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मोबाइल से पता चलेगा शराब असली है या नकली
Tue, 22 Jan 2019 01:30 AM IST
Pragyan dubey
jhansi
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Published by: Pragyan dubey
Updated Tue, 22 Jan 2019 01:30 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : amar ujala
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झांसी। प्रदेश में बिकने वाली शराब असली है या नकली, इसकी पहचान अब मोबाइल से भी हो सकेगी। आबकारी विभाग ने ऐसा एप तैयार किया है, जिसके जरिए बोतल के होलोग्राम को स्कैन कर असली और नकली की पहचान की जा सकेगी। आबकारी विभाग का यह एप एक अप्रैल से पूरे प्रदेश में लागू होगा।
आबकारी नीति वर्ष 2018-19 के तहत ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली में शराब की पेटियों पर बार कोड चस्पा किया गया है। बोतलों पर भी क्यूआर कोड चस्पा करना शुरू कर दिया गया है। इस बार-कोड व क्यूआर कोड की स्कैनिंग करके शराब निर्माता की जानकारी, बॉटलिंग की तारीख व एमआरपी का विवरण जाना जा सकता है। इससे कोई भी व्यक्ति नकली शराब की पहचान आसानी से कर सकता है। कोड की स्कैनिंग करने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए आबकारी विभाग ने यूपीईसीआईएसईस्केनर नामक मोबाइल एप लांच किया है। इस एप के जरिए शराब की बोतल पर अंकित क्यूआर कोड का स्कैन कर जाना जा सकता है कि वह कहां बनी है। उसका दाम कितना है। साथ ही कहां के लिए भेजी गई है। इसे गूगल प्ले स्टोर के अलावा आबकारी विभाग की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटयूपीईसीआईएसईडॉटकॉम से भी डाउनलोड किया जा सकेगा।
शराब की पहचान के लिए 1 अप्रैल से लागू होने वाला एप लाभकारी साबित होगा, इससे विभाग को भी काफी सहूलियत होगी। इसके लिए शराब की बोतलों पर बारकोड व क्यूआर कोड अंकित रहेगा।
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गंगाराम, जिला आबकारी अधिकारी
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आबकारी नीति वर्ष 2018-19 के तहत ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली में शराब की पेटियों पर बार कोड चस्पा किया गया है। बोतलों पर भी क्यूआर कोड चस्पा करना शुरू कर दिया गया है। इस बार-कोड व क्यूआर कोड की स्कैनिंग करके शराब निर्माता की जानकारी, बॉटलिंग की तारीख व एमआरपी का विवरण जाना जा सकता है। इससे कोई भी व्यक्ति नकली शराब की पहचान आसानी से कर सकता है। कोड की स्कैनिंग करने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए आबकारी विभाग ने यूपीईसीआईएसईस्केनर नामक मोबाइल एप लांच किया है। इस एप के जरिए शराब की बोतल पर अंकित क्यूआर कोड का स्कैन कर जाना जा सकता है कि वह कहां बनी है। उसका दाम कितना है। साथ ही कहां के लिए भेजी गई है। इसे गूगल प्ले स्टोर के अलावा आबकारी विभाग की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटयूपीईसीआईएसईडॉटकॉम से भी डाउनलोड किया जा सकेगा।
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शराब की पहचान के लिए 1 अप्रैल से लागू होने वाला एप लाभकारी साबित होगा, इससे विभाग को भी काफी सहूलियत होगी। इसके लिए शराब की बोतलों पर बारकोड व क्यूआर कोड अंकित रहेगा।
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गंगाराम, जिला आबकारी अधिकारी