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शौचालय न मिलने पर भड़के ग्रामीण, टीम को घेरा
Updated Fri, 23 Nov 2018 12:17 AM IST
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छिबरामऊ (कन्नौज)। विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत खुड़ावा में शौचालय के प्रति जागरूक करने पहुंची टीम का ग्रामीणों ने घेराव कर जमकर नारेबाजी की। ओडीएफ हो चुके जिले में शौचालय न मिलने से भड़के ग्रामीणों का कहना था कि पहले उन लोगों को शौचालय दिए जाएं फिर इनके इस्तेमाल की बात हो। गुस्साए ग्रामीणों ने टीम को जागरुकता संबंधी नुक्कड़ नाटक नहीं करने दिए। ग्रामीणों ने शौचालय बनवाए जाने की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का गुस्सा देख टीम प्रचार वाहन के साथ लौट गई।
गुरुवार की दोपहर स्वच्छ भारत मिशन के तहत लखनऊ से जागरुकता रथ दक्षिणी खुड़ावा गांव पहुंचा तो ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। टीम के लोगों ने जैसे ही शौचालय के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक शुरू किया ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि जब उनके यहां शौचालय बने ही नहीं है तो उसके प्रति जागरूक करने से क्या फायदा। ग्रामीणों के विरोध के चलते नुक्कड़ नाटक को बंद कर दिया गया। इस बीच ग्रामीणों ने शौचालय बनवाए जाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
गांव के रामप्रकाश, विनोद, सूरज देवी, नारायन, मुन्नी देवी, श्यामा, किरन, अखिलेश, प्रीती, रामकली, परशुराम, नेहा, आकाश, राजेश, राकेश, सोनकली, शिवांगीनारायन वर्मा, ममता, संतोष, संतराम, रामसच्चे, उर्मिला, मंजू, दुलारी देवी, सुभाष, आशीष आदि ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक गांव में सिर्फ 25-30 लोगों के ही शौचालय बनवाए गए हैं। 50-60 परिवार शौचालय से वंचित हैं। कई शौचालय अधूरे हैं। वे खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। इस संबंध में संयुक्त खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार वर्मा से जब जानकारी चाही गई, तो उन्होंने कहा कि वह अवकाश पर हैं। एडीओ पंचायत से बात कर लो। एडीओ पंचायत मृदुल दुबे का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में है। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी ज्ञानेंद्र को मौके पर भेजा था। जो लोग विरोध कर रहे थे उनकी मांग यह थी कि उन्हें सरकारी अनुदान दिया जाए। जो लोग विरोध कर रहे हैं उनके यहां शौचालय बने हैं। जांच में तीन लोग ऐसे जरूर मिले हैं जो पात्र हैं और उनके यहां शौचालय नहीं था। उनके नाम स्पेशल बेस लाइन सर्वे में शामिल किया गया है। जल्द उन्हें शौचालय आवंटित किए जाएंगे।
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ग्राम प्रधान शांति देवी के प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में 255 शौचालय बनवाए गए हैं। तीन शौचालय विवाद के चलते अधूरे हैं। गांव में 10 परिवार ऐसे हैं, जो पूरी तरह सक्षम हैं, लेकिन उनके यहां शौचालय नहीं है। काफी प्रयास के बाद भी उनके यहां शौचालय का निर्माण नहीं हो पाया है। चुनावी प्रतिद्वंद्विता के चलते जागरुकता अभियान का विरोध किया गया है। गांव में लगभग 315 परिवार हैं, जिनकी आबादी करीब 5 हजार है। ग्राम पंचायत में लगभग 1300 मतदाता हैं।
जिले को सितंबर माह में ओडीएफ घोषित किया गया था। दावा किया गया था कि जिले में 2012 के सर्वे के मुताबिक सभी लाभार्थियों को शौचालय का वितरण किया जा चुका है। 16 नवंबर को जिले में आईं केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी जिले के ओडीएफ होने पर खुशी जताई थी। लेकिन दक्षिणी खुड़ावा गांव में जिस तरह से ग्रामीणों ने शौचालय न होने की बात कहकर प्रदर्शन किया उससे ब्लाक स्तर के अधिकारियों के दावों पर सवाल खड़े होते हैं।
जिले को ओडीएफ घोषित करने के बाद स्पेशन बेस लाइन सर्वे शुरू कराया गया है। इनमें ऐसे लोगों को शामिल किया जाएगा जिनके पास शौचालय नहीं है और वह पात्र की श्रेणी में आते हैं। दरअसल, अभी तक सिर्फ उन लोगों को ही शौचालयों का आवंटन किया गया है जो 2012 के सर्वे के मुताबिक बीपीएल सूची में शामिल थे। लेकिन इसके बाद जो लोग इस श्रेणी में आए उन्हें अब सर्वे कराकर शौचालय उपलब्ध कराए जाएंगे।
