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35 वर्षो का रिकार्ड टूटा, दवा कंपनियों को करीब 60 करोड़ रुपये की चपत
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योगेंद्र बघेल
कन्नौज। दिसंबर और जनवरी में इस बार कोहरा नहीं पड़ा है। ऐसा 35 साल बाद हुआ है। कोहरा न पड़ने से फसलें रोग मुक्त हैं, किसानों को दवाओं का छिड़काव भी नहीं करना पड़ा है। इससे जिले के किसानों का करीब 60 करोड़ रुपया बचा है। रोग मुक्त फसलें होने से अच्छी उपज भी होने की उम्मीद है।
जिला कृषि अधिकारी राम मिलन सिंह परिहार ने बताया कि जिले में रबी सीजन में मटर, आलू, गेहूं, सरसों जिले की मुख्य फसलें हैं। कोहरा गिरने से आलू में झुलसा, गेहूं में खरपतवार (मामा), सरसों में माहू और मटर में फली छेदक रोग लग जाता है। इस बार अभी तक कोहरा नहीं पड़ा है। इससे फसल बेदाग है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में फसलों की दवाएं बेचने वाले 600 लाइसेंसी दुकानदार हैं। पिछले वर्ष इन दुकानों से करीब 55 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी। इस बार करीब 60 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान कंपनियों के लोग लगाए थे लेकिन कोहरा न गिरने से कंपनियों को झटका लगा है।
दवा विक्रेता पियूष कनौजिया ने बताया कि इस बार फसल में छिड़काव की दवाओं की बहुत कम मांग है। पिछले वर्ष के स्टाक से ही काम चला रहा है। दवा विक्रेता पंकज ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि रबी फसलों में छिड़काव के लिए किसानों ने दवाएं नहीं रखीदी हैं। मांग न होने से दुकानदारों ने कंपनियों को डिमांड भी नहीं भेजी है।
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कृषि वैज्ञानिक अमर सिंह का कहना है कि कोहरा न पड़ने से अन्य फसलों को तो फायदा हुआ है लेकिन तापमान अधिक होना गेहूं फसल के लिए नुकसानदेह साबित होगा। कम तापमान में ही गेहूं की पौध विकसित होती है। इस समय तापमान अधिक है, इससे पौध की ग्रोथ नहीं हो रही है।
हिमंतनगला के किसान सर्वेश कुमार ने बताया कि कोहरे में आलू व सरसों फसल में रोग लग जाता है। फसल बचाने के लिए दवा का छिड़काव करने पर काफी खर्च होता था। इस बार छिड़काव का पैसा बच गया है। सिंघनापुर गांव के मदनपाल का कहना है कि इस बार किसानों पर मौसम की मेहरबान है, इससे उनकी जेबें ढीली नहीं हुई हैं। अमोलर गांव के मधु किशोर का कहना है कि रात में पाला पड़ने से आलू में झुलसा व परपरा की कुछ आशंका है, लेकिन अगर किसान समय पर सिंचाई करते रहें तो फसल ठीक रहेगी।
कोहरा न गिरने से किसानों का 60 करोड़ बचा
फसलें निरोग होने से उपज अच्छी होने की उम्मीद
35 साल बाद दिसंबर, जनवरी में खिली रही धूप
फोटो-09 राई की लहलहाती फसल
फोटो-10-किसान सर्वेश
फोटो-11 किसान मदनलाल
फोटो-12 किसान मधुकिशोर
फोटो-13 दवा विक्रेता पियूष कनौजिया
फोटो-14 दवा विक्रेता पंकज
कन्नौज। दिसंबर और जनवरी में इस बार कोहरा नहीं पड़ा है। ऐसा 35 साल बाद हुआ है। कोहरा न पड़ने से फसलें रोग मुक्त हैं, किसानों को दवाओं का छिड़काव भी नहीं करना पड़ा है। इससे जिले के किसानों का करीब 60 करोड़ रुपया बचा है। रोग मुक्त फसलें होने से अच्छी उपज भी होने की उम्मीद है।
जिला कृषि अधिकारी राम मिलन सिंह परिहार ने बताया कि जिले में रबी सीजन में मटर, आलू, गेहूं, सरसों जिले की मुख्य फसलें हैं। कोहरा गिरने से आलू में झुलसा, गेहूं में खरपतवार (मामा), सरसों में माहू और मटर में फली छेदक रोग लग जाता है। इस बार अभी तक कोहरा नहीं पड़ा है। इससे फसल बेदाग है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में फसलों की दवाएं बेचने वाले 600 लाइसेंसी दुकानदार हैं। पिछले वर्ष इन दुकानों से करीब 55 करोड़ रुपये की बिक्री हुई थी। इस बार करीब 60 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान कंपनियों के लोग लगाए थे लेकिन कोहरा न गिरने से कंपनियों को झटका लगा है।
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दवा विक्रेता पियूष कनौजिया ने बताया कि इस बार फसल में छिड़काव की दवाओं की बहुत कम मांग है। पिछले वर्ष के स्टाक से ही काम चला रहा है। दवा विक्रेता पंकज ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि रबी फसलों में छिड़काव के लिए किसानों ने दवाएं नहीं रखीदी हैं। मांग न होने से दुकानदारों ने कंपनियों को डिमांड भी नहीं भेजी है।
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कृषि वैज्ञानिक अमर सिंह का कहना है कि कोहरा न पड़ने से अन्य फसलों को तो फायदा हुआ है लेकिन तापमान अधिक होना गेहूं फसल के लिए नुकसानदेह साबित होगा। कम तापमान में ही गेहूं की पौध विकसित होती है। इस समय तापमान अधिक है, इससे पौध की ग्रोथ नहीं हो रही है।
हिमंतनगला के किसान सर्वेश कुमार ने बताया कि कोहरे में आलू व सरसों फसल में रोग लग जाता है। फसल बचाने के लिए दवा का छिड़काव करने पर काफी खर्च होता था। इस बार छिड़काव का पैसा बच गया है। सिंघनापुर गांव के मदनपाल का कहना है कि इस बार किसानों पर मौसम की मेहरबान है, इससे उनकी जेबें ढीली नहीं हुई हैं। अमोलर गांव के मधु किशोर का कहना है कि रात में पाला पड़ने से आलू में झुलसा व परपरा की कुछ आशंका है, लेकिन अगर किसान समय पर सिंचाई करते रहें तो फसल ठीक रहेगी।
कोहरा न गिरने से किसानों का 60 करोड़ बचा
फसलें निरोग होने से उपज अच्छी होने की उम्मीद
35 साल बाद दिसंबर, जनवरी में खिली रही धूप
फोटो-09 राई की लहलहाती फसल
फोटो-10-किसान सर्वेश
फोटो-11 किसान मदनलाल
फोटो-12 किसान मधुकिशोर
फोटो-13 दवा विक्रेता पियूष कनौजिया
फोटो-14 दवा विक्रेता पंकज