फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   The thread of life and the hopes of sisters snapped before Raksha Bandhan.

Jhansi News: रक्षाबंधन से पहले टूटी जिंदगी की डोर और बहनों की उम्मीद

Fri, 28 Aug 2026 02:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2026 02:27 AM IST
विज्ञापन
The thread of life and the hopes of sisters snapped before Raksha Bandhan.
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन


झांसी। जेल से जमानत पर बाहर निकले रक्सा के खांच मोहल्ला निवासी पंकज राजपूत (22) ने बृहस्पतिवार को घर के अंदर फंदा लगाकर जान दे दी। रक्षाबंधन से एक दिन पहले चार बहनों के भाई ने खुदकुशी कर अपनी जिंदगी की डोर और बहनों की उम्मीदों को तोड़ दिया। नाबालिग से दुष्कर्म आरोप में उसे जेल भेजा गया था। परिजनों के मुताबिक जेल जाने के बाद से पंकज गुमशुम रहता था। जमानत पर बाहर आने के बाद भी वह गांव में कम आता था। परिजन सुसाइड की वजह नहीं बता सके। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पंकज परिवार में सबसे छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। पिता के साथ खेती किसानी भी करता था। करीब दो साल पहले उसके खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस मामले में करीब डेढ़ साल वह जेल में रहा। हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर दो माह पहले ही वह बाहर आया था।
विज्ञापन

पंकज के परिजनों का कहना है कि पंकज को गलत तरीके से फंसा दिया गया। बाहर आने के बाद से पीड़िता के परिजन लगातार उसकी शिकायत करते थे। इससे वह गांव में कम रहता था। बुधवार को कई दिनों के बाद वह घर आया। सुबह कमरे से न निकलने पर दोपहर में मां कुंवर खाने के लिए उसे बुलाने गई। यहां उसका शव फंदे से लटका दिखा। यह देख मां चीखकर बेहोश हो गई। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। फोरेंसिक टीम भी बुला ली गई। रक्सा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। परिजन भी साफ तौर तौर पर कुछ नहीं बता सके। मामले की छानबीन कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


00
...लो हम तो जा रहे हैं, अब शहर से तुम्हारे
पंकज ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले सोशल मीडिया पर दो स्टेटस लगाए। पहले स्टेटस के साथ उसने, लो हम तो जा रहे हैं, अब शहर से तुम्हारे गाना लगाया। वहीं, दूसरे स्टेटस में लिखा कि हर्ष बाबा मिस यू, तेरा भाई चल तेरे पास नहीं रहेगा, रोने के लिए आ जाना। कुछ स्टेटस में उसने फोटो लगा रखी हैं। ये स्टेटस परिवार ने पुलिस को दिखाए। मऊरानीपुर निवासी हर्ष भी पंकज के साथ जेल में बंद था। यहां उनकी दोस्ती हो गई थी।

रक्षाबंधन से एक दिन पहले बहनों को रूला गया भाई
रक्षाबंधन से एक दिन पहले पंकज के सुसाइड की खबर से उसकी चार बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पंकज परिवार में सबसे छोटा था। उसकी बड़ी बहनों रूबी (30), कमलेश (32), रामसखी (23) की शादी हो चुकी, जबकि ममता (22) अविवाहित है। पंकज ने उनको बहनों को रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए बुलाया था। सभी ने बृहस्पतिवार को घर आने की बात कही थी, लेकिन, त्योहार से एक दिन पहले ही पंकज ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। उधर, पंकज के बड़े भाई नरेंद्र ने रक्सा थाने में तहरीर देते हुए आरोप लगाया कि उसके खिलाफ गलत मामला दर्ज कराया गया। उससे गांव के लोग दस लाख रुपये की मांग कर रहे थे। उसने मामले की जांच कराने की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed