{"_id":"68d993e1c1a5ca9f7702d5e2","slug":"surpanakha-ran-to-kill-sita-lakshman-cut-off-her-nose-and-ears-jhansi-news-c-131-1-ltp1005-143507-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: सीता को मारने दौड़ी सूर्पणखा... लक्ष्मण ने काटे नाक-कान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: सीता को मारने दौड़ी सूर्पणखा... लक्ष्मण ने काटे नाक-कान
विज्ञापन
महरौनी/ललितपुर। श्रीरामयश कीर्तन मंडली के तत्वावधान में रामलीला महोत्सव में शनिवार को सूर्पणखा के नाक कान काटने और खर दूषण के वध की लीला का मंचन किया गया।
रावण की बहन सूर्पणखा पंचवटी में राम और लक्ष्मण को देखकर उनके रूप पर मोहित हो जाती है। वह सुंदर रूप धारण कर राम और लक्ष्मण के पास जाकर प्रणय निवेदन करती है, लेकिन वे दोनों उसके प्रस्ताव को अस्वीकार कर देते हैं। सूर्पणखा तरह-तरह से उनको रिझाने का प्रयास करती है, लेकिन जब वह विफल हो जाती है तो क्रोधित होकर सीता को मारने दौड़ती है। लक्ष्मण को क्रोध आता है और वह सूर्पणखा के नाक-कान काटकर दंड देते हैं।
इसके बाद वह दर्द से कराहती हुई इसकी शिकायत लेकर खर-दूषण के पास जाती है। वे दोनों आकर राम और लक्ष्मण को ललकारते हैं। तब श्रीराम खर-दूषण का वध कर देते हैं। इसके बाद सूर्पणखा रावण के दरबार में जाती है और पूरा वृत्तांत सुनाती है। कुपित होकर रावण फिर राम और लक्ष्मण से बदला लेने की योजना बनाता है। इसी दौरान भारी बारिश होने पर मंचन को विराम दिया गया।
विज्ञापन
लीला मंचन से पूर्व जिपं अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, भाजपा जिला मंत्री निखिल तिवारी, सर्व स्वर्णकार अध्यक्ष शंकर सोनी, जयनारायण साहू, कैलाश साहू, टीना वर्मा, वैशाली वर्मा, प्रिंस नायक, शुभम श्रीवास्तव ने भगवान की आरती उतारी। मंचन में प्रखर मिश्रा, आदर्श उदैनिया, सूर्या नायक, विजयकांत सुडे़ले, सत्येंद्र, विनोद कुशवाहा, सूर्यकांत त्रिपाठी, अनिल सिलौनिया, कल्लू राजा, राजबहादुर खरे, विवेक तिवारी, दिव्यांश खरे आदि ने सराहनीय अभिनय किया।
विज्ञापन
रावण की बहन सूर्पणखा पंचवटी में राम और लक्ष्मण को देखकर उनके रूप पर मोहित हो जाती है। वह सुंदर रूप धारण कर राम और लक्ष्मण के पास जाकर प्रणय निवेदन करती है, लेकिन वे दोनों उसके प्रस्ताव को अस्वीकार कर देते हैं। सूर्पणखा तरह-तरह से उनको रिझाने का प्रयास करती है, लेकिन जब वह विफल हो जाती है तो क्रोधित होकर सीता को मारने दौड़ती है। लक्ष्मण को क्रोध आता है और वह सूर्पणखा के नाक-कान काटकर दंड देते हैं।
विज्ञापन
इसके बाद वह दर्द से कराहती हुई इसकी शिकायत लेकर खर-दूषण के पास जाती है। वे दोनों आकर राम और लक्ष्मण को ललकारते हैं। तब श्रीराम खर-दूषण का वध कर देते हैं। इसके बाद सूर्पणखा रावण के दरबार में जाती है और पूरा वृत्तांत सुनाती है। कुपित होकर रावण फिर राम और लक्ष्मण से बदला लेने की योजना बनाता है। इसी दौरान भारी बारिश होने पर मंचन को विराम दिया गया।
विज्ञापन
लीला मंचन से पूर्व जिपं अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, भाजपा जिला मंत्री निखिल तिवारी, सर्व स्वर्णकार अध्यक्ष शंकर सोनी, जयनारायण साहू, कैलाश साहू, टीना वर्मा, वैशाली वर्मा, प्रिंस नायक, शुभम श्रीवास्तव ने भगवान की आरती उतारी। मंचन में प्रखर मिश्रा, आदर्श उदैनिया, सूर्या नायक, विजयकांत सुडे़ले, सत्येंद्र, विनोद कुशवाहा, सूर्यकांत त्रिपाठी, अनिल सिलौनिया, कल्लू राजा, राजबहादुर खरे, विवेक तिवारी, दिव्यांश खरे आदि ने सराहनीय अभिनय किया।