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इसलिए बंद की जाती हैं पावर प्लांट की इकाइयां
jhansi
Updated Thu, 29 Nov 2018 01:11 AM IST
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parichha power plant
- फोटो : demo
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बिजली की खपत के हिसाब से उपलब्धता अधिक होने पर फ्रिक्वेंसी बढ़ जाती हैं, इससे मशीनें ट्रिप हो जाती हैं। सिस्टम को बचाने के लिए इकाइयों को बंद करना पड़ता है। बिजली खपत के हिसाब से उपलब्धता कम होने पर वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो जाती है। बिजली को स्टोर नहीं किया जा सकता। इस कारण उतना ही उत्पादन किया जाता है, जितनी जरूरत होती है।
जानकारों के अनुसार इसी कारण पारीछा और ललितपुर प्लांट की इकाइयां बंद की गई हैं। पारीछा थर्मल पावर प्लांट में 110 मेगावाट की दो, 210 मेगावाट की दो और 250 मेगावाट की दो इकाइयां संचालित हैं। इनमें 110 मेगावाट की नंबर एक इकाई मेंटेनेंस के कारण बंद चल रही है। इन दिनों प्रदेश में सर्दी की शुरुआत में बिजली की मांग कम हो गई है। इस कारण स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के आदेश पर चालू पांचों इकाइयों को मंगलवार से बंद कर दिया गया है।
वर्तमान में प्लांट की सभी मशीनें बंद चल रही हैं, जिससे हवा में धुआं भी दिखना बंद हो गया है। बताया गया है कि पारीछा के साथ ही ललितपुर बजाज पावर प्लांट की भी सभी इकाइयों को बंद कर दिया गया है। मालूम हो कि प्रदेश में आम दिनों में 16 से 17 हजार मेगावाट बिजली की मांग रहती है। वर्तमान में यह मांग घटकर साढ़े ग्यारह हजार पर पहुंच गई है।
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जानकारों के अनुसार इसी कारण पारीछा और ललितपुर प्लांट की इकाइयां बंद की गई हैं। पारीछा थर्मल पावर प्लांट में 110 मेगावाट की दो, 210 मेगावाट की दो और 250 मेगावाट की दो इकाइयां संचालित हैं। इनमें 110 मेगावाट की नंबर एक इकाई मेंटेनेंस के कारण बंद चल रही है। इन दिनों प्रदेश में सर्दी की शुरुआत में बिजली की मांग कम हो गई है। इस कारण स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के आदेश पर चालू पांचों इकाइयों को मंगलवार से बंद कर दिया गया है।
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वर्तमान में प्लांट की सभी मशीनें बंद चल रही हैं, जिससे हवा में धुआं भी दिखना बंद हो गया है। बताया गया है कि पारीछा के साथ ही ललितपुर बजाज पावर प्लांट की भी सभी इकाइयों को बंद कर दिया गया है। मालूम हो कि प्रदेश में आम दिनों में 16 से 17 हजार मेगावाट बिजली की मांग रहती है। वर्तमान में यह मांग घटकर साढ़े ग्यारह हजार पर पहुंच गई है।
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