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Kannauj News: मनरेगा सामग्री का 49 करोड़ रबकाया, विकास कार्य ठप
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कन्नौज। जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों पर भुगतान न होने का संकट गहरा गया है। सामग्री आपूर्तिकर्ताओं और ग्राम प्रधानों को 49 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान के लिए भटकना पड़ रहा है। यह स्थिति नई वीबी-जी राम-जी योजना के लिए भी चुनौती बन सकती है।
मनरेगा सामग्री का कुल बकाया वित्त वर्ष 2023-24 का 19.27 करोड़ और 2024-25 का 29.80 करोड़ रुपये है। इस राशि के कारण निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ताओं ने उधार देने से मना कर दिया है। इस कारण ग्राम प्रधानों की साख दांव पर लगी है। भुगतान में देरी से जिले की ग्राम पंचायतों में खड़ंजा, इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण जैसे अधूरे काम बंद पड़े हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन और जल निकासी में दिक्कतें हो रही हैं। विभाग का कहना है कि श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान सीधे खातों में हो रहा है, लेकिन सामग्री मद के बजट में कमी और केंद्र से किश्त जारी न होने के कारण समस्या बनी हुई है। उपायुक्त श्रम रोजगार दिनेश कुमार यादव ने बजट आते ही भुगतान का आश्वासन दिया है।
मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी और रिकवरी
लोकपाल की जांच में मनरेगा कार्यों में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। नादेमऊ में गोशाला निर्माण में जेसीबी के नियम विरुद्ध उपयोग से 1.74 लाख रुपये, जगतपुर में फर्जी मस्टर रोल से 12 हजार रुपये और गंधौलिया में जॉब कार्ड में अनियमितता से 1.04 लाख रुपये की गड़बड़ी पाई गई। इन सभी ग्राम पंचायतों से अब रिकवरी की जाएगी। लोकपाल मनरेगा जेएन अवस्थी ने बताया कि अक्तूबर 2024 में सदर ब्लॉक के बीडीओ, लेखाकार और आरईडी जेई के खिलाफ 5.59 लाख रुपये सामग्री मद में निकालने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
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मनरेगा सामग्री का कुल बकाया वित्त वर्ष 2023-24 का 19.27 करोड़ और 2024-25 का 29.80 करोड़ रुपये है। इस राशि के कारण निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ताओं ने उधार देने से मना कर दिया है। इस कारण ग्राम प्रधानों की साख दांव पर लगी है। भुगतान में देरी से जिले की ग्राम पंचायतों में खड़ंजा, इंटरलॉकिंग और नाली निर्माण जैसे अधूरे काम बंद पड़े हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन और जल निकासी में दिक्कतें हो रही हैं। विभाग का कहना है कि श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान सीधे खातों में हो रहा है, लेकिन सामग्री मद के बजट में कमी और केंद्र से किश्त जारी न होने के कारण समस्या बनी हुई है। उपायुक्त श्रम रोजगार दिनेश कुमार यादव ने बजट आते ही भुगतान का आश्वासन दिया है।
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मनरेगा कार्यों में गड़बड़ी और रिकवरी
लोकपाल की जांच में मनरेगा कार्यों में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। नादेमऊ में गोशाला निर्माण में जेसीबी के नियम विरुद्ध उपयोग से 1.74 लाख रुपये, जगतपुर में फर्जी मस्टर रोल से 12 हजार रुपये और गंधौलिया में जॉब कार्ड में अनियमितता से 1.04 लाख रुपये की गड़बड़ी पाई गई। इन सभी ग्राम पंचायतों से अब रिकवरी की जाएगी। लोकपाल मनरेगा जेएन अवस्थी ने बताया कि अक्तूबर 2024 में सदर ब्लॉक के बीडीओ, लेखाकार और आरईडी जेई के खिलाफ 5.59 लाख रुपये सामग्री मद में निकालने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
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