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Kannauj News: गंगा के जलस्तर गिरने से लौटने लगे ग्रामीण
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मानीमऊ/कन्नौज। गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट आने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों ने शुक्रवार को राहत की सांस ली है। महादेवी घाट पर गंगा का जलस्तर 124.900 मीटर दर्ज किया गया। पिछले दिनों जलस्तर के खतरे के निशान के करीब पहुंचने से कासिमपुर, बक्शीपुर्वा सहित आसपास के तटवर्ती क्षेत्रों में भारी मात्रा में जलभराव हो गया था। जलभराव से काफी फसलें बर्बाद हुई हैं।
जलस्तर में लगातार कमी आने से कासिमपुर गांव के ग्रामीण जो अब तक सड़कों पर तिरपाल तान कर रहने को मजबूर थे, वह अपने घर लौटने लगे हैं। गंगा के जलस्तर में कमी आने से आवागमन सामान्य होने लगा है। साथ ही ग्रामीणों को बाढ़ की स्थिति में सुधार की उम्मीद है। जलस्तर घटने से खेतों में जमा बाढ़ का पानी भी धीरे-धीरे कम होने लगा है, जिससे किसानों को राहत मिलने की संभावना है।
हालांकि, कई स्थानों पर अभी भी जलभराव और आवागमन की समस्या है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में गिरावट राहत देने वाली है, लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति होने तक सतर्कता जरूरी है। सदर उपजिलाधिकारी वैभव गुप्ता ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ का पानी घटने के बाद बीमारी बढ़ने की आशंका रहती है। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं।
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जलस्तर में लगातार कमी आने से कासिमपुर गांव के ग्रामीण जो अब तक सड़कों पर तिरपाल तान कर रहने को मजबूर थे, वह अपने घर लौटने लगे हैं। गंगा के जलस्तर में कमी आने से आवागमन सामान्य होने लगा है। साथ ही ग्रामीणों को बाढ़ की स्थिति में सुधार की उम्मीद है। जलस्तर घटने से खेतों में जमा बाढ़ का पानी भी धीरे-धीरे कम होने लगा है, जिससे किसानों को राहत मिलने की संभावना है।
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हालांकि, कई स्थानों पर अभी भी जलभराव और आवागमन की समस्या है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में गिरावट राहत देने वाली है, लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति होने तक सतर्कता जरूरी है। सदर उपजिलाधिकारी वैभव गुप्ता ने बताया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ का पानी घटने के बाद बीमारी बढ़ने की आशंका रहती है। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं।
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