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कानपुर के बाद अब कन्नौज में पहुंचा जीका वायरस
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कन्नौज। कानपुर के बाद अब जिले में जानलेवा जीका वायरस ने दस्तक देकर लोगों को दहशत में डाल दिया है। कानपुर की सीमा से सटे गांव से भेजे गए 32 लोगों के सैंपल में एक युवक की जांच रिपोर्ट में जीका वायरस की पुष्टि लखनऊ से आई रिपोर्ट में हुई है। इससे स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ गईं। तत्काल गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर संक्रमित युवक के परिवार के चार सदस्य व अन्य पंद्रह लोगों के सैंपल लिए गए। गांव में दवा का छिड़काव शुरू कराया गया।
सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि संक्रमित युवक हाल में कानपुर के शिवराजपुर ब्लाक के गांव कासामऊ से लौटा है। वहीं जिले में जीका वायरस मिलने के बाद डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इससे निपटने की रणनीति तैयार करते हुए जिले में अलर्ट घोषित कर दिया। अफ्रीकी देशों में फैलने वाले जीका वायरस का पड़ोसी जनपद कानपुर में व्यापक प्रकोप है।
शासन के निर्देश पर कानपुर से सटे गांव में बीमार लोगों के सैंपल लेने के निर्देश सीएमओ को मिले थे। इससे तीन नवंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कानपुर सीमा से सटे कपूरापुर मानीमऊ में बीमार पड़े 32 लोगों के सैंपल लेकर लखनऊ जांच के लिए भेजा था। शुक्रवार की रात आई रिपोर्ट में 45 वर्षीय युवक जीका वायरस से संक्रमित पाया गया। यह खतरनाक वायरस उसके यूरिन में पाया गया जबकि खून निगेटिव रहा।
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सीएमओ ने बताया कि संक्रमित युवक कारोबार करता है और वह कुछ दिन पूर्व कानपुर के शिवराजपुर के गांव कासामऊ में ठहरा था। यहां से वह अपने गांव 30 अक्तूबर को लौटा था। शनिवार को गांव में स्वास्थ्य टीम को भेजकर मच्छर रोधी दवा का छिड़काव कराया गया और संक्रमित युवक का घर पर उपचार शुरू किया गया।
संक्रमित युवक के परिवार के चार सदस्यों समेत 19 लोगों के सैंपल लखनऊ भेजे गए। सीएमओ ने बताया कि एडीज मच्छरों के काटने के कारण होने वाली इस बीमारी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बेहद खतरनाक और जानलेवा मानते हैं। इसका बचाव ही उपचार है। वहीं डीएम ने इसकी रोकथाम के लिए अधिक से अधिक लोगों के सैंपल कर कानपुर से सटे गांवों में दवाओं के छिड़काव के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ डा. अरविंद कुमार ने बताया कि जीका वायरस एक मच्छर जनित बीमारी है, जो एडीज मच्छर से फैलती है। मच्छरों की यही प्रजाति डेंगू और चिकनगुनिया का भी कारण बनती है। इसमें रोगियों में बुखार, चकत्ते, जोड़ों, और आंखों के पीछे दर्द, उल्टी जैसी दिक्कत होगी।
जिन इलाकों में जीका वायरस का प्रकोप हो वहां की यात्रा करने से संक्रमण का खतरा हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाने या फिर रक्त के आदान-प्रदान से भी यह संक्रमण हो सकता है। जीका के संक्रमण के कारण मस्तिष्क और आंखों को गंभीर क्षति हो सकती है।
जीका वायरस इतना खतरनाक है कि गर्भवती महिलाओं पर यह अति घातक असर करता है। संक्रमित होने पर महिला के गर्भ में पल रहा अपंग या फिर सिर भारी कर देता है। शरीर में यह तेजी से प्लेटलेट्स काउंट कम कर देता है। स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों के मुताबिक गर्भवती महिलाएं अधिक सतर्क रहें।
कन्नौज। सांसद सुब्रत पाठक के बड़े भाई व इत्र व्यवसायी प्रसून पाठक की डेंगू के चलते मौत हो गई। जानकारी होते ही उनके आवास पर हजारों लोगों की भीड़ जुट गई। शहर के मेंहदी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसके अलावा डेंगू से दो अन्य लोगों की भी मौत हुई है। जबकि जिले में डेंगू के 38 नए मरीज मिले हैं। इस दौरान विधायक कैलाश राजपूत, पूर्व विधायक बनवारी लाल दोहरे, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, इत्र कारोबारी पवन त्रिवेदी समेत कई लोगों ने अंतिम दर्शन किए।
वहीं डेंगू की चपेट में आने से आनंदीपुर्वा खुर्रमपुर में रहने वाली विनीता कटियार(38) पत्नी राम बिलास और गंगागंज निवासी प्रेमचंद्र (35) पुत्र सूबेदार राठौर की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक दोनों डेंगू से पीड़ित थे। हालांकि स्वास्थ्य महकमे ने विनीता और प्रेमचंद्र में डेंगू की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सीएमओ डा. विनोद कुमार ने बताया कि शुक्रवार और रविवार को जिले में 38 नए डेंगू के मरीज मिले हैं। सभी लोगों का इलाज हो रहा है।
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सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि संक्रमित युवक हाल में कानपुर के शिवराजपुर ब्लाक के गांव कासामऊ से लौटा है। वहीं जिले में जीका वायरस मिलने के बाद डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इससे निपटने की रणनीति तैयार करते हुए जिले में अलर्ट घोषित कर दिया। अफ्रीकी देशों में फैलने वाले जीका वायरस का पड़ोसी जनपद कानपुर में व्यापक प्रकोप है।
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शासन के निर्देश पर कानपुर से सटे गांव में बीमार लोगों के सैंपल लेने के निर्देश सीएमओ को मिले थे। इससे तीन नवंबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कानपुर सीमा से सटे कपूरापुर मानीमऊ में बीमार पड़े 32 लोगों के सैंपल लेकर लखनऊ जांच के लिए भेजा था। शुक्रवार की रात आई रिपोर्ट में 45 वर्षीय युवक जीका वायरस से संक्रमित पाया गया। यह खतरनाक वायरस उसके यूरिन में पाया गया जबकि खून निगेटिव रहा।
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सीएमओ ने बताया कि संक्रमित युवक कारोबार करता है और वह कुछ दिन पूर्व कानपुर के शिवराजपुर के गांव कासामऊ में ठहरा था। यहां से वह अपने गांव 30 अक्तूबर को लौटा था। शनिवार को गांव में स्वास्थ्य टीम को भेजकर मच्छर रोधी दवा का छिड़काव कराया गया और संक्रमित युवक का घर पर उपचार शुरू किया गया।
संक्रमित युवक के परिवार के चार सदस्यों समेत 19 लोगों के सैंपल लखनऊ भेजे गए। सीएमओ ने बताया कि एडीज मच्छरों के काटने के कारण होने वाली इस बीमारी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बेहद खतरनाक और जानलेवा मानते हैं। इसका बचाव ही उपचार है। वहीं डीएम ने इसकी रोकथाम के लिए अधिक से अधिक लोगों के सैंपल कर कानपुर से सटे गांवों में दवाओं के छिड़काव के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ डा. अरविंद कुमार ने बताया कि जीका वायरस एक मच्छर जनित बीमारी है, जो एडीज मच्छर से फैलती है। मच्छरों की यही प्रजाति डेंगू और चिकनगुनिया का भी कारण बनती है। इसमें रोगियों में बुखार, चकत्ते, जोड़ों, और आंखों के पीछे दर्द, उल्टी जैसी दिक्कत होगी।
जिन इलाकों में जीका वायरस का प्रकोप हो वहां की यात्रा करने से संक्रमण का खतरा हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति से शारीरिक संबंध बनाने या फिर रक्त के आदान-प्रदान से भी यह संक्रमण हो सकता है। जीका के संक्रमण के कारण मस्तिष्क और आंखों को गंभीर क्षति हो सकती है।
जीका वायरस इतना खतरनाक है कि गर्भवती महिलाओं पर यह अति घातक असर करता है। संक्रमित होने पर महिला के गर्भ में पल रहा अपंग या फिर सिर भारी कर देता है। शरीर में यह तेजी से प्लेटलेट्स काउंट कम कर देता है। स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों के मुताबिक गर्भवती महिलाएं अधिक सतर्क रहें।
कन्नौज। सांसद सुब्रत पाठक के बड़े भाई व इत्र व्यवसायी प्रसून पाठक की डेंगू के चलते मौत हो गई। जानकारी होते ही उनके आवास पर हजारों लोगों की भीड़ जुट गई। शहर के मेंहदी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इसके अलावा डेंगू से दो अन्य लोगों की भी मौत हुई है। जबकि जिले में डेंगू के 38 नए मरीज मिले हैं। इस दौरान विधायक कैलाश राजपूत, पूर्व विधायक बनवारी लाल दोहरे, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत, इत्र कारोबारी पवन त्रिवेदी समेत कई लोगों ने अंतिम दर्शन किए।
वहीं डेंगू की चपेट में आने से आनंदीपुर्वा खुर्रमपुर में रहने वाली विनीता कटियार(38) पत्नी राम बिलास और गंगागंज निवासी प्रेमचंद्र (35) पुत्र सूबेदार राठौर की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक दोनों डेंगू से पीड़ित थे। हालांकि स्वास्थ्य महकमे ने विनीता और प्रेमचंद्र में डेंगू की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सीएमओ डा. विनोद कुमार ने बताया कि शुक्रवार और रविवार को जिले में 38 नए डेंगू के मरीज मिले हैं। सभी लोगों का इलाज हो रहा है।