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साहब! कल टूट जाएंगे आशियाने, कहां जाएं हम
ब्यूरो
Updated Sat, 28 Nov 2015 01:30 AM IST
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झांसी। तालपुरा में नवीन तहसील भवन के पास बनी झोपड़-पट्टी रविवार को हटाया जाना प्रस्तावित है। प्रशासन के इस एक्शन से इन झोपड़ पट्टी वासियों की नींद उड़ी हुई है। अपना आशियाना बचाने यह गरीब हर अफसर के दफ्तर की चौखट पूजते घूम रहे हैं, लेकिन कहीं भी इन्हें राहत भरा आश्वासन तक नहीं मिला।
वार्ड संख्या 12 तालपुरा में बने नवीन तहसील भवन के पास दर्जनों दलित और आदिवासी परिवार झोपड़-पट्टी में रहते हैं। तहसील कार्यालय का स्थानांतरण झोपड़-पट्टी होने के कारण नहीं हो पा रहा है। प्रशासन ने झोपड़-पट्टी के लोगों को चेतावनी दी है कि शनिवार तक अपना सामान हटा लें, अन्यथा रविवार को बल पूर्वक हटा दिया जाएगा। प्रशासन की चेतावनी से घबराए लोगों ने अफसरों से फरियाद की।
अधिकारियों का कहना है कि आईएचएसडीपी योजना के करारी में 144 भवन बनाए जा रहे हैं, इनमें से 72 लगभग तैयार हैं, इन लोगों को यहां शिफ्ट किया जा सकता है। लेकिन, यह लोग जाने को तैयार नहीं है। झोपड़-पट्टी में रहने वाले सुनील का कहना है कि हम कबाड़ बीन कर, मजदूरी कर अपना जीवकोपार्जन करते हैं। प्रतिदिन सौ से डेढ़ सौ रुपये की ही आय होती है।
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करारी में रहने से वहां रोजगार नहीं मिलेगा और झांसी आने जाने में पचास से साठ रुपये प्रतिदिन खर्च होंगे, जिसकी मार हमारे पेट पर पड़ेगी। उन्होंने अधिकारियों को पत्र देकर राजीव आवास योजना के तहत आवास आवंटित कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। पत्र में मुन्नी, देशराज, गुड्डो, पूजा वर्मा, मुकेश, सुनीता, मलकी, राधा देवी, पार्वती, संतोषी, सोहन, अनिल आदि के हस्ताक्षर हैं।
मंडलायुक्त के निर्देश पर झोपड़-पट्टी के लोगों को आईएचएसडीपी योजना के तहत आवास दिये जाने की संस्तुति की गई थी, लेकिन यह लोग करारी जाने को तैयार नहीं है। राजीव आवास योजना में उन्हीं लोगों के मकान बनाए जाते हैं, जिनके पास अपनी जमीन हो। इन लोगों के पास जमीन नहीं है, इस कारण इन्हें राजीव आवास योजना से लाभ नहीं दिया जा सकता है।
पंकज कुमार श्रीवास्तव, परियोजना अधिकारी, जिला नगरीय विकास अभिकरण
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वार्ड संख्या 12 तालपुरा में बने नवीन तहसील भवन के पास दर्जनों दलित और आदिवासी परिवार झोपड़-पट्टी में रहते हैं। तहसील कार्यालय का स्थानांतरण झोपड़-पट्टी होने के कारण नहीं हो पा रहा है। प्रशासन ने झोपड़-पट्टी के लोगों को चेतावनी दी है कि शनिवार तक अपना सामान हटा लें, अन्यथा रविवार को बल पूर्वक हटा दिया जाएगा। प्रशासन की चेतावनी से घबराए लोगों ने अफसरों से फरियाद की।
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अधिकारियों का कहना है कि आईएचएसडीपी योजना के करारी में 144 भवन बनाए जा रहे हैं, इनमें से 72 लगभग तैयार हैं, इन लोगों को यहां शिफ्ट किया जा सकता है। लेकिन, यह लोग जाने को तैयार नहीं है। झोपड़-पट्टी में रहने वाले सुनील का कहना है कि हम कबाड़ बीन कर, मजदूरी कर अपना जीवकोपार्जन करते हैं। प्रतिदिन सौ से डेढ़ सौ रुपये की ही आय होती है।
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करारी में रहने से वहां रोजगार नहीं मिलेगा और झांसी आने जाने में पचास से साठ रुपये प्रतिदिन खर्च होंगे, जिसकी मार हमारे पेट पर पड़ेगी। उन्होंने अधिकारियों को पत्र देकर राजीव आवास योजना के तहत आवास आवंटित कराने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है। पत्र में मुन्नी, देशराज, गुड्डो, पूजा वर्मा, मुकेश, सुनीता, मलकी, राधा देवी, पार्वती, संतोषी, सोहन, अनिल आदि के हस्ताक्षर हैं।
मंडलायुक्त के निर्देश पर झोपड़-पट्टी के लोगों को आईएचएसडीपी योजना के तहत आवास दिये जाने की संस्तुति की गई थी, लेकिन यह लोग करारी जाने को तैयार नहीं है। राजीव आवास योजना में उन्हीं लोगों के मकान बनाए जाते हैं, जिनके पास अपनी जमीन हो। इन लोगों के पास जमीन नहीं है, इस कारण इन्हें राजीव आवास योजना से लाभ नहीं दिया जा सकता है।
पंकज कुमार श्रीवास्तव, परियोजना अधिकारी, जिला नगरीय विकास अभिकरण