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Kannauj News: 316 में से 28 टंकियां अधूरी, छह महीने और इंतजार
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कन्नौज। जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना कछुए की गति से चल रही है। जिले में 316 टंकियों का निर्माण कराया जा रहा है पर अभी भी 28 टंकियां अधूरी हैं। निर्माण कार्य पूरा न होने से हजारों लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए अभी कम से कम छह महीने और इंतजार करना पड़ेगा।
जिले में टंकियों के निर्माण की जिम्मेदारी दो कंपनियों को दी गई है। इनमें 88 टंकियों का निर्माण कार्य हैदराबाद की कंपनी वीएसए को और 228 टंकियों के निर्माण की जिम्मेदारी जीवीपीआर कंपनी को सौंपी गई है। जीवीपीआर कंपनी का कार्य पूरा हो चुका है। कंपनी द्वारा 226 टंकियों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। केवल रेलवे लाइन और हाईवे क्रॉसिंग की अनुमति न मिलने के कारण दो टंकियों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। वहीं, हैदराबाद की कंपनी वीएसए का काम काफी धीमा है। कंपनी को मिली 88 टंकियों में से अभी तक केवल 60 टंकियों का निर्माण ही पूरा हो सका है।
28 टंकियों का निर्माण कार्य अभी भी चल रहा है। इन टंकियों के अधूरे होने से कई गांवों में पाइप लाइन बिछाने और घरों तक कनेक्शन देने का काम भी लटका है। टंकियों के निर्माण के लिए मार्च 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कार्यदायी संस्था को सख्त हिदायत दी गई है कि काम में तेजी लाई जाए। बारिश के चलते काम की गति धीमी हुई है पर मौसम साफ होते ही काम में तेजी आएगी। अधूरी टंकियों के निर्माण में अभी छह माह का वक्त और लग सकता है। तब तक नागरिकों को शुद्ध पेयजल के लिए इंतजार करना
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लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत हर घर को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। जिले में इस योजना के तहत तेजी से काम शुरू हुआ था, लेकिन निर्माण एजेंसियों की लापरवाही और तकनीकी अड़चनों के कारण यह योजना समय पर पूरी नहीं हो पा रही है।
वर्जन
अधूरी टंकियों का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्था को मार्च 2027 तक का समय दिया गया है। निर्माणाधीन टंकियों का काम 80 फीसदी पूरा हो चुका है। शेष कार्य समय से पूरा होने की उम्मीद है। -अशोक कुमार राय, अधिशासी अभियंता जलनिगम
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जिले में टंकियों के निर्माण की जिम्मेदारी दो कंपनियों को दी गई है। इनमें 88 टंकियों का निर्माण कार्य हैदराबाद की कंपनी वीएसए को और 228 टंकियों के निर्माण की जिम्मेदारी जीवीपीआर कंपनी को सौंपी गई है। जीवीपीआर कंपनी का कार्य पूरा हो चुका है। कंपनी द्वारा 226 टंकियों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। केवल रेलवे लाइन और हाईवे क्रॉसिंग की अनुमति न मिलने के कारण दो टंकियों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। वहीं, हैदराबाद की कंपनी वीएसए का काम काफी धीमा है। कंपनी को मिली 88 टंकियों में से अभी तक केवल 60 टंकियों का निर्माण ही पूरा हो सका है।
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28 टंकियों का निर्माण कार्य अभी भी चल रहा है। इन टंकियों के अधूरे होने से कई गांवों में पाइप लाइन बिछाने और घरों तक कनेक्शन देने का काम भी लटका है। टंकियों के निर्माण के लिए मार्च 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए कार्यदायी संस्था को सख्त हिदायत दी गई है कि काम में तेजी लाई जाए। बारिश के चलते काम की गति धीमी हुई है पर मौसम साफ होते ही काम में तेजी आएगी। अधूरी टंकियों के निर्माण में अभी छह माह का वक्त और लग सकता है। तब तक नागरिकों को शुद्ध पेयजल के लिए इंतजार करना
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लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा
जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत हर घर को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। जिले में इस योजना के तहत तेजी से काम शुरू हुआ था, लेकिन निर्माण एजेंसियों की लापरवाही और तकनीकी अड़चनों के कारण यह योजना समय पर पूरी नहीं हो पा रही है।
वर्जन
अधूरी टंकियों का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए संबंधित कार्यदायी संस्था को मार्च 2027 तक का समय दिया गया है। निर्माणाधीन टंकियों का काम 80 फीसदी पूरा हो चुका है। शेष कार्य समय से पूरा होने की उम्मीद है। -अशोक कुमार राय, अधिशासी अभियंता जलनिगम