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Kannauj News: रिटायर्ड दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे आठ लाख
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कन्नौज। सरकारी नौकरी से सेवानिवृत दंपती काे डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने आठ लाख रुपये ऐंठ लिए। पति राजस्व निरीक्षक व पत्नी प्रधानाध्यापिका रह चुकी हैं। ठगों ने गृह मंत्रालय के डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड में कार्यरत बताकर पीड़ित की सिम को टेरर फंडिग के लिए प्रयोग किए जाने की बात कही और मामला रफा-दफा करने के लिए आठ लाख रुपये ठग लिए।
छिबरामऊ के मोहल्ला तिवारियान निवासी कालिका प्रसाद मिश्रा राजस्व निरीक्षक के पद से सेवानिवृत हैं। उनकी पत्नी रमादेवी मिश्रा प्रधानाध्यापक रही हैं। 23 मार्च को उन्हें अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को गृह मंत्रालय के डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड में कार्यरत बताया। आरोपी ने कालिका प्रसाद के आधार कार्ड पर लिए गए सिम के माध्यम से खाता खोलकर टेरर फंडिंग और बच्चों के अश्लील वीडियो बनाकर कमीशन लेने की बात कही। ठगों ने बताया कि उक्त मामले के संदर्भ में मुंबई में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसकी छानबीन इंस्पेक्टर संदीप राव कर रहे हैं।
ठगों ने व्हाट़सएप पर वीडियो काॅल कर दंपती को सुप्रीम कोर्ट से वारंट जारी होने की धमकी देकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। उसने मुकदमे से बचने के लिए अपने खाते में जमा पूरी धनराशि कोलकाता के एक बैंक में धनमेवा व्यापारी ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड फर्म के इंडसइंड बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा। ठगों की धमकी से घबराकर 24 मार्च को आरटीजीएस के माध्यम से 8.10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। ठगों ने इस भुगतान की रसीद भी मोबाइल पर भेजी। घटना के बाद साइबर ठगी की जानकारी होने पर दंपती ने साइबर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाना प्रभारी विश्वनाथ मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि साइबर थाने के अलावा सर्विलांस सेल को भी लगाया गया है। जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा।
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छिबरामऊ के मोहल्ला तिवारियान निवासी कालिका प्रसाद मिश्रा राजस्व निरीक्षक के पद से सेवानिवृत हैं। उनकी पत्नी रमादेवी मिश्रा प्रधानाध्यापक रही हैं। 23 मार्च को उन्हें अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को गृह मंत्रालय के डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड में कार्यरत बताया। आरोपी ने कालिका प्रसाद के आधार कार्ड पर लिए गए सिम के माध्यम से खाता खोलकर टेरर फंडिंग और बच्चों के अश्लील वीडियो बनाकर कमीशन लेने की बात कही। ठगों ने बताया कि उक्त मामले के संदर्भ में मुंबई में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसकी छानबीन इंस्पेक्टर संदीप राव कर रहे हैं।
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ठगों ने व्हाट़सएप पर वीडियो काॅल कर दंपती को सुप्रीम कोर्ट से वारंट जारी होने की धमकी देकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। उसने मुकदमे से बचने के लिए अपने खाते में जमा पूरी धनराशि कोलकाता के एक बैंक में धनमेवा व्यापारी ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड फर्म के इंडसइंड बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा। ठगों की धमकी से घबराकर 24 मार्च को आरटीजीएस के माध्यम से 8.10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। ठगों ने इस भुगतान की रसीद भी मोबाइल पर भेजी। घटना के बाद साइबर ठगी की जानकारी होने पर दंपती ने साइबर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाना प्रभारी विश्वनाथ मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि साइबर थाने के अलावा सर्विलांस सेल को भी लगाया गया है। जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा।
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