{"_id":"5974d7614f1c1b03418b456b","slug":"dengue-first-patient-found-in-district","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में डेंगू का पहला मरीज मिला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में डेंगू का पहला मरीज मिला
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Sun, 23 Jul 2017 10:35 PM IST
विज्ञापन
vdzgbdsx
- फोटो : Getty Images
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस सीजन में जिले में डेंगू का पहला मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। प्रदेश के पूर्व माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल की नातिन दीपशिखा (20) डेंगू की शिकार हो गई। प्राइवेट अस्पताल में हुए परीक्षण में डेंगू की पुष्टि हुई है। उसे लखनऊ ले जाया गया है।
शिक्षा राज्यमंत्री की नातिन फर्रुखाबाद के आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज में बीएएमएस की छात्रा है। शुक्रवार को वह अपने घर इंदरगढ़ में अवकाश पर आई थी। रात में ही उसे तेज बुखार आया। शनिवार को पीएचसी इंदरगढ़ में बुखार की दवा ली। हालत न सुधरने पर शाम को तिर्वा के एक प्राइवेट पैथोलाजी में ब्लड की जांच कराई गई। एलायजा मशीन से हुई जांच के बाद डेंगू के लक्षण पाए गए। पूर्व राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल ने बताया कि ब्लड की जांच में डेंगू के लक्षण मिले हैं, उसे इलाज के लिए अपने साथ लेकर लखनऊ ले जा रहा हूं।
उधर, इस मामले में मेडिकल कालेज के सीएमएस डा. दिलीप सिंह का कहना है कि मेडिकल कालेज की पैथोलाजी में जांच नहीं हुई है। इस वजह से यह अभी साबित नहीं किया जा सकता कि मरीज में डेंगू के लक्षण थे अथवा नहीं। मेडिकल कालेज में डेंगू के उपचार की व्यवस्था है, अलग वार्ड बना हुआ है, सिर्फ प्लेटलेट्स चढ़ाने की व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा राज्यमंत्री की नातिन फर्रुखाबाद के आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज में बीएएमएस की छात्रा है। शुक्रवार को वह अपने घर इंदरगढ़ में अवकाश पर आई थी। रात में ही उसे तेज बुखार आया। शनिवार को पीएचसी इंदरगढ़ में बुखार की दवा ली। हालत न सुधरने पर शाम को तिर्वा के एक प्राइवेट पैथोलाजी में ब्लड की जांच कराई गई। एलायजा मशीन से हुई जांच के बाद डेंगू के लक्षण पाए गए। पूर्व राज्यमंत्री विजय बहादुर पाल ने बताया कि ब्लड की जांच में डेंगू के लक्षण मिले हैं, उसे इलाज के लिए अपने साथ लेकर लखनऊ ले जा रहा हूं।
विज्ञापन
उधर, इस मामले में मेडिकल कालेज के सीएमएस डा. दिलीप सिंह का कहना है कि मेडिकल कालेज की पैथोलाजी में जांच नहीं हुई है। इस वजह से यह अभी साबित नहीं किया जा सकता कि मरीज में डेंगू के लक्षण थे अथवा नहीं। मेडिकल कालेज में डेंगू के उपचार की व्यवस्था है, अलग वार्ड बना हुआ है, सिर्फ प्लेटलेट्स चढ़ाने की व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन