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अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए खुलेगी हिस्ट्रीशीट
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कन्नौज। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर पुलिस ने अपराधियों की घेराबंदी शुरू कर दी है। एसपी ने थाना प्रभारियों को सक्रिय अपराधियों को चिह्नित कर उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने के साथ ही निगरानी के निर्देश दिए हैं।
जिले में मौजूदा समय में करीब 300 हिस्ट्रीशीटर हैं। चुनाव से पहले पुलिस ने नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने का फैसला लिया है। एसपी ने सात दिन में सभी थाना प्रभारियों को शातिर 10-10 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए हैं, जो 10 साल से आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इनके नाम, पता, फोटो, रिश्तेदारों और करीबियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। अभियुक्त का आपराधिक इतिहास और उस पर दर्ज मुकदमों के निस्तारण के बारे में भी तथ्य इक ट्ठे किए जाएंगे। पुलिस की यह कोशिश इसलिए है कि जिले में या जिले से बाहर अपराध करने पर अपराधी के बारे में जानकारी जुटाकर उसकी हिस्ट्रीशीट खोली जाए। इससे अगर वह अपराधी अपराध करता है तो पुलिस उसे आसानी से पकड़ ले। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि चुनाव को लेकर शातिर अपराधियों को चिह्नित कर निगरानी के लिए हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को एक सप्ताह में हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे सिपाही
सिपाहियों को उनके हल्के में अपराध होने पर जिम्मेदार माना जाएगा। खासकर उनके इलाके में चोरी और लूट जैसी वारदात होने पर कार्रवाई की जाएगी। अभी तक सिपाहियों के इलाके में कोई भी अपराध होने पर उन्हें इसके लिए दोषी नहीं माना जाता था। जवाबदेही न होने से सिपाहियों का ध्यान अपराध नियंत्रण पर नहीं रहता। अब सिपाहियों को दरोगा की तरह अलग-अलग कार्य सौंपे जाएंगे।
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पुरानों की हिस्ट्रीशीट बंद होगी, नए की खुलेगी
पुलिस अब सालों पुराने हिस्ट्रीशीटरों का बोझ नहीं उठाएगी। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि पुराने हिस्ट्रीशीटरों में से कई की मौत हो चुकी है। कई 60 साल के हो गए हैं। ऐसे में उनकी हिस्ट्रीशीट खत्म की जाएगी। इससे पुलिस को बार-बार हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन नहीं करना पड़ेगा। पुराने हिस्ट्रीशीटरों को भी थाने के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। खासतौर पर पुलिस नए हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी करेगी।
अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए खुलेगी हिस्ट्रीशीट
शातिर अपराधियों को चिह्नित करने में जुटी पुलिस, एसपी ने एक सप्ताह में थाना प्रभारियों को हिस्ट्रीशीट खोलने के दिए निर्देश
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जिले में मौजूदा समय में करीब 300 हिस्ट्रीशीटर हैं। चुनाव से पहले पुलिस ने नए अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने का फैसला लिया है। एसपी ने सात दिन में सभी थाना प्रभारियों को शातिर 10-10 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए हैं, जो 10 साल से आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। इनके नाम, पता, फोटो, रिश्तेदारों और करीबियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। अभियुक्त का आपराधिक इतिहास और उस पर दर्ज मुकदमों के निस्तारण के बारे में भी तथ्य इक ट्ठे किए जाएंगे। पुलिस की यह कोशिश इसलिए है कि जिले में या जिले से बाहर अपराध करने पर अपराधी के बारे में जानकारी जुटाकर उसकी हिस्ट्रीशीट खोली जाए। इससे अगर वह अपराधी अपराध करता है तो पुलिस उसे आसानी से पकड़ ले। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि चुनाव को लेकर शातिर अपराधियों को चिह्नित कर निगरानी के लिए हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को एक सप्ताह में हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे सिपाही
सिपाहियों को उनके हल्के में अपराध होने पर जिम्मेदार माना जाएगा। खासकर उनके इलाके में चोरी और लूट जैसी वारदात होने पर कार्रवाई की जाएगी। अभी तक सिपाहियों के इलाके में कोई भी अपराध होने पर उन्हें इसके लिए दोषी नहीं माना जाता था। जवाबदेही न होने से सिपाहियों का ध्यान अपराध नियंत्रण पर नहीं रहता। अब सिपाहियों को दरोगा की तरह अलग-अलग कार्य सौंपे जाएंगे।
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पुरानों की हिस्ट्रीशीट बंद होगी, नए की खुलेगी
पुलिस अब सालों पुराने हिस्ट्रीशीटरों का बोझ नहीं उठाएगी। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि पुराने हिस्ट्रीशीटरों में से कई की मौत हो चुकी है। कई 60 साल के हो गए हैं। ऐसे में उनकी हिस्ट्रीशीट खत्म की जाएगी। इससे पुलिस को बार-बार हिस्ट्रीशीटरों का सत्यापन नहीं करना पड़ेगा। पुराने हिस्ट्रीशीटरों को भी थाने के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। खासतौर पर पुलिस नए हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी करेगी।
अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए खुलेगी हिस्ट्रीशीट
शातिर अपराधियों को चिह्नित करने में जुटी पुलिस, एसपी ने एक सप्ताह में थाना प्रभारियों को हिस्ट्रीशीट खोलने के दिए निर्देश