-स्वच्छता के प्रति जागरूक करने खुड़ावा गांव पहुंची थी जागरुकता टीम
-गांव में नहीं करने दिए नुक्कड़ नाटक, लौट गई टीम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुवार की दोपहर स्वच्छ भारत मिशन के तहत लखनऊ से जागरुकता रथ दक्षिणी खुड़ावा गांव पहुंचा तो ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। टीम के लोगों ने जैसे ही शौचालय के प्रति जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक शुरू किया ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि जब उनके यहां शौचालय बने ही नहीं है तो उसके प्रति जागरूक करने से क्या फायदा। ग्रामीणों के विरोध के चलते नुक्कड़ नाटक को बंद कर दिया गया। इस बीच ग्रामीणों ने शौचालय बनवाए जाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
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गांव के रामप्रकाश, विनोद, सूरज देवी, नारायन, मुन्नी देवी, श्यामा, किरन, अखिलेश, प्रीती, रामकली, परशुराम, नेहा, आकाश, राजेश, राकेश, सोनकली, शिवांगीनारायन वर्मा, ममता, संतोष, संतराम, रामसच्चे, उर्मिला, मंजू, दुलारी देवी, सुभाष, आशीष आदि ग्रामीणों ने बताया कि अभी तक गांव में सिर्फ 25-30 लोगों के ही शौचालय बनवाए गए हैं। 50-60 परिवार शौचालय से वंचित हैं। कई शौचालय अधूरे हैं। वे खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। इस संबंध में संयुक्त खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार वर्मा से जब जानकारी चाही गई, तो उन्होंने कहा कि वह अवकाश पर हैं। एडीओ पंचायत से बात कर लो। एडीओ पंचायत मृदुल दुबे का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में है। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी ज्ञानेंद्र को मौके पर भेजा था। जो लोग विरोध कर रहे थे उनकी मांग यह थी कि उन्हें सरकारी अनुदान दिया जाए। जो लोग विरोध कर रहे हैं उनके यहां शौचालय बने हैं। जांच में तीन लोग ऐसे जरूर मिले हैं जो पात्र हैं और उनके यहां शौचालय नहीं था। उनके नाम स्पेशल बेस लाइन सर्वे में शामिल किया गया है। जल्द उन्हें शौचालय आवंटित किए जाएंगे।
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ग्राम प्रधान शांति देवी के प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में 255 शौचालय बनवाए गए हैं। तीन शौचालय विवाद के चलते अधूरे हैं। गांव में 10 परिवार ऐसे हैं, जो पूरी तरह सक्षम हैं, लेकिन उनके यहां शौचालय नहीं है। काफी प्रयास के बाद भी उनके यहां शौचालय का निर्माण नहीं हो पाया है। चुनावी प्रतिद्वंद्विता के चलते जागरुकता अभियान का विरोध किया गया है। गांव में लगभग 315 परिवार हैं, जिनकी आबादी करीब 5 हजार है। ग्राम पंचायत में लगभग 1300 मतदाता हैं।
जिले को सितंबर माह में ओडीएफ घोषित किया गया था। दावा किया गया था कि जिले में 2012 के सर्वे के मुताबिक सभी लाभार्थियों को शौचालय का वितरण किया जा चुका है। 16 नवंबर को जिले में आईं केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी जिले के ओडीएफ होने पर खुशी जताई थी। लेकिन दक्षिणी खुड़ावा गांव में जिस तरह से ग्रामीणों ने शौचालय न होने की बात कहकर प्रदर्शन किया उससे ब्लाक स्तर के अधिकारियों के दावों पर सवाल खड़े होते हैं।
जिले को ओडीएफ घोषित करने के बाद स्पेशन बेस लाइन सर्वे शुरू कराया गया है। इनमें ऐसे लोगों को शामिल किया जाएगा जिनके पास शौचालय नहीं है और वह पात्र की श्रेणी में आते हैं। दरअसल, अभी तक सिर्फ उन लोगों को ही शौचालयों का आवंटन किया गया है जो 2012 के सर्वे के मुताबिक बीपीएल सूची में शामिल थे। लेकिन इसके बाद जो लोग इस श्रेणी में आए उन्हें अब सर्वे कराकर शौचालय उपलब्ध कराए जाएंगे।
-स्वच्छता के प्रति जागरूक करने खुड़ावा गांव पहुंची थी जागरुकता टीम
-गांव में नहीं करने दिए नुक्कड़ नाटक, लौट गई टीम
अमर उजाला ब्यूरो