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Kannauj News: शिलापट के बाद स्कूल का गेट और पिलर गिरा, हादसा बचा
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तालग्राम। शिलापट टूट कर गिरने से छात्र की मौत के चौथे दिन अब स्कूल का गेट और पिलर गिर गए। इससे बड़ा हादसा बच गया। अभिभावकों ने जर्जर भवन में पढ़ाई का बहिष्कार करते हुए बच्चों को बृहस्पतिवार को स्कूल नहीं भेजा। इंचार्ज शिक्षक ने नोडल संकुल शिक्षक और बीईओ को मामले से अवगत कराया है। इसके बाद भी विभागीय आलाधिकारी स्कूल नहीं पहुंचे।
तालग्राम थाना क्षेत्र के अचनकापुर प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को शिलापट टूटकर गिरने से कक्षा दो के छात्र विमल की मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को स्कूल का आधा लगा गेट और पिलर के साथ बाउंड्रीवॉल का कुछ हिस्सा गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां बच्चे नहीं थे। अभिभावकों ने यदि बच्चों को स्कूल भेजा होता बड़े हादसे की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
इंचार्ज शिक्षक राजेश बाबू ने बताया कि स्कूल भवन के अलावा एक अतिरिक्त कक्ष भी जर्जर है। आधा गेट पहले टूट गया था शेष गेट पिलर व बाउंड्रीवॉल का कुछ हिस्सा ढह गया है। स्कूल में 37 बच्चे पंजीकृत हैं। अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। दो किलोमीटर दूर कंपोजिट विद्यालय असेह में भी बच्चों को शिफ्ट कराने की बात पर भी मना कर दिया, जबकि गांव के बरात घर में पढ़ाई की मांग कर रहे हैं। इस मामले को विभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
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इनसेट
नहीं हुई सत्रीय परीक्षा
स्कूल में बच्चों के न आने से सत्रीय परीक्षा नहीं हो सकी है। शिक्षक राजेश बाबू और शिक्षामित्र साधना देवी बच्चों का इंतजार करते रहे। जबकि शिक्षक मोहम्मद सलीम खान और शिक्षामित्र संजीव कुमार निपुण भारत मिशन के प्रशिक्षण के लिए बीआरसी गए थे। दोनों रसोइया भी स्कूल में मौजूद रहीं।
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इनसेट
आंगनबाड़ी केंद्र पर नहीं पहुंचे बच्चे
स्कूल के जर्जर कक्ष में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। गांव के प्रमोद राजपूत, भूदेव, अवधेश, अनुराग सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं से आंगनबाड़ी के बच्चे छोटे हैं। जर्जर कक्ष में केंद्र संचालित है। खतरे की आंशका को देखते बच्चों को नहीं भेजा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रूपा देवी ने बताया कि केंद्र पर 107 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें 3 से 6 वर्ष के 55 बच्चे पढ़ने आते हैं। बृहस्पतिवार को बच्चों के न आने पर घर-घर संपर्क किया तो अभिभावकों ने जर्जर भवन के कारण बच्चों को भेजने से मना कर दिया है। विभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया हैं।
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वर्जन
नजदीकी विद्यालयों में बच्चों को कराया जाएगा शिफ्ट
बीईओ आनंद द्विवेदी का कहना है कि अभिभावकों ने बच्चों स्कूल नहीं भेजा है। इसकी जानकारी मिली है। नजदीकी विद्यालयों में किसी एक में छात्र-छात्राओं को शिफ्ट कराया जाएगा।
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तालग्राम थाना क्षेत्र के अचनकापुर प्राथमिक विद्यालय में सोमवार को शिलापट टूटकर गिरने से कक्षा दो के छात्र विमल की मौत हो गई थी। बृहस्पतिवार को स्कूल का आधा लगा गेट और पिलर के साथ बाउंड्रीवॉल का कुछ हिस्सा गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां बच्चे नहीं थे। अभिभावकों ने यदि बच्चों को स्कूल भेजा होता बड़े हादसे की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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इंचार्ज शिक्षक राजेश बाबू ने बताया कि स्कूल भवन के अलावा एक अतिरिक्त कक्ष भी जर्जर है। आधा गेट पहले टूट गया था शेष गेट पिलर व बाउंड्रीवॉल का कुछ हिस्सा ढह गया है। स्कूल में 37 बच्चे पंजीकृत हैं। अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। दो किलोमीटर दूर कंपोजिट विद्यालय असेह में भी बच्चों को शिफ्ट कराने की बात पर भी मना कर दिया, जबकि गांव के बरात घर में पढ़ाई की मांग कर रहे हैं। इस मामले को विभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया है।
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नहीं हुई सत्रीय परीक्षा
स्कूल में बच्चों के न आने से सत्रीय परीक्षा नहीं हो सकी है। शिक्षक राजेश बाबू और शिक्षामित्र साधना देवी बच्चों का इंतजार करते रहे। जबकि शिक्षक मोहम्मद सलीम खान और शिक्षामित्र संजीव कुमार निपुण भारत मिशन के प्रशिक्षण के लिए बीआरसी गए थे। दोनों रसोइया भी स्कूल में मौजूद रहीं।
इनसेट
आंगनबाड़ी केंद्र पर नहीं पहुंचे बच्चे
स्कूल के जर्जर कक्ष में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। गांव के प्रमोद राजपूत, भूदेव, अवधेश, अनुराग सिंह ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं से आंगनबाड़ी के बच्चे छोटे हैं। जर्जर कक्ष में केंद्र संचालित है। खतरे की आंशका को देखते बच्चों को नहीं भेजा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रूपा देवी ने बताया कि केंद्र पर 107 बच्चे पंजीकृत हैं, जिसमें 3 से 6 वर्ष के 55 बच्चे पढ़ने आते हैं। बृहस्पतिवार को बच्चों के न आने पर घर-घर संपर्क किया तो अभिभावकों ने जर्जर भवन के कारण बच्चों को भेजने से मना कर दिया है। विभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया हैं।
वर्जन
नजदीकी विद्यालयों में बच्चों को कराया जाएगा शिफ्ट
बीईओ आनंद द्विवेदी का कहना है कि अभिभावकों ने बच्चों स्कूल नहीं भेजा है। इसकी जानकारी मिली है। नजदीकी विद्यालयों में किसी एक में छात्र-छात्राओं को शिफ्ट कराया जाएगा।