के लिए वह डीएपी और यूरिया का उठान कर चुके हैं। अब फसल नष्ट होने के बाद फिर खाद की आवश्यकता है। खाद लेने के लिए किसान समितियों और निजी दुकानों के चक्कर काट रहे हैं। खेतों में नमी आने के बाद करीब 25 फीसदी बुवाई हो पाई है। ज्यादातर किसान डीएपी और यूरिया का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि खाद की खेप लगातार आ रही है। किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed