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साल भर से बंद है कौशल योजना केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Mar 2017 12:17 AM IST
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साल भर से बंद है कौशल योजना केंद्र
- फोटो : demo
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केंद्र सरकार की नेशनल लेवल मानीटरिंग टीम को पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना का केंद्र बंद मिला। शनिवार को केंद्रीय योजनाओं की हकीकत जांचने आई टीम ने निरीक्षण किया तो पता चला कि बजट के अभाव में 2016 से कार्यालय ठप है। बता दें कि केंद्रीय टीम 25 मार्च तक गांवों का भ्रमण करेगी।
केंद्र सरकार द्वारा संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार मिशन (मनरेगा), प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, विभिन्न पेंशन योजनाएं, दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, इंटीग्रेटिड वाटर शेड मैनेजमेंट प्रोग्राम, पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना और डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड योजना में क्या प्रगति चल रही है, इसकी मानीटरिंग के लिए केंद्र सरकार की दो सदस्यीय राजेश झा व विमल किशोर की टीम शनिवार को झांसी आई। टीम ने पहले दिन श्याम चौपड़ा स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के कार्यालय का निरीक्षण किया। संस्था प्रमुख मानव श्रीवास्तव व वीपी चाको ने बताया कि 2016 से बजट के अभाव में काम ठप चल रहा है। इससे पहले 595 युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया था, जिसमें से 365 युवाओं को रोजगार मिल गया है। वह सिक्योरिटी एजेंसी में काम कर रहे हैं। दूसरी किस्त का इंतजार किया जा रहा है। इस पर टीम के सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की।
यह टीम 19 व 20 मार्च को बामौर ब्लाक के सरसैंड़ा, बरमपुरा और शमसेरपुरा गांव में योजनाओं की प्रगति देखेगी। 21 व 22 मार्च को मोंठ ब्लाक के अटरिया, बम्हरौली, छपार और धौरका गांव तथा 23 व 24 मार्च को चिरगांव ब्लाक के औपारा, रमपुरा और सुल्तानपुरा गांव का भ्रमण करके योजनाओं की प्रगति देखेगी। इसके अलावा मोंठ के दुरखुरू गांव में इंटीग्रेटिड वाटरशेड मैनेजमेंट प्रोग्राम की प्रगति देखेगी। 25 मार्च को टीम वापस जाएगी।
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पहले बीस गांव देखने का था लक्ष्य
नेशनल लेवल मानीटरिंग टीम को पहले बीस गांव देखने का लक्ष्य था, लेकिन बाद में दस गांवों का निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया।
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केंद्र सरकार द्वारा संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार मिशन (मनरेगा), प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, विभिन्न पेंशन योजनाएं, दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, इंटीग्रेटिड वाटर शेड मैनेजमेंट प्रोग्राम, पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना और डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड योजना में क्या प्रगति चल रही है, इसकी मानीटरिंग के लिए केंद्र सरकार की दो सदस्यीय राजेश झा व विमल किशोर की टीम शनिवार को झांसी आई। टीम ने पहले दिन श्याम चौपड़ा स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के कार्यालय का निरीक्षण किया। संस्था प्रमुख मानव श्रीवास्तव व वीपी चाको ने बताया कि 2016 से बजट के अभाव में काम ठप चल रहा है। इससे पहले 595 युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया था, जिसमें से 365 युवाओं को रोजगार मिल गया है। वह सिक्योरिटी एजेंसी में काम कर रहे हैं। दूसरी किस्त का इंतजार किया जा रहा है। इस पर टीम के सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की।
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यह टीम 19 व 20 मार्च को बामौर ब्लाक के सरसैंड़ा, बरमपुरा और शमसेरपुरा गांव में योजनाओं की प्रगति देखेगी। 21 व 22 मार्च को मोंठ ब्लाक के अटरिया, बम्हरौली, छपार और धौरका गांव तथा 23 व 24 मार्च को चिरगांव ब्लाक के औपारा, रमपुरा और सुल्तानपुरा गांव का भ्रमण करके योजनाओं की प्रगति देखेगी। इसके अलावा मोंठ के दुरखुरू गांव में इंटीग्रेटिड वाटरशेड मैनेजमेंट प्रोग्राम की प्रगति देखेगी। 25 मार्च को टीम वापस जाएगी।
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पहले बीस गांव देखने का था लक्ष्य
नेशनल लेवल मानीटरिंग टीम को पहले बीस गांव देखने का लक्ष्य था, लेकिन बाद में दस गांवों का निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया।