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खाद का रोना, 25 फीसदी हुआ आलू का बोना
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मानीमऊ में आलू बुवाई करते किसान।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। बेमौसम बरसात ने किसानों को तबाह कर दिया है। खेताें में बोई फसल बर्बाद हो गई। भरपाई के लिए किसानों ने अब दोबारा आलू की बुवाई शुरू की है। खाद के संकट से काम ठप हो गया। जल्द खाद न मिली तो फसल प्रभावित होना तय है। वहीं जिला उद्यान विभाग के अनुसार जिले में दोबारा 25 फीसदी तक आलू की बुवाई हुई है। तमाम किसान खाद का इंतजार कर रहे हैं।
जिले में करीब दो लाख किसान 50 हजार 250 हेक्टेयर में आलू की बुवाई करते हैं। 12 लाख छह हजार मीट्रिक टन पैदावार मिलती है। इस बार बेमौसम बारिश के चलते 40 फीसदी आलू की फसल बर्बाद हो गई। अब किसानों ने दोबारा बुवाई शुरू की है। डीएपी और यूरिया की किल्लत के चलते बुवाई प्रभावित हो रही है।
शासन ने इस साल डीएपी वितरण का लक्ष्य 26 हजार मीट्रिक टन रखा है। अभी तक महज 10 हजार मीट्रिक टन आपूर्ति हुई है। यूरिया का लक्ष्य 64 हजार 400 मीट्रिक टन है। अभी तक करीब 25 हजार मीट्रिक टन ही वितरण हो सका। किसानों का कहना है कि बारिश से पहले 40 फीसदी आलू की बुवाई के लिए वह डीएपी और यूरिया का उठान कर चुके हैं। अब फसल नष्ट होने के बाद फिर खाद की आवश्यकता है। खाद लेने के लिए किसान समितियों और निजी दुकानों के चक्कर काट रहे हैं। खेतों में नमी आने के बाद करीब 25 फीसदी बुवाई हो पाई है। ज्यादातर किसान डीएपी और यूरिया का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि खाद की खेप लगातार आ रही है। किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।
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जिले में करीब दो लाख किसान 50 हजार 250 हेक्टेयर में आलू की बुवाई करते हैं। 12 लाख छह हजार मीट्रिक टन पैदावार मिलती है। इस बार बेमौसम बारिश के चलते 40 फीसदी आलू की फसल बर्बाद हो गई। अब किसानों ने दोबारा बुवाई शुरू की है। डीएपी और यूरिया की किल्लत के चलते बुवाई प्रभावित हो रही है।
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शासन ने इस साल डीएपी वितरण का लक्ष्य 26 हजार मीट्रिक टन रखा है। अभी तक महज 10 हजार मीट्रिक टन आपूर्ति हुई है। यूरिया का लक्ष्य 64 हजार 400 मीट्रिक टन है। अभी तक करीब 25 हजार मीट्रिक टन ही वितरण हो सका। किसानों का कहना है कि बारिश से पहले 40 फीसदी आलू की बुवाई के लिए वह डीएपी और यूरिया का उठान कर चुके हैं। अब फसल नष्ट होने के बाद फिर खाद की आवश्यकता है। खाद लेने के लिए किसान समितियों और निजी दुकानों के चक्कर काट रहे हैं। खेतों में नमी आने के बाद करीब 25 फीसदी बुवाई हो पाई है। ज्यादातर किसान डीएपी और यूरिया का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि खाद की खेप लगातार आ रही है। किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।
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