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Jhansi: गैर इरादतन हत्या में पति को चार साल का कारावास, शराब के नशे में पत्नी को दिया था धक्का
Wed, 02 Sep 2026 11:29 AM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Wed, 02 Sep 2026 11:29 AM IST
सार
घटना करीब चार साल पुरानी है। शराब के नशे में झगड़े के दौरान दशरथ ने वती को धक्का दे दिया। वती के सिर में गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी।
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कोर्ट का आदेश।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
पत्नी की मौत के मामले में एडीजे न्यायालय-2 देवाशीष की अदालत ने पति दशरथ आदिवासी को दोषी माना। गैर इरादतन हत्या की धारा के तहत चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। उस पर अर्थदंड भी लगाया है। घटना करीब चार साल पुरानी है।
अभियोजन के मुताबिक गांव के चौकीदार धीरज सिंह ने चिरगांव थाना पुलिस को तहरीर दी थी। उसमें बताया था कि दशरथ अपनी पत्नी वती देवी के साथ डबरा बुजुर्ग गांव में रहता था। आठ अक्तूबर 2022 की देर रात शराब के नशे में दोनों पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान दशरथ ने वती को धक्का दे दिया। धक्का लगने से वह खड़ंजे पर गिर पड़ी थी और पत्थर से टकरा गई थी। उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया था। अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए छह गवाह पेश किए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि दशरथ का यह पहला अपराध है वह गरीब है। परिवार का अकेला कमाने वाला व्यक्ति है, लेकिन एडीजीसी द्वारा दिए गए तर्क व साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोषी को चार वर्ष कारावास की सजा सजा सुनाई व पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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अभियोजन के मुताबिक गांव के चौकीदार धीरज सिंह ने चिरगांव थाना पुलिस को तहरीर दी थी। उसमें बताया था कि दशरथ अपनी पत्नी वती देवी के साथ डबरा बुजुर्ग गांव में रहता था। आठ अक्तूबर 2022 की देर रात शराब के नशे में दोनों पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान दशरथ ने वती को धक्का दे दिया। धक्का लगने से वह खड़ंजे पर गिर पड़ी थी और पत्थर से टकरा गई थी। उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया था। अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए छह गवाह पेश किए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि दशरथ का यह पहला अपराध है वह गरीब है। परिवार का अकेला कमाने वाला व्यक्ति है, लेकिन एडीजीसी द्वारा दिए गए तर्क व साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोषी को चार वर्ष कारावास की सजा सजा सुनाई व पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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