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कन्नौज से शुरू हुई थी, शीला दीक्षित की सियासी पारी
अमर उजाला/कन्नौज
Updated Fri, 15 Jul 2016 12:18 AM IST
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कांग्रेस
- फोटो : file photo
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कांग्रेस की ओर से यूपी मुख्यमंत्री पद की दावेदार शीला दीक्षित ने अपनी सियासी पारी की शुरुआत कन्नौज से की थी। इतना ही नहीं केंद्रीय संसदीय कार्य राज्यमंत्री रहने हुए उन्होंने कन्नौज में कई विकास कार्य कराए और दिल्ली की मुख्यमंत्री रहते हुए भी यहां से नाता बनाए रखा। वर्ष 1984 के आम चुनाव में शीला दीक्षित ने कांग्रेस के टिकट पर कन्नौज संसदीय सीट से रिकार्ड मतों से जीती और राजीव गांधी सरकार में केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री बनीं।
उनके कार्यकाल के दौरान ही निकटवर्ती औरैया जिले में उनके प्रयासों से एनटीपीसी व गेल प्रोजेक्ट की स्थापना की गई । कन्नौज जिले के तिर्वा क्षेत्र में लाख बहोसी पक्षी विहार व तिर्वा कस्बे में दूरदर्शन रिले टावर सेंटर उन्हीं की देन है। हसेरन में सीएचसी के अलावा जिले के सभी प्रमुख मार्गों पर उन्हाेंने डामरीकृत कराया। उनके पति विनोद दीक्षित की मौत के बाद कन्नौज शहर में अस्पताल बना, जिसका नामकरण विनोद दीक्षित चिकित्सालय के रूप में हुआ।
कन्नौज मेंहदी घाट पर गंगा नदी पर बना पुल भी उनकी याद दिलाता है। वर्ष 1989 के हुए आम चुनाव में वह चुनाव हार गई। इसके बाद दिल्ली का रुख कर लिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह कन्नौज से रिश्ता बनाए रखीं। अब उन्हें यूपी सीएम पद का दावेदार घोषित किया गया है तो कन्नौज के लोग फूले नहीं समा रहे हैं।
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कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय मिश्रा का कहना है कि शीला दीक्षित की उम्मीदवारी कांग्रेस के लिए संजीवनी का काम करेगी। प्रांतीय संचिव ऊषा दुबे ने कहा कि प्रियंका वाड्रा, राजब्बर व शीला दीक्षित की जोड़ी यूपी चुनाव में करिश्मा दिखाएगी।
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उनके कार्यकाल के दौरान ही निकटवर्ती औरैया जिले में उनके प्रयासों से एनटीपीसी व गेल प्रोजेक्ट की स्थापना की गई । कन्नौज जिले के तिर्वा क्षेत्र में लाख बहोसी पक्षी विहार व तिर्वा कस्बे में दूरदर्शन रिले टावर सेंटर उन्हीं की देन है। हसेरन में सीएचसी के अलावा जिले के सभी प्रमुख मार्गों पर उन्हाेंने डामरीकृत कराया। उनके पति विनोद दीक्षित की मौत के बाद कन्नौज शहर में अस्पताल बना, जिसका नामकरण विनोद दीक्षित चिकित्सालय के रूप में हुआ।
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कन्नौज मेंहदी घाट पर गंगा नदी पर बना पुल भी उनकी याद दिलाता है। वर्ष 1989 के हुए आम चुनाव में वह चुनाव हार गई। इसके बाद दिल्ली का रुख कर लिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने के बाद भी वह कन्नौज से रिश्ता बनाए रखीं। अब उन्हें यूपी सीएम पद का दावेदार घोषित किया गया है तो कन्नौज के लोग फूले नहीं समा रहे हैं।
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कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विजय मिश्रा का कहना है कि शीला दीक्षित की उम्मीदवारी कांग्रेस के लिए संजीवनी का काम करेगी। प्रांतीय संचिव ऊषा दुबे ने कहा कि प्रियंका वाड्रा, राजब्बर व शीला दीक्षित की जोड़ी यूपी चुनाव में करिश्मा दिखाएगी।