फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   The martyr's mother has been in poverty for 16 years

Kannauj News: 16 साल से मुफलिसी में बलिदानी की मां

Tue, 11 Mar 2025 11:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 11 Mar 2025 11:50 PM IST
विज्ञापन
The martyr's mother has been in poverty for 16 years
सौरिख। 16 साल पहले एयरफोर्स के सार्जेंट फ्लाइट इंजीनियर मुस्तफा अली बलिदान हो गए थे। बेटे के बलिदान होने के बाद माता-पिता को कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली। सरकार द्वारा पत्नी को आर्थिक सहायता दी गई थी। कुछ दिन बाद पत्नी ने दूसरी शादी कर ली। अब बलिदानी की मां मुफलिसी में जी रही हैं।
विज्ञापन



इलाके के ग्राम कबीरपुर निवासी शफाकत अली और कुरैशा बेगम के दो बेटे थे। बड़ा बेटा बशारत अली राजकीय इंटर कालेज में अध्यापक था, जबकि छोटा बेटा मुस्तफा अली 23 मार्च 1998 को एयरफोर्स में भर्ती हुआ था। पांच मई 2007 को मुस्तफा की शादी गुरसहायगंज के डुंडवा बुजुर्ग निवासी रेहाना के साथ हुई थी। 14 नवंबर 2008 को छत्तीसगढ़ में चुनाव ड्यूटी में उड़ान भरने के दौरान नक्सलियों की फायरिंग में फ्लाइट इंजीनियर 119 हेलीकॉप्टर यूनिट के मुस्तफा अली सिर में गोली लगने से शहीद हो गए थे। सरकार द्वारा दी जानी वाली आर्थिक सहायता, भत्ते और पेंशन पत्नी रेहाना को मिली, जबकि माता-पिता को कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई।
विज्ञापन

सितंबर 2011 में बलिदानी के पिता शफाकत की भी मौत हो गई। इसके बाद 2013 में बलिदानी की पत्नी रेहाना ने दूसरी शादी कर ली। 10 जुलाई 2014 को बड़े बेटे बशारत अली की भी राजकीय इंटर काॅलेज उमर्दा से मुख्यालय जाते समय दुर्घटना में मौत हो गई। दोनों बेटों के जाने के बाद बलिदानी की मां मुफलिसी में जीवन काट रही हैं। कुरैशा बेगम ने बताया कि सरकार द्वारा बेटे के बलिदान होने पर दी जानी वाली आर्थिक सहायता में हम लोगों को कुछ नहीं मिला और बेटे के बलिदान होने के बाद बहू ने भी दूसरी शादी कर ली। इस बारे में पूर्व सैनिक संघ के जिलाध्यक्ष शौर्य चक्र से सम्मानित कैप्टन रविंद्र सिंह ने बताया कि पहले बलिदानी के माता-पिता ने कोशिश नहीं की, सरकार द्वारा माता-पिता को भी धनराशि का भुगतान किया जाता है, जो नहीं मिली। सरकार द्वारा नौ हजार रुपये प्रति माह की सहायता मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed