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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Pandhurna: Computer engineer turns cyber fraudster, dupes 250+ people; caught with 300 SIM cards

पांढुर्णा: कम्प्यूटर इंजीनियर निकला साइबर ठग, 250 से ज्यादा लोगों को बनाया शिकार, 300 सिम के साथ शिकंजे में

Sat, 05 Sep 2026 03:45 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पांढुर्णा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पांढुर्णा Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो Updated Sat, 05 Sep 2026 03:45 PM IST
सार

सोशल मीडिया पर जमीन और कार के फर्जी सौदे दिखाकर ठगी करने वाले नेटवर्क का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कंप्यूटर साइंस इंजीनियर आरोपी करीब दो साल से यह खेल चला रहा था। पुलिस को 300 सिम और 250 से ज्यादा लोगों से ठगी के सुराग मिले हैं।

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Pandhurna: Computer engineer turns cyber fraudster, dupes 250+ people; caught with 300 SIM cards
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

विस्तार

किसी को जमीन का सौदा दिखाया, किसी को कार खरीदने का सपना, सोशल मीडिया पर विज्ञापन डाला और जैसे ही ग्राहक से एडवांस की रकम हाथ में आई, मोबाइल नंबर बंद। सिम तोड़कर नया नंबर और फिर नए शिकार की तलाश। पांढुर्णा पुलिस ने ऐसे ही एक संगठित ऑनलाइन ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है। मामले में महाराष्ट्र के अमरावती जिले के सिंगोरी निवासी पवन राउत को गिरफ्तार किया गया है। खास बात यह है कि पवन कंप्यूटर साइंस इंजीनियर है और पुलिस के मुताबिक करीब दो साल से पांढुर्णा की बनसोड कॉलोनी में किराए का मकान लेकर नेटवर्क चला रहा था। जांच में उसके पास से करीब 300 सिम कार्ड, करीब 10 बैंक खातों और एटीएम के इस्तेमाल की जानकारी मिली है।

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100 रुपए में तैयार होता था ठगी का औजार
पुलिस जांच में पांढुर्णा निवासी अर्थव बांसोड की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार अर्थव अलग-अलग लोगों के दस्तावेजों पर सिम एक्टिवेट करवाकर पवन को देता था। प्रत्येक सिम के बदले उसे करीब 100 रुपए मिलते थे। असली दस्तावेज धारक को बाद में दूसरा बंद सिम दे दिया जाता था। यानी जिस व्यक्ति के दस्तावेज पर सिम चालू था, उसके नाम पर चल रही एक्टिव सिम आरोपी के पास रहती थी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन सिम से कितने ओटीपी, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और अन्य साइबर गतिविधियां की गई हैं।
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सोशल मीडिया बना ठगी का बाजार
पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया पर जमीन, प्लॉट और महंगी कारों के विज्ञापन डालता था। आकर्षक कीमत देखकर ग्राहक उससे संपर्क करता। बातचीत आगे बढ़ती तो एडवांस राशि की मांग की जाती थी और पैसा मिलते ही आरोपी नंबर बंद करके सिम तोड़ देता था। इसके बाद फिर नया सिम, नया नंबर और नया शिकार। पुलिस की जांच में अब तक 250 से ज्यादा लोगों से ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब पीड़ितों और ठगी की कुल रकम का आंकड़ा जुटा रही है।
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नागपुर से पांढुर्णा तक बैंक खातों का जाल
जांच में पुलिस को नागपुर, वरुड, मोर्शी, मोवाड और पांढुर्णा में बैंक खातों और एटीएम के इस्तेमाल के सुराग मिले हैं। करीब चार ऑनलाइन खातों के जरिए लेन-देन और अन्य ऑनलाइन गतिविधियां संचालित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

बंद सिम ने खोला पूरे नेटवर्क का राज
पुलिस तक मामला तब पहुंचा जब कुछ लोगों ने अपने नाम से जारी सिम के बंद होने की शिकायत की। साइबर सेल ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की। सिम एक्टिवेशन से लेकर बैंक खातों और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की कड़ियां जोड़ी गईं तो पूरा नेटवर्क सामने आ गया। थाना प्रभारी अमित दानी ने शनिवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने अभी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम की जांच की जा रही है।

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