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नवरात्र ईश्वरीय शक्ति के साक्षात्कार का पर्व
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 25 Oct 2015 12:20 AM IST
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स्थित कैलाश मार्केट में आयोजित सत्संग में दिल्ली से पधारी साध्वी
हरिप्रिया बाई ने में कहा कि वास्तव में नवरात्र का पर्व ईश्वरीय शक्ति के
साक्षात्कार का पर्व है, जिसमें योग द्वारा आत्मा का परमात्मा से संयोग
होता है।
उन्होंने कहा कि नवरात्र तीन देवियों पार्वती, सरस्वती और लक्ष्मी के नौ विभिन्न स्वरूपों के लिए निर्धारित हैं। नौ दुर्गाओं ने देव दानव युद्ध में विशेष भूमिका निभाई है। हिमालय राज की पुत्री पार्वती ने अपने भक्तों को सुरक्षित रखने के लिए और धरती, आकाश व पाताल में सुख शांति स्थापित करने के लिए दानवों और राक्षसों को नष्ट करने का संकल्प लिया था।
नवरात्र हमें सिखाते हैं कि किस तरह इंसान अपने अंदर निहित आत्मा को अलौकिक शक्ति से साक्षात्कार करा सकता है। मां भगवती से प्रार्थना करें कि वे हमारे मन के विकार, कष्ट और क्लेशों का शमन कर उनमें दिव्यता भरकर हमें भी दिव्य साम्राज्य का भागी बनाए। उन्होंने भजन जगदंबे महारानी तेरी महिमा अपरंपार सुनाकर भक्तों को निहाल कर दिया।
संचालन कर रहे रामसनेही शर्मा, मिथलेश, राधेश्याम, रामजीत सक्सेना आदि ने भजन प्रस्तुत किए। इस दौरान हारमोनियम पर बाबा जिलेदार, ढोलक पर ब्रजेंद्र सिंह, झींका पर सुरेश सिंह ने संगत दी। प्रधानाध्यापक सतीश चंद्र द्विवेदी, डॉ. अशोक दुबे, राजेंद्र, महिपाल सिंह ने आरती कर प्रसाद का वितरण किया।
उन्होंने कहा कि नवरात्र तीन देवियों पार्वती, सरस्वती और लक्ष्मी के नौ विभिन्न स्वरूपों के लिए निर्धारित हैं। नौ दुर्गाओं ने देव दानव युद्ध में विशेष भूमिका निभाई है। हिमालय राज की पुत्री पार्वती ने अपने भक्तों को सुरक्षित रखने के लिए और धरती, आकाश व पाताल में सुख शांति स्थापित करने के लिए दानवों और राक्षसों को नष्ट करने का संकल्प लिया था।
नवरात्र हमें सिखाते हैं कि किस तरह इंसान अपने अंदर निहित आत्मा को अलौकिक शक्ति से साक्षात्कार करा सकता है। मां भगवती से प्रार्थना करें कि वे हमारे मन के विकार, कष्ट और क्लेशों का शमन कर उनमें दिव्यता भरकर हमें भी दिव्य साम्राज्य का भागी बनाए। उन्होंने भजन जगदंबे महारानी तेरी महिमा अपरंपार सुनाकर भक्तों को निहाल कर दिया।
संचालन कर रहे रामसनेही शर्मा, मिथलेश, राधेश्याम, रामजीत सक्सेना आदि ने भजन प्रस्तुत किए। इस दौरान हारमोनियम पर बाबा जिलेदार, ढोलक पर ब्रजेंद्र सिंह, झींका पर सुरेश सिंह ने संगत दी। प्रधानाध्यापक सतीश चंद्र द्विवेदी, डॉ. अशोक दुबे, राजेंद्र, महिपाल सिंह ने आरती कर प्रसाद का वितरण किया।