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Jhansi News: एआई से बनेंगे स्पेशल बैक परीक्षा के प्रश्नपत्र
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सबहेड- एकेटीयू में एमसीक्यू आधारित होगी ऑनलाइन परीक्षा, नकल पर नकेल के साथ ही जल्द आएगा परिणाम
अक्षय कुमार
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ने अपने कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का प्रयोग शुरू कर दिया है। विवि अगले महीने प्रस्तावित स्पेशल बैक परीक्षा के प्रश्नपत्र एआई से तैयार करेगा। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। इससे एक ही सवाल को कई तरह से पूछा जा सकेगा जिससे हर विद्यार्थी के जवाब में अंतर होगा और नकल की संभावना भी कम होगी।
विवि प्रशासन ने पूर्व में विश्वविद्यालय को एआई यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने की बात कही थी। इसकी शुरुआत नवंबर में प्रस्तावित स्पेशल बैक परीक्षा से की जा रही है। ट्रायल भी शुरू हो गया है। हालांकि एआई से तैयार प्रश्नपत्र की विशेषज्ञ शिक्षकों से मॉडरेशन की प्रक्रिया पूर्व की भांति जारी रहेगी। परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजीव कुमार ने बताया कि हमने बैक पेपर परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। यह परीक्षा बहुविकल्पीय सवालों पर (एमसीक्यू) आधारित होगी। परीक्षा ऑनलाइन कराई जाएगी। एआई से पेपर तैयार कराने से जहां इसमें नकल की संभावना समाप्त होगी और एक ही सवाल के जवाब का उत्तर अलग-अलग विद्यार्थियों के पेपर में अलग होगा। वहीं ऑनलाइन परीक्षा कराने से परिणाम भी जल्द आएंगे। इससे विद्यार्थियों का काफी समय बचेगा।
कैसे तैयार कर रहे पेपर
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि पहले हम एआई आधारित टूल को संबंधित विषय का पूरा सिलेबस रीड कराते हैं। साथ ही पिछले कुछ सालों की परीक्षा के पेपर सैंपल भी रीड करा रहे हैं। इसके बाद सिलेबस को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर एआई से सवाल और उसके जवाब तैयार करा रहे हैं। समय की बचत के साथ ही इसमें कोई शिक्षक शामिल नहीं होगा। चूंकि इस बार एमसीक्यू आधारित परीक्षा हो रही है तो विशेष सतर्कता भी बरती जा रही है।
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सवाल पूछने का तरीका भी बदला जाएगा
प्रो. पांडेय ने बताया कि पिछले कई सालों से एक ही पैटर्न पर आधारित सवाल पूछे जा रहे हैं। एआई से पेपर तैयार कराने में यह फायदा होगा कि हम सवाल पूछने का तरीका भी बदल सकते हैं। एक ही सवाल कई तरह से पूछे जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभी चल रहे ट्रायल में एआई सवालों के जवाब भी काफी विस्तार से हल करके दे रहा है। जो आगे चलकर हमारे शिक्षकों के लिए भी फायदेमंद होगा।
फाइनल ईयर के छात्रों को मिलेगी राहत
कुलपति ने कहा कि फाइनल ईयर के छात्रों के लिए स्पेशल बैक परीक्षा अलग से कराई जा रही है। इससे उन पर अतिरिक्त दबाव नहीं होगा। अभी उन्हें एक तरफ नियमित परीक्षा और उसी के साथ बैक पेपर की परीक्षा देनी पड़ती है तो उन पर अतिरिक्त दबाव होता है। वहीं इस बदली हुई व्यवस्था में परीक्षा ज्यादा लंबी नहीं खिंचेगी।
यह होगा खास
- करीब 30 हजार छात्र स्पेशल बैक में शामिल होंगे।
- 12 दिन में हो जाएगी परीक्षा।
- लगभग 230 पेपर तैयार किए जाएंगे।
- परिणाम भी दस दिन के भीतर आ जाएगा।
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अक्षय कुमार
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) ने अपने कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का प्रयोग शुरू कर दिया है। विवि अगले महीने प्रस्तावित स्पेशल बैक परीक्षा के प्रश्नपत्र एआई से तैयार करेगा। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। इससे एक ही सवाल को कई तरह से पूछा जा सकेगा जिससे हर विद्यार्थी के जवाब में अंतर होगा और नकल की संभावना भी कम होगी।
विवि प्रशासन ने पूर्व में विश्वविद्यालय को एआई यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित करने की बात कही थी। इसकी शुरुआत नवंबर में प्रस्तावित स्पेशल बैक परीक्षा से की जा रही है। ट्रायल भी शुरू हो गया है। हालांकि एआई से तैयार प्रश्नपत्र की विशेषज्ञ शिक्षकों से मॉडरेशन की प्रक्रिया पूर्व की भांति जारी रहेगी। परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजीव कुमार ने बताया कि हमने बैक पेपर परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। यह परीक्षा बहुविकल्पीय सवालों पर (एमसीक्यू) आधारित होगी। परीक्षा ऑनलाइन कराई जाएगी। एआई से पेपर तैयार कराने से जहां इसमें नकल की संभावना समाप्त होगी और एक ही सवाल के जवाब का उत्तर अलग-अलग विद्यार्थियों के पेपर में अलग होगा। वहीं ऑनलाइन परीक्षा कराने से परिणाम भी जल्द आएंगे। इससे विद्यार्थियों का काफी समय बचेगा।
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कैसे तैयार कर रहे पेपर
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि पहले हम एआई आधारित टूल को संबंधित विषय का पूरा सिलेबस रीड कराते हैं। साथ ही पिछले कुछ सालों की परीक्षा के पेपर सैंपल भी रीड करा रहे हैं। इसके बाद सिलेबस को अलग-अलग हिस्सों में बांटकर एआई से सवाल और उसके जवाब तैयार करा रहे हैं। समय की बचत के साथ ही इसमें कोई शिक्षक शामिल नहीं होगा। चूंकि इस बार एमसीक्यू आधारित परीक्षा हो रही है तो विशेष सतर्कता भी बरती जा रही है।
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सवाल पूछने का तरीका भी बदला जाएगा
प्रो. पांडेय ने बताया कि पिछले कई सालों से एक ही पैटर्न पर आधारित सवाल पूछे जा रहे हैं। एआई से पेपर तैयार कराने में यह फायदा होगा कि हम सवाल पूछने का तरीका भी बदल सकते हैं। एक ही सवाल कई तरह से पूछे जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अभी चल रहे ट्रायल में एआई सवालों के जवाब भी काफी विस्तार से हल करके दे रहा है। जो आगे चलकर हमारे शिक्षकों के लिए भी फायदेमंद होगा।
फाइनल ईयर के छात्रों को मिलेगी राहत
कुलपति ने कहा कि फाइनल ईयर के छात्रों के लिए स्पेशल बैक परीक्षा अलग से कराई जा रही है। इससे उन पर अतिरिक्त दबाव नहीं होगा। अभी उन्हें एक तरफ नियमित परीक्षा और उसी के साथ बैक पेपर की परीक्षा देनी पड़ती है तो उन पर अतिरिक्त दबाव होता है। वहीं इस बदली हुई व्यवस्था में परीक्षा ज्यादा लंबी नहीं खिंचेगी।
यह होगा खास
- करीब 30 हजार छात्र स्पेशल बैक में शामिल होंगे।
- 12 दिन में हो जाएगी परीक्षा।
- लगभग 230 पेपर तैयार किए जाएंगे।
- परिणाम भी दस दिन के भीतर आ जाएगा।