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Kannauj News: अमन हास्पिटल में आईसीयू-एनआईसीयू नहीं
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गुरसहायगंज। नगर के मोहल्ला रामगंज स्थित अमन हास्पिटल का मुख्य चिकित्साधिकारी ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बुधवार को निरीक्षण किया। उन्होंने आधी अधूरी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं सख्त हिदायत दी कि जांच चलने तक किसी मरीज को भर्ती न किया जाए।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विकास चंद्रा और सहायक मुख्य चिकित्साधिकारी डा. केपी त्रिपाठी ने शाम तीन बजे हॉस्पिटल पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने अस्पताल के संचालक डा. ग्यासुद्दीन सिद्दीकी से व्यवस्थाओं और चिकित्सकीय सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। सीएमओ ने ऑपरेशन थिएटर, जनरल वार्ड और बच्चों के वार्ड सहित अन्य स्थानों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान हॉस्पिटल में मानक के अनुरूप 10 बेड मिले। हालांकि आईसीयू और एनआईसीयू की व्यवस्था नहीं पाई गई। निरीक्षण के समय हॉस्पिटल में चार मरीज भर्ती थे। अधिकारियों ने मरीजों से उनके रोग, इलाज की स्थिति, उपचार शुल्क के बारे में जानकारी ली। सीएमओ ने हॉस्पिटल संचालक को ओटी को खुले स्थान पर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी चिकित्सकों की शैक्षिक डिग्री और अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी जुटाई गई।
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अधिकारियों ने अस्पताल में सर्जन और चिकित्सक स्थायी रूप से रखने के भी निर्देश दिए। बच्ची की मौत के मामले की जांच के लिए अधिकारियों ने हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी फुटेज मांगे हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने तक हॉस्पिटल में किसी नए मरीज को भर्ती नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान प्रधान सहायक शीला मोहन मौजूद रहीं।
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मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विकास चंद्रा और सहायक मुख्य चिकित्साधिकारी डा. केपी त्रिपाठी ने शाम तीन बजे हॉस्पिटल पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने अस्पताल के संचालक डा. ग्यासुद्दीन सिद्दीकी से व्यवस्थाओं और चिकित्सकीय सेवाओं के संबंध में जानकारी ली। सीएमओ ने ऑपरेशन थिएटर, जनरल वार्ड और बच्चों के वार्ड सहित अन्य स्थानों का निरीक्षण किया।
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जांच के दौरान हॉस्पिटल में मानक के अनुरूप 10 बेड मिले। हालांकि आईसीयू और एनआईसीयू की व्यवस्था नहीं पाई गई। निरीक्षण के समय हॉस्पिटल में चार मरीज भर्ती थे। अधिकारियों ने मरीजों से उनके रोग, इलाज की स्थिति, उपचार शुल्क के बारे में जानकारी ली। सीएमओ ने हॉस्पिटल संचालक को ओटी को खुले स्थान पर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी चिकित्सकों की शैक्षिक डिग्री और अस्पताल में कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी जुटाई गई।
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अधिकारियों ने अस्पताल में सर्जन और चिकित्सक स्थायी रूप से रखने के भी निर्देश दिए। बच्ची की मौत के मामले की जांच के लिए अधिकारियों ने हॉस्पिटल में लगे सीसीटीवी फुटेज मांगे हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने तक हॉस्पिटल में किसी नए मरीज को भर्ती नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान प्रधान सहायक शीला मोहन मौजूद रहीं।