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फोन उठता नहीं, छुट्टियां की आस नहीं और तनाव भी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jan 2017 01:09 AM IST
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सीनियर रेलवे इंस्टीट्यूट में बृहस्पतिवार को आयोजित संरक्षा संवाद संगोष्ठी में रेल ड्राइवरों की पत्नियों ने घर में अपनी भूमिका और पति को नौकरी में होने वाली परेशानियों को बेबाकी से रखा। कहा कि न तो ड्यूटी का समय तय है और न ही छुट्टियों की आस। न तो फोन पर बात हो पाती है और न ही उनसे अपनी बातें साझा कर पाती हैं। डीआरएम एके मिश्रा ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके निराकरण का आश्वासन दिया।
संगोष्ठी में ड्राइवर, सहायक ड्राइवर और अन्य रनिंग कर्मचारियों के जीवन काल में उनके परिवार की अहम भूमिका के ऊपर चर्चा की गई। इस अवसर पर डीआरएम एके मिश्रा ने बताया कि रनिंग कर्मचारियों की सतर्कता के स्तर को बनाए रखने के लिए उनके घर व रनिंग रूमों में उनका गुणवत्ता पूर्ण विश्राम लेना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान रेल ड्राइवरों की पत्नियों ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि उनके पति की ड्यूटी का कोई समय निर्धारित नहीं होता है।
रेलवे ड्राइवरों की पत्नियों ने यह भी शिकायत की कि रेस्ट और अन्य अवकाश भी समय पर नहीं मिलते हैं। सीयूजी नंबर भी लाइन पर जाने पर बंद करना पड़ता है। इससे परिवार तनाव बना रहता है। घर में कोई समस्या आने पर वे तुरंत अपने पति से साझा भी नहीं कर पाती हैं। ऑफिस का भी फोन नहीं उठता है। पति के ड्यूटी से घर आने पर उनको पूरा आराम मिले, इसके लिए पूरा माहौल शांत रखना पड़ता है। न तो टीवी देखकर मनोरंजन कर पाते और न ही बच्चे खेल पाते हैं। अगर ड्राइवरों की प्रोपर ड्यूटी बुकिंग शुरू हो जाए तो घर में मनोरंजक व तनावमुक्त माहौल खत्म हो जाएगा।
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इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक विनीत सिंह, सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनिर आफताब अहमद, आशीष अग्रवाल, वी के तिवारी, चंद्रपाल, जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह व अन्य अफसर मौजूद थे।
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संगोष्ठी में ड्राइवर, सहायक ड्राइवर और अन्य रनिंग कर्मचारियों के जीवन काल में उनके परिवार की अहम भूमिका के ऊपर चर्चा की गई। इस अवसर पर डीआरएम एके मिश्रा ने बताया कि रनिंग कर्मचारियों की सतर्कता के स्तर को बनाए रखने के लिए उनके घर व रनिंग रूमों में उनका गुणवत्ता पूर्ण विश्राम लेना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान रेल ड्राइवरों की पत्नियों ने अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि उनके पति की ड्यूटी का कोई समय निर्धारित नहीं होता है।
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रेलवे ड्राइवरों की पत्नियों ने यह भी शिकायत की कि रेस्ट और अन्य अवकाश भी समय पर नहीं मिलते हैं। सीयूजी नंबर भी लाइन पर जाने पर बंद करना पड़ता है। इससे परिवार तनाव बना रहता है। घर में कोई समस्या आने पर वे तुरंत अपने पति से साझा भी नहीं कर पाती हैं। ऑफिस का भी फोन नहीं उठता है। पति के ड्यूटी से घर आने पर उनको पूरा आराम मिले, इसके लिए पूरा माहौल शांत रखना पड़ता है। न तो टीवी देखकर मनोरंजन कर पाते और न ही बच्चे खेल पाते हैं। अगर ड्राइवरों की प्रोपर ड्यूटी बुकिंग शुरू हो जाए तो घर में मनोरंजक व तनावमुक्त माहौल खत्म हो जाएगा।
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इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक विनीत सिंह, सीनियर डीसीएम दुर्गेश दुबे, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनिर आफताब अहमद, आशीष अग्रवाल, वी के तिवारी, चंद्रपाल, जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह व अन्य अफसर मौजूद थे।