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आरक्षी परीक्षा पास करने वालाें ने मांगी इच्छा मृत्यु
Tue, 04 Jun 2019 12:31 AM IST
प्रतीक दुबे
kannauj
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Published by: प्रतीक दुबे
Updated Tue, 04 Jun 2019 12:31 AM IST
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कलक्ट्रेट में पहुंचे 2013 सिपाही भर्ती के युवक-युवतियां।
- फोटो : amarujala
आरक्षी भर्ती 2013 की परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को अभी तक नौकरी नहीं मिली है। सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे युवक-युवतियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम रवींद्र कुमार को सौंपा। ज्ञापन में इच्छा मृत्यु की मांग की गई। इससे पहले यह 15 मई को ज्ञापन देकर इच्छा मृत्यु की मांग कर चुके हैं। इन्होंने कहा कि यह अंतिम प्रार्थना पत्र है।
उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती 2013 की समस्त परीक्षाएं पास करने के बाद भी नौकरी न मिलने से परेशान युवक व युवतियां कलक्ट्रेट पहुंचीं। इन्होंने प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती के लिए 41610 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। 22 लाख अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा के लिए बुलाया गया था। आरक्षी की परीक्षा के सभी चरणों में प्रारंभिक लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता, मुख्य लिखित परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों में 55 हजार को चिकित्सा परीक्षा के लिए बुलाया गया। 11786 अभ्यर्थियों ने मेडिकल पास किया था। 2013 से अब तक नियुक्ति नहीं दी गई। इन्होंने कहा कि जल्द नियुक्ति या इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। अभ्यर्थी रश्मि, सद्दाम हुसैन, रोहित कुमार, प्रियंका सिंह, तहसीन, अर्पिता, कुलदीप, अभिषेक, विवेक कुशवाह ने कहा कि 2013 में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया 2019 में भी पूरी न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। 11786 सफल अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सरकार ने कोर्ट के फैसले की भी अवमानना कर दी है।
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उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती 2013 की समस्त परीक्षाएं पास करने के बाद भी नौकरी न मिलने से परेशान युवक व युवतियां कलक्ट्रेट पहुंचीं। इन्होंने प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती के लिए 41610 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। 22 लाख अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा के लिए बुलाया गया था। आरक्षी की परीक्षा के सभी चरणों में प्रारंभिक लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता, मुख्य लिखित परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों में 55 हजार को चिकित्सा परीक्षा के लिए बुलाया गया। 11786 अभ्यर्थियों ने मेडिकल पास किया था। 2013 से अब तक नियुक्ति नहीं दी गई। इन्होंने कहा कि जल्द नियुक्ति या इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। अभ्यर्थी रश्मि, सद्दाम हुसैन, रोहित कुमार, प्रियंका सिंह, तहसीन, अर्पिता, कुलदीप, अभिषेक, विवेक कुशवाह ने कहा कि 2013 में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया 2019 में भी पूरी न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। 11786 सफल अभ्यर्थी नियुक्ति के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सरकार ने कोर्ट के फैसले की भी अवमानना कर दी है।
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