फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   The weather began to change the foreign tourists

मौसम बदलते ही आने लगे विदेशी पर्यटक

Wed, 26 Oct 2016 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 26 Oct 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
The weather began to change the foreign tourists
tourists news - फोटो : demo
 रेलवे स्टेशन पर दिल्ली से आने वाली गाड़ियों से रोजाना पर्यटकों के जत्थे उतर रहे हैं। हालांकि, सुविधाओं के अभाव में वह झांसी में नहीं ठहरते हैं। बल्कि, यहां से सीधे मप्र. के ओरछा व खजुराहो के लिए रवाना हो जाते हैं।
विज्ञापन

विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो, ओरछा के दर्शनीय स्थलों को देखने के लिए पंद्रह जुलाई से पंद्रह सितंबर तक स्पेनिस व इटेलियन ग्रुप भारत आते हैं। इसी तरह अक्तूबर से फरवरी तक अमेरिकन, ब्रिटिश, चाइना, जापान, कोरिया के ग्रुप आते हैं। अधिकतर विदेशी सैलानी निर्धारित कार्यक्रम के हिसाब से शताब्दी एक्सप्रेस से आगरा से झांसी आते हैं और एक दिन खजुराहो में गुजारने के बाद वापस शताब्दी एक्सप्रेस से लौट जाते हैं। कुछ यात्री एक दिन ओरछा व एक दिन खजुराहो में बिताने के बाद लौटते हैं। टूर आपरेटरों ने झांसी का किला व संग्रहालय को चार्ट में शामिल कर रखा है, मगर सुविधाओं के अभाव में यहां पर्यटक नहीं ठहरते हैं। इससे बुंदेलखंड के यूपी के हिस्से को करोड़ों रुपये के राजस्व की चपत लग रही हैं।
विज्ञापन


‘विदेशी सैलानियों को ठहराने के अनुरूप संसाधन नहीं है। पहूज व पारीछा बांध पर रिसोर्ट बनाकर सैलानियों को नेचुरल शांति दी जा सकती है। इस संबंध में यूपी प्रोजेक्ट कारपोरेशन को पत्र लिखा गया है।’
विज्ञापन
विज्ञापन

- डॉ. कल्याण सिंह यादव, पर्यटन अधिकारी


इन जरूरतों को करना होगा पूरा
- झांसी व आसपास के किसी भी दर्शनीय स्थल के पास रिसोर्ट नहीं हैं, जहां विदेशी सैलानियों को सुकून मिल सके।
- किले को देखने के लिए आम लोगों से 25 रुपये व विदेशी सैलानियों से 150 रुपये लिए जाते हैं। किराए के इस अंतर को बराबर होना चाहिए।
- दर्शनीय स्थलों तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़कें नहीं हैं। जबकि मध्य प्रदेश में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है।
- लग्जरी होटलों की कमी है। एक साथ डेढ़ सौ से तीन सौ विदेशी सैलानी एक जगह ठहराए जा सकें, ऐसे होटलों की व्यवस्था नहीं है।
- पर्यटन विभाग को अन्य विभागों का सहयोग नहीं मिल पाता, इस कारण विदेशी सैलानियों को झांसी में ठहराने की कोशिशें आगे नहीं बढ़ पा रही है।


झांसी को जोड़ने के प्रयास में जुटें आपरेटर
टूर ऑपरेटर झांसी व आसपास के दर्शनीय स्थलों को एक दिन के कार्यक्रम में शामिल कराने के लिए जुटे हुए हैं, ताकि संबंधित कंपनियां विदेशी सैलानियों का ओरछा व खजुराहो की तरह झांसी में भी एक दिन का कार्यक्रम तय करें। विगत 5, 6 व 7 सितंबर को गुड़गांव में सीताकोनी कंपनी ने टूर ऑपरेटरों के एक सेमिनार का आयोजन किया था, जिसमें संजीव दुबे समेत कई टूर ऑपरेटरों ने झांसी व आसपास के दर्शनीय स्थलों को देखने के लिए एक दिन का कार्यक्रम और बढ़ाने का सुझाव दिया था, जिसे कंपनी ने गंभीरता से लिया। इसमें झांसी का किला, राजकीय संग्रहालय, ललितपुर का देवगढ़, बरुआसागर झील, बरुआसागर की सब्जी मंडी, गढ़कुंडार व जराय का मठ दिखाने की प्लानिंग है।  


पार्किंग की नहीं उचित व्यवस्था
रेलवे स्टेशन पर रोजाना ट्रेनों से आने वाले विदेशी पर्यटकों को खजुराहो व ओरछा भ्रमण कराने के लिए दिल्ली, आगरा, वाराणसी व खजुराहो से बसें आतीं हैं। हर रोज ढाई सौ से तीन सौ टूरिस्ट यहां आते हैं। सात साल पहले तक स्टेशन के सामने पार्किंग के लिए जगह निर्धारित थी। लेकिन, बाद में पार्किंग हटा देने के कारण टूरिस्ट बसें सड़क की दूसरी तरफ खड़ी हो रहीं हैं। विदेशी पर्यटकों को सड़क पार करबस में बैठना पड़ता है।


यह भी एक कारण
टूर आपरेटर्स ने खजुराहो से लौटते समय पर्यटकों को झांसी का किला व संग्रहालय दिखाना भी रूट चार्ट में शामिल कर रखा है। मगर, इन धरोहरों के आसपास शौचालय, रेस्टारेंट, पार्किंग जैसी सुविधाएं न होने से टूर ऑपरेटर बचते हैं। दूसरा इनको देखने के लिए दो घंटे का समय चाहिए। चूंकि, शताब्दी एक्सप्रेस प्लेटफार्म चार पर आती है। इस कारण प्लेटफार्म तक पहुंचने, लगेज ले जाने व बुक कराने में एक घंटे का समय जाया हो जाता है। इस कारण भी पर्यटक उक्त राष्ट्रीय धरोहरों को देखने से वंचित रह जाते हैं। टूर आपरेटर्स चाहते हैं कि अगर भोपाल से नई दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस प्लेटफार्म एक नंबर पर आने लगे तो पर्यटकों को झांसी घुमाना शुरू कर दिया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed