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शिक्षकों को विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया 26 से होगी शुरू
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झांसी। नवनियुक्त शिक्षकों को जनपद से ही विद्यालय आवंटित किया जाएगा। जिले में तैनाती को लेकर काउंसलिंग की प्रक्रिया 26, 27 और 28 को होगी। अभी तक झांसी में 483 नवनियुक्त शिक्षकों में से 464 ने ज्वाइनिंग कर ली है। वहीं, एक बार फिर जिला मुख्यालय से सटे ब्लाकों बबीना, बड़ागांव के स्कूलों में तैनाती के लिए जद्दोजहद तेज हो गई है। कई शिक्षक इन ब्लॉकों के वह स्कूल तलाश रहे है, जो इन ब्लॉकों में एकल अथवा बंद है।
शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने और बंद एवं एकल विद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या में तैनाती हो। इसके लिए निदेशालय ने 514 नए शिक्षकों की सूची जिले में आवंटित की थी। इनमें से काउंसलिंग एवं अन्य प्रक्रियाओं के बाद दीनदयाल उपाध्याय सभागार एवं जिला बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में आयोजित कार्यक्रमों में 483 को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे। विभाग के अनुसार इनमें से अब तक 464 ने ज्वाइनिंग हासिल कर ली है। वहीं, विद्यालय में पद स्थापना को लेकर निदेशालय ने गाइड लाइन जारी कर दी है। काउंसलिंग एवं विद्यालय आवंटन के बाद सभी नवनियुक्त शिक्षक 31 अक्तूबर से तीन नवंबर तक विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करेंगे। बीएसए हरिवंश कुमार के अनुसार तैनाती को लेकर 26, 27 व 28 अक्तूबर को काउंसलिंग होगी। जनपद से ही विद्यालय आवंटित होगा।
बामौर, गुरसराय, मऊरानीपुर, मोंठ में है शिक्षकों की कमी
बेसिक शिक्षा विभाग की नियमावली पर नजर डाले, तो नव नियुक्त शिक्षकों को आरंभ में अनिवार्य रूप से पिछडे़ क्षेत्र के स्कूलों में कम से कम पांच वर्ष की अवधि के लिए तैनाती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि बबीना, बड़ागांव व चिरगांव सेवित ब्लॉक है। जो महानगर के पास है और इन ब्लाकों में छात्रांकन के मानक से ज्यादा शिक्षक तैनात है। जबकि बामौर, गुरसराय, मऊरानीपुर, मोंठ, बंगरा जहां बंद एवं एकल विद्यालय बड़ी संख्या में है। वहां शिक्षकों की बहुत कमी है। निदेशालय एवं प्रशासन की बैठकों में भी कई बार इन ब्लाकों के बंद एवं एकल स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की तैनाती की बात उच्चाधिकारियों द्वारा कही गई है।
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शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने और बंद एवं एकल विद्यालयों में शिक्षकों की पर्याप्त संख्या में तैनाती हो। इसके लिए निदेशालय ने 514 नए शिक्षकों की सूची जिले में आवंटित की थी। इनमें से काउंसलिंग एवं अन्य प्रक्रियाओं के बाद दीनदयाल उपाध्याय सभागार एवं जिला बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय में आयोजित कार्यक्रमों में 483 को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे। विभाग के अनुसार इनमें से अब तक 464 ने ज्वाइनिंग हासिल कर ली है। वहीं, विद्यालय में पद स्थापना को लेकर निदेशालय ने गाइड लाइन जारी कर दी है। काउंसलिंग एवं विद्यालय आवंटन के बाद सभी नवनियुक्त शिक्षक 31 अक्तूबर से तीन नवंबर तक विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करेंगे। बीएसए हरिवंश कुमार के अनुसार तैनाती को लेकर 26, 27 व 28 अक्तूबर को काउंसलिंग होगी। जनपद से ही विद्यालय आवंटित होगा।
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बामौर, गुरसराय, मऊरानीपुर, मोंठ में है शिक्षकों की कमी
बेसिक शिक्षा विभाग की नियमावली पर नजर डाले, तो नव नियुक्त शिक्षकों को आरंभ में अनिवार्य रूप से पिछडे़ क्षेत्र के स्कूलों में कम से कम पांच वर्ष की अवधि के लिए तैनाती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि बबीना, बड़ागांव व चिरगांव सेवित ब्लॉक है। जो महानगर के पास है और इन ब्लाकों में छात्रांकन के मानक से ज्यादा शिक्षक तैनात है। जबकि बामौर, गुरसराय, मऊरानीपुर, मोंठ, बंगरा जहां बंद एवं एकल विद्यालय बड़ी संख्या में है। वहां शिक्षकों की बहुत कमी है। निदेशालय एवं प्रशासन की बैठकों में भी कई बार इन ब्लाकों के बंद एवं एकल स्कूलों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की तैनाती की बात उच्चाधिकारियों द्वारा कही गई है।
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