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दुष्कर्म में दस साल की सजा
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दुष्कर्म में दस साल की सजा
झांसी। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/ अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार सिंह की अदालत ने बालिका के साथ दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को दस साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, तीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
पैैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) तेज सिंह गौर के अनुसार थाना सकरार इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति ने थाने पर लिखित तहरीर देते हुए बताया था कि 28 मई 2015 को उनकी पुत्री रात करीब 12 बजे घर थी। रात करीब तीन बजे मां के जागने पर पुत्री नहीं मिली। पता चला कि भगवत उसे भगा ले गया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने भगवत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। पुलिस ने बालिका को बरामद कर बयान दर्ज कराने के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया था।
शुक्रवार को दोष सिद्घ होने पर अदालत ने अभियुक्त को धारा 366 के अपराध में पांच वर्ष का अतिरिक्त कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्र्थदंड अदा न करने पर तीन माह का कारावास भुगतना होगा। धारा 376 में 10 वर्ष का कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेगीं। अर्थदंड में से पीड़िता को पचास प्रतिशत धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप मेें प्रदान की जाएगी।
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झांसी। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/ अपर सत्र न्यायाधीश संजय कुमार सिंह की अदालत ने बालिका के साथ दुष्कर्म का दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को दस साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, तीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
पैैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) तेज सिंह गौर के अनुसार थाना सकरार इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति ने थाने पर लिखित तहरीर देते हुए बताया था कि 28 मई 2015 को उनकी पुत्री रात करीब 12 बजे घर थी। रात करीब तीन बजे मां के जागने पर पुत्री नहीं मिली। पता चला कि भगवत उसे भगा ले गया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने भगवत के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। पुलिस ने बालिका को बरामद कर बयान दर्ज कराने के बाद आरोप पत्र अदालत में पेश किया था।
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शुक्रवार को दोष सिद्घ होने पर अदालत ने अभियुक्त को धारा 366 के अपराध में पांच वर्ष का अतिरिक्त कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्र्थदंड अदा न करने पर तीन माह का कारावास भुगतना होगा। धारा 376 में 10 वर्ष का कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेगीं। अर्थदंड में से पीड़िता को पचास प्रतिशत धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप मेें प्रदान की जाएगी।
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