फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Coming on the protest the death of workers, the commotion

धरने पर आ रही कार्यकत्री की मौत, हंगामा

Tue, 02 Aug 2016 12:00 AM IST
अमर उजाला/कन्नौज
अमर उजाला/कन्नौज Updated Tue, 02 Aug 2016 12:00 AM IST
विज्ञापन
Coming on the protest the death of workers, the commotion
मौन रखे कार्यकत्रियां। - फोटो : अमर उजाला
तिर्वा से कलेक्ट्रेट पर धरने में शामिल होने आ रही कार्यकत्री की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। गुस्साई कार्यकत्रियों ने कलेक्ट्रेट में हंगामा किया। सदर विधायक ने धरना स्थल पहुंचकर कार्यकत्रियों से बात की लेकिन वे नहीं मानीं। इधर, संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता शाक्य ने डीएम को ज्ञापन देकर मृतक कार्यकत्री के लिए 20 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।
विज्ञापन


पिछले चार दिन से शासन से अपनी चार सूत्री मांगों व समस्याओं के निदान के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अनिश्चिकालीन धरने पर हैं। सोमवार को भी आंगनबाड़ियों का धरना जारी रहा। इसी बीच धरने में हंगामा तब मच गया जब उमर्दा ब्लाक के गांव सूरजपुर की पूनम वर्मा (35) की धरना स्थल पर आते समय तबीयत बिगड़ जाने के चलते मौत हो गई। पूनम की मौत पर संगठन जिलाध्यक्ष ममता मिश्रा ने कहा कि वह लगातार चार दिनों से धरने पर बैठी थीं, रविवार को हुई बारिश में भीग जाने से उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन


इस पर धरने पर बैठी कार्यकत्रियों ने जमकर हंगामा काटते अखिलेश सरकार को कोसा। गुस्साई कार्यककत्रियों को समझाने पहुंचे सदर विधायक अनिल दोहरे की कार्यकत्रियों ने एक नहीं सुनी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कहा कि धरना देने से क्या होगा, आप सभी लोग अपने संगठन की मांगों को लेकर एक प्रतिनिधि मंडल तैयार कीजिए और मेरे साथ लखनऊ चलिए, मैं आपकी बात मुख्यमंत्री के सामने रखूंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर कार्यकत्रियों ने कहा कि विधायक जी यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है, आप हमें राजनीतिक  बातों में फांसने की कोशिश न करें। कानपुर संगठन की जिलाध्यक्ष ने भी धरना स्थल पर पहुंच कर पूनम वर्मा की मौत पर दुख प्रकट किया। इस दौरान कार्यकत्रियों ने दो मिनट का मौन रखा।

इस मौके पर सुशीला चौहान, अनीता, प्रभाष नंदिनी सिंधिया, किरन द्विवेदी, मीरा कटियार, ममता पांडेय, मालती शर्मा, सरोज, मुन्नी राठौर , सीमा वर्मा, सीमा वर्मा, संगीता दुबे, रमन देवी, सविता देवी, सुलेखा, अंजू तिवारी, गीता चतुर्वेदी,  मिथलेश, विमला, माया गुप्ता आदि मौजूद रहीं। सोमवार को आंगनबाड़ी की मौत की खबर सुनकर संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता शाक्य भी धरना स्थल पर पहुंचीं।


उन्हाेंने कहा कि आज कार्यकत्री की मौत का जिम्मेदार प्रशासन है , यदि प्रशासन में जरा भी शर्म तो अभी भी हमारी मांगाें को पूरी करे। कहा कि आज कार्यकत्री की मौत नहीं हुई वह शहीद हुई है। शासन से उन्हाेेंने मृतक के परिवार को 20 लाख रूपये व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इसके साथ ही कार्यकत्री के आश्रित को मानदेय सेवा दी जाने की मांग की। उन्हाेंने कार्यकत्रियों से कहा यदि हमारी मांगे पूरी न हुई तो हम सभी एकजुट होकर आागामी विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed