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Jhansi News: चलती ट्रेन के एसी कोच में शार्ट सर्किट से भरा धुआं, खांस-खांसकर बेहाल यात्रियों ने रोकी गाड़ी
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झांसी। बांद्रा टर्मिनल से झांसी आ रही साप्ताहिक ट्रेन के एसी कोच में बीती रात शार्ट सर्किट हो जाने से धुआं भर गया। हालात यह हो गए कि यात्री खांस -खांसकर बेहाल हो गए। इसी दौरान किसी ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका। शिवपुरी के पास आउटर पर ट्रेन करीब डेढ़ घंटे खड़ी रही। रेलवे के इंजीनियरों ने जब चेक किया तो पता चला कि कोच के इलेक्ट्रानिक पैनल में चूहे फंस गए थे जिससे शार्ट सर्किट हुआ। बाद में सभी यात्रियों को दूसरे कोच में शिफ्ट किया गया तब ट्रेन झांसी के लिए रवाना हुई।
शनिवार की सुबह पांच बजे बांद्रा टर्मिनल से साप्ताहिक गाड़ी 02200 झांसी के लिए रवाना हुई थी। ट्रेन रात को तकरीबन ग्यारह बजे शिवपुरी में दाखिल हुई। इसी दरम्यान थर्ड एसी कोच बी-2 में अचानक धुआं उठने लगा। इससे पहले कि यात्री कुछ समझ पाते कोच धुएं के गुबार से भर गया। इससे यात्रियों की सांस फूलने लगी। इस बीच कोच का सायरन बज गया। यात्री दहशत में आ गए और उन्होंने चेन खींचकर ट्रेन रोक दी और सभी कोच से बाहर आकर लाइनों के किनारे खड़े हो गए। कई यात्री सो रहे थे, जिन्हें जगाकर उतारा गया। इससे यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई। जानकारी होने पर ट्रेन स्टाफ मौके पर पहुंच गया। यात्रियों को तत्काल दूसरे कोच में शिफ्ट किया गया। पड़ताल करने पर पता चला कि गाड़ी के इलेक्ट्रिक पैनल में चूहे फंस गए थे। इससे शॉर्ट सर्किट हो गया था, जिससे धुआं उठने लगा। गड़बड़ी को दुरुस्त करने में लगभग डेढ़ घंटे लग गए। इस दरम्यान ट्रेन जंगल में ही खड़ी रही। कोच में ज्यादातर झांसी के यात्री सवार थे। रविवार की सुबह पांच बजे गाड़ी के झांसी स्टेशन पर पहुंचने पर सभी ने राहत की सांस ली।
धुएं से घुटने लगा था दम
झांसी। गाड़ी में उज्जैन से झांसी के लिए यात्रा कर रहे शोभित शर्मा ने बताया कि पहले कोच में हल्का धुआं था, जिसे यात्री नजरअंदाज करते रहे, परंतु एकाएक पूरा कोच धुएं से भर गया और इसी के साथ सायरन बज उठा। इस पर यात्री घबरा गए। चेन खींचकर गाड़ी रोक दी गई और सभी बाहर आ गए। गड़बड़ी दूर होने के बाद भी यात्री डर की वजह से दुबारा उस कोच में सवार नहीं हुए।
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वरना बड़ा हादसा हो जाता
झांसी। गाड़ी में सवार रविंद्र कुमार ने बताया कि शिवपुरी पहुंचने से पहले अचानक गाड़ी रुक गई। गाड़ी जहां खड़ी थी, वहां चारों ओर अंधेरा था, जंगल सा नजर आ रहा था। रेल कर्मचारियों को गड़बड़ी को दूर करने में काफी समय लग गया। लगभग डेढ़ घंटे तक गाड़ी वहीं खड़ी रही। हालांकि, समय रहते यात्रियों को जानकारी हो गई, वरना बड़ी हादसा हो सकता था।
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शनिवार की सुबह पांच बजे बांद्रा टर्मिनल से साप्ताहिक गाड़ी 02200 झांसी के लिए रवाना हुई थी। ट्रेन रात को तकरीबन ग्यारह बजे शिवपुरी में दाखिल हुई। इसी दरम्यान थर्ड एसी कोच बी-2 में अचानक धुआं उठने लगा। इससे पहले कि यात्री कुछ समझ पाते कोच धुएं के गुबार से भर गया। इससे यात्रियों की सांस फूलने लगी। इस बीच कोच का सायरन बज गया। यात्री दहशत में आ गए और उन्होंने चेन खींचकर ट्रेन रोक दी और सभी कोच से बाहर आकर लाइनों के किनारे खड़े हो गए। कई यात्री सो रहे थे, जिन्हें जगाकर उतारा गया। इससे यात्रियों के बीच घबराहट फैल गई। जानकारी होने पर ट्रेन स्टाफ मौके पर पहुंच गया। यात्रियों को तत्काल दूसरे कोच में शिफ्ट किया गया। पड़ताल करने पर पता चला कि गाड़ी के इलेक्ट्रिक पैनल में चूहे फंस गए थे। इससे शॉर्ट सर्किट हो गया था, जिससे धुआं उठने लगा। गड़बड़ी को दुरुस्त करने में लगभग डेढ़ घंटे लग गए। इस दरम्यान ट्रेन जंगल में ही खड़ी रही। कोच में ज्यादातर झांसी के यात्री सवार थे। रविवार की सुबह पांच बजे गाड़ी के झांसी स्टेशन पर पहुंचने पर सभी ने राहत की सांस ली।
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धुएं से घुटने लगा था दम
झांसी। गाड़ी में उज्जैन से झांसी के लिए यात्रा कर रहे शोभित शर्मा ने बताया कि पहले कोच में हल्का धुआं था, जिसे यात्री नजरअंदाज करते रहे, परंतु एकाएक पूरा कोच धुएं से भर गया और इसी के साथ सायरन बज उठा। इस पर यात्री घबरा गए। चेन खींचकर गाड़ी रोक दी गई और सभी बाहर आ गए। गड़बड़ी दूर होने के बाद भी यात्री डर की वजह से दुबारा उस कोच में सवार नहीं हुए।
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वरना बड़ा हादसा हो जाता
झांसी। गाड़ी में सवार रविंद्र कुमार ने बताया कि शिवपुरी पहुंचने से पहले अचानक गाड़ी रुक गई। गाड़ी जहां खड़ी थी, वहां चारों ओर अंधेरा था, जंगल सा नजर आ रहा था। रेल कर्मचारियों को गड़बड़ी को दूर करने में काफी समय लग गया। लगभग डेढ़ घंटे तक गाड़ी वहीं खड़ी रही। हालांकि, समय रहते यात्रियों को जानकारी हो गई, वरना बड़ी हादसा हो सकता था।