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रेलवे अफसर जागे, बनने लगा सुरक्षा घेरा
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Sun, 30 Aug 2015 11:42 PM IST
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सात दिन पहले कानपुर-कासगंज रेलवे ट्रैक पर हुए हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर रेलवे अफसरों की नींद खुल गई है। हादसे के बाद अमर उजाला में छपी खबर ‘हादसे के लिए रेलवे अफसर भी जिम्मेदार’ को गंभीरता से लेकर रेल प्रशासन ने सुरक्षा घेरे का निर्माण शुरू करा दिया है।
कानपुर-कासगंज रेलवे लाइन से ठीक बगल में जीटी रोड हाइवे निकला है। समानांतर रेलवे व रोड पर आवागमन होने के कारण खतरा मंडराने पर रेलवे ने जसोदा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म से पश्चिमी केबिन तक करीब 500 मीटर दूरी में एक तरफ ईंटों की दीवार खड़ी कर दी। लेकिन दूसरी तरफ का हिस्सा खुला छोड़ दिया। इस वजह से जसोदा-तिर्वा रोड व रेलवे लाइन के बीच 23 अगस्त को लोडर बैक होते समय हादसा हो गया। इसमें एक युवक अखिलेंद्र यादव की मौत हो गई थी, जबकि 30 लोग घायल हुए थे।
अमर उजाला में छपी खबर ने रेलवे का ध्यान इस ओर खींचा। मुख्य सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) प्रभात कुमार वाजपेयी ने भी घटनास्थल के निरीक्षण के बाद इस कमी को महसूस किया। उन्होंने तत्काल रेलवे ट्रैक तक वाहनों को पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा घेरा खींचने के निर्देश दिए थे। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रेलवे कर्मचारियों ने पहले तो पांच फुट गहरी नाली खुदवा दी। इसके अलावा रेलवे लाइन व रोड के बीच खाली पड़ी जगह पर लोहे के एंगल गाड़कर रेलिंग तैयार कर दी। करीब 40 मीटर रेलिंग बना दी गई है।
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रेलवे ठेकेदार राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्राइमरी स्कूल से लेकर पश्चिमी केबिन गुमटी गुमटी तक लोहे के एंगल की सुरक्षा रेलिंग बनेगी। बजट उपलब्ध होते ही पक्की दीवार खड़ी कर दी जाएगी। वहीं जीटी रोड साइड में बनी दीवार तोड़कर जहां आने-जाने का रास्ता बनाया गया है उसे बंद कर लोहे के एंगल गाड़ दिए गए हैं।
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कानपुर-कासगंज रेलवे लाइन से ठीक बगल में जीटी रोड हाइवे निकला है। समानांतर रेलवे व रोड पर आवागमन होने के कारण खतरा मंडराने पर रेलवे ने जसोदा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म से पश्चिमी केबिन तक करीब 500 मीटर दूरी में एक तरफ ईंटों की दीवार खड़ी कर दी। लेकिन दूसरी तरफ का हिस्सा खुला छोड़ दिया। इस वजह से जसोदा-तिर्वा रोड व रेलवे लाइन के बीच 23 अगस्त को लोडर बैक होते समय हादसा हो गया। इसमें एक युवक अखिलेंद्र यादव की मौत हो गई थी, जबकि 30 लोग घायल हुए थे।
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अमर उजाला में छपी खबर ने रेलवे का ध्यान इस ओर खींचा। मुख्य सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) प्रभात कुमार वाजपेयी ने भी घटनास्थल के निरीक्षण के बाद इस कमी को महसूस किया। उन्होंने तत्काल रेलवे ट्रैक तक वाहनों को पहुंचने से रोकने के लिए सुरक्षा घेरा खींचने के निर्देश दिए थे। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रेलवे कर्मचारियों ने पहले तो पांच फुट गहरी नाली खुदवा दी। इसके अलावा रेलवे लाइन व रोड के बीच खाली पड़ी जगह पर लोहे के एंगल गाड़कर रेलिंग तैयार कर दी। करीब 40 मीटर रेलिंग बना दी गई है।
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रेलवे ठेकेदार राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि प्राइमरी स्कूल से लेकर पश्चिमी केबिन गुमटी गुमटी तक लोहे के एंगल की सुरक्षा रेलिंग बनेगी। बजट उपलब्ध होते ही पक्की दीवार खड़ी कर दी जाएगी। वहीं जीटी रोड साइड में बनी दीवार तोड़कर जहां आने-जाने का रास्ता बनाया गया है उसे बंद कर लोहे के एंगल गाड़ दिए गए हैं